उतरौला बलरामपुर - पश्चिम बंगाल से आए आर्य समाज के विद्वान डाक्टर ब्रह्मादत्त ने वार्षिकोत्सव के मौके पर बताया कि आर्य समाज केवल एक संस्था नहीं है,बल्कि वैदिक जीवन मूल्यों पर आधारित समाज के निर्माण का सशक्त ही एक माध्यम है,वेद ईश्व रीय एक ज्ञान है वेद में ही जीवन के सभीपहलु ओं का समाधान है।उन्होंने वेद के मूल सिद्धान्तों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र की उन्नति धर्म और नैतिक मूल्यों का पालन सम्भव है।भजनो के पदेशक रमेश चन्द्र स्नेही ने धर्म व संस्कृति की रक्षा के लिए समा ज को संगठित होने की आवश्यकता है,और साथ ही साथ सामाजि क समरसता नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीय चेत ना को मजबूत करना आवश्यक है। इस मौके पर महेश कुमार आर्य, दिलीप कुमार आर्य, सतीश कुमार आर्य, सचिन कुमार आर्य बसन्त कुमार आर्य, ज्ञान प्रकाश आर्य, राम पाल आर्य,दिनेश कुमार आर्य लवकुश जाय सवाल के अलावा भारी संख्या में आर्य समाज के पदाधिकारी व कार्य कर्ता मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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