रायबरेली, 16 फरवरी 2026 –(13 तारीख)को उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के गदागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मलाका मजरे भगवंतपुर चंदनहिया गांव में एक छोटी-सी बात ने पुरानी दुश्मनी को भड़का दिया और रात के अंधेरे में हिंसा का रूप ले लिया। दबंगों ने एक परिवार के घर पर जमकर पथराव किया, जिसके विरोध में निकले सदस्यों को भी नहीं बख्शा गया। इस हमले में एक महिला सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने से इलाके में तनाव बढ़ गया है।

घटना का विवरण

स्थानीय सूत्रों और पुलिस जानकारी के अनुसार, यह वारदात हाल ही में (लगभग 14-15 फरवरी की रात) हुई। पीड़ित परिवार के अनुसार, घर की महिला सीता देवी भैंस का दूध निकाल रही थीं। तभी एक ई-रिक्शा गुजरा और उसे रोकने या आगे बढ़ाने को लेकर छोटी-मोटी बहस छिड़ गई। इस बहस ने पुरानी रंजिश को हवा दी और बात हाथापाई में बदल गई। जल्द ही स्थिति बेकाबू हो गई। विपक्षी पक्ष के कुछ लोगों ने घर की ओर पत्थरों की बौछार शुरू कर दी। पत्थर इतनी तेजी से फेंके गए कि घर की दीवारें, छत और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं।

जब परिवार के सदस्य विरोध जताकर बाहर आए, तो हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटना शुरू कर दिया। मारपीट में सबसे ज्यादा चोटें सीता देवी को आईं, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कुल तीन लोग घायल हुए। घायलों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) दीनशाह गौरा ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रायबरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां उनका इलाज जारी है।

वीडियो वायरल, आक्रोश फैला

घटना का एक वीडियो किसी ग्रामीण ने मोबाइल में कैद कर लिया, जो X (पूर्व ट्विटर), इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। वीडियो में पत्थर फेंकते लोग, चीख-पुकार और परिवार की लाचार स्थिति साफ दिख रही है। कई यूजर्स ने इसे दबंगई और गुंडागर्दी का उदाहरण बताया है। कुछ रिपोर्ट्स में पीड़ित परिवार को स्थानीय राजनीतिक नेता से जुड़ा बताया गया है, लेकिन पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की।

सामाजिक संदेश

यह घटना ग्रामीण भारत में पुरानी रंजिशों के खतरनाक परिणामों को फिर उजागर करती है। छोटी-छोटी बातें समय पर सुलझाई न जाएं तो वे जानलेवा हमलों में बदल सकती हैं। स्थानीय पंचायतों, पुलिस और समुदाय को ऐसे विवादों में सक्रिय हस्तक्षेप की जरूरत है। सोशल मीडिया ने मामले को राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान दिलाया है, लेकिन असली जरूरत पीड़ितों को त्वरित न्याय और दोषियों को सजा दिलाने की है।

ग्राउंड रिपोर्टर: सौरभ यादव 

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