अम्बेडकरनगर । सूरज की तपिश ने जहाँ दिनचर्या को झुलसा दिया है, वहीं संत श्री कमला बाबा ब्रह्मदेव मंदिर ट्रस्ट ने एक ऐसी पहल करके यह साबित कर दिया है कि इंसानियत अभी भी जिंदा है। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच ट्रस्ट ने किछौछा क्षेत्र के कमला नगर, रसूलपुर दरगाह में नि:शुल्क शरबत वितरण का आयोजन किया, जो सेवा और करुणा की मिसाल बन गया।

जहाँ चिलचिलाती धूप में राहगीर बेहाल नज़र आ रहे थे, वहाँ मंदिर परिसर में ठंडे शरबत की छबील ने हर किसी को राहत का अहसास कराया। ट्रस्ट के पदाधिकारियों और युवा कार्यकर्ताओं ने खुद हाथों से श्रद्धालुओं, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को मीठा, ठंडा शरबत पिलाकर उनकी प्यास और परेशानी दोनों को बुझाया।

यह नज़ारा केवल शरबत बांटने का नहीं था, बल्कि धार्मिक आस्था, सामाजिक सहयोग और निस्वार्थ सेवा का जीवंत संगम था। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने इस पहल को 'मानवता का सच्चा पाठ' करार दिया और इसे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने साफ कहा, "पूजा-पाठ ही धर्म नहीं है, बल्कि जरूरतमंद की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।" उन्होंने संकल्प दोहराया कि आने वाले समय में भी संस्था इसी तरह जनकल्याण के कार्यक्रम अनवरत जारी रखेगी।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्यामजी महाराज, कोषाध्यक्ष पं. रामजी महाराज, सचिव कुमार वीरेन्द्र समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

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विशेषता: इस खबर में भावनात्मक अपील (तपती धरा, राहत की चाशनी), सामाजिक संदेश (सेवा ही सच्चा धर्म) और घटना का सजीव वर्णन किया गया है, जो इसे प्रभावशाली बनाता है।

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