उतरौला बलरामपुर- 2 अप्रैल सिविल कोर्ट के स्थगन आदेश के बाव जूद भी अधिवक्ता की निजी भूमि पर मुख्य मंत्री कम्पोजिट मॉडल विद्यालय का निर्माण जबरन बनाये जाने से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने सोमवार को तहसील संघ भवन में अध्यक्ष प्रह्लाद यादव की अध्यक्षता में एक बैठक की गई। बैठक में सरकार की कड़ी निन्दा करते हुए न्यायिक कार्य को बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया, जिसके चलते तहसील और सिविल कोर्ट में लम्बित 490 मुकदमों की सुनवाई नहीं हो सकी, और वाद कारि यों को मायूस लौटना पड़ रहा है।मामलाअधि वक्ता मनीष कुमार पांडेय की भूमि से जुड़ा हुआ आरोप है कि सिविल कोर्ट, उतरौला के द्वारा स्थगन आदेश पारित होने के बावजूद उनकी भूमि पर विद्या लय का निर्माण कराया जा रहा है। पैमाइश में यह भी सामने आया है कि विद्यालय की प्रस्ता वित भूमि से अधिक क्षेत्र पर कब्जा किया गया है। अधिवक्ता संघ ने इसकी सूचना जिलाधिकारी के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दी, लेकिन निर्माण कार्य नहीं रोका गया। सोमवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने जबरन कब्जे और निर्माण की निन्दा की। बैठक के बाद अध्यक्ष प्रह्लाद यादव व मंत्री रवि शंकर मिश्रा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी बलरामपुर विपिन कुमार जैन से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने निर्माण कार्य को तत्काल रुकवाने और न्यायालय के स्थगन आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। लेकिन जिलाधिकारी की ओर से कोई सन्तोष जनक उत्तर नहीं मिला। प्रति निधि मंडल में जिला बार संघ अध्यक्ष मुर्तुजा हुसैन, महामंत्री संजय दत्त तिवारी, कलेक्ट्रेट बार के कमलेश्वर सिंह, पंकज शर्मा,अमित कुमार श्रीवास्तव, रवि शंकर गुप्ता व ऋषभ श्रीवास्तव के अलावा कई अधिवक्ता शामिल रहे। जिलाधिकारी के द्वारा स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण न रुक वाए जाने से व्यथित अधिवक्ता संघ ने मंगल वार को संघ भवन में एक बैठक बुलाई है। अध्यक्ष प्रह्लाद यादव व मंत्री रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि बैठक में इस प्रकरण को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी, और आंदो लन को तेज करने पर भी निर्णय लिया जाएगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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