औरैया // जिला उपभोक्ता आयोग ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन मेरठ की कार्यप्रणाली को सेवा में कमी और अनुचित व्यवहार का दोषी पाया है जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष जगन्नाथ मिश्र ने सख्त रुख अपनाते हुए ईपीएफओ को आदेश दिया है कि पीड़ित की रुकी हुई 3,84,159 की राशि छह फीसदी ब्याज के साथ 45 दिनों के भीतर अदा करे सदर कोतवाली के गांव राजन्दाजपुर शहाब्दा निवासी गिरजाशंकर साल 2016 से एक निजी सुरक्षा एजेंसी में गनमैन थे। उनका पीएफ अंशदान मेरठ कार्यालय में जमा हो रहा था नवंबर 2023 में बेटी की शादी के लिए जब उन्होंने पैसों की निकासी का आवेदन किया तो पीएफ कार्यालय ने पुराना आधार निरस्त होने का तकनीकी बहाना बनाकर भुगतान रोक दिया। थक हारकर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया सुनवाई के दौरान मध्यस्थता प्रकोष्ठ के सदस्य संजीव पांडेय ने सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए बताया कि नियमानुसार दस्तावेज मिलने के 30 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य है। आयोग ने आदेश दिया कि 3,84,159 रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ वापस किए जाए साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा वाद व्यय के रूप में 2500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना दें।

रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार हिन्दी संवाद न्यूज उत्तर प्रदेश

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