बलरामपुर -रविवार को एम. एल. के. पी.जी. कॉलेज बलरामपुर के सभागार में बलरामपुर स्थापना दिवस की पूर्व संध्या पर 'बलरामपुर मंथन' के संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
यह मंच बलरामपुर की परम्पराओं, यहाँ की संस्कृति, लोकस्मृतियों, आर्थिक विरासत, राजनीतिक चेतना और सामाजिक संरचना पर गंभीर विमर्श स्थापित करने का एक प्रयास है। बलरामपुर राजपरिवार के महाराज जयेन्द्र प्रताप सिंह के संरक्षण में बलरामपुर के दो शोध छात्र मनीष कुमार् एवं अभय त्रिपाठी द्वारा अपनी टीम के साथ इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चंद्र राम चौधरी सेवानिवृत्त आई.आर.एस. द्वारा थारु जनजाति की विकास यात्रा पर, प्रकाश चंद्र गिरि विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग एम एल के पी जी कॉलेज द्वारा बलरामपुर इतिहास के पन्नों में विषय पर, अरुण प्रकाश पाण्डेय अध्यक्ष साहित्य संगम द्वारा बलरामपुर के साहित्य का खज़ाना विषय पर एवं प्राचार्य जनार्दन प्रसाद पाण्डेय द्वारा बलरामपुर दो कुछ किस्से विषय पर व्याख्यान दिए गए। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए समाज सेविका शुचि वर्मा, शिक्षक मोहम्मद आसिम राजकीय हाईस्कूल शिवपुर महंथ, सफाईकर्मी राजकुमार वाल्मीकि, साहित्यकार वैष्णवी एवं आशीष कुमार वर्मा को अपने सांस्कृतिक योगदान हेतु महाराज जयेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। ज्योति वर्मा द्वारा अपनी पुस्तक 'मेरी स्मृतियाँ' को जनमानस को समर्पित किया गया। महाराज जयेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा बलरामपुर की ऐतिहासिक धरोहर को संजोने का कार्य करने को प्रेरणा दी। बलरामपुर मंथन की टीम ने बलरामपुर के भविष्य को उज्जवल बनाने हेतु संकल्प लिया। कार्यक्रम एक संयोजन एवं संचालन आशीष कुमार वर्मा द्वारा किया गया। अनुज सिंह, डाक्टर कौशल्या गुप्ता, सर्वेश सिंह, अनामिका सिंह, नीरजा शुक्ला, समीर, अवधेश, वीरेन्द्र, श्याम आदि उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know