राज्यपाल ने उ0प्र0 राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों के वर्ष-2026 के प्रथम सत्र के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया

राज्य सरकार की प्रमुख विकासोन्मुख नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की

राज्य सरकार समस्या को समाधान तक पहुँचाने में विश्वास रखती, इस राह पर आगे बढ़ते हुए उ0प्र0 को ‘बॉटलनेक स्टेट’ से ‘ब्रेक थ्रू स्टेट’ के तौर पर स्थापित करने में सफलता मिली: राज्यपाल

सरकार ‘जीरो पॉवर्टी’ के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर, वर्ष 2026 को अन्त्योदय, सामाजिक न्याय और सर्वसमावेशी लोक कल्याण का सशक्त प्रतीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध

इस वर्ष ‘उ0प्र0 दिवस’ पर सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन का शुभारम्भ तथा ‘एक जिला एक व्यंजन योजना’ को लॉन्च किया गया

प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति जारी

वर्ष 2017 से अब तक पुलिस में 02 लाख 19 हजार से अधिक पदों पर भर्ती, वर्तमान में अराजपत्रित श्रेणी के 83,122 पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही गतिमान

वर्ष 2024-25 में प्रदेश का कुल खाद्यान्न उत्पादन 737.40 लाख मीट्रिक टन, जो वर्ष 2016-17 के सापेक्ष 32 प्रतिशत अधिक

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत 21 किस्तों में 3.12 करोड़ कृषकों को कुल 94,668.58 करोड़ रु0 डी0बी0टी0 के माध्यम से हस्तान्तरित

वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को 03 लाख 04 हजार 321 करोड़ रु0 से अधिक का रिकाॅर्ड गन्ना मूल्य भुगतान

फार्मर रजिस्ट्री अभियान के तहत 173.32 लाख फार्मर आई0डी0 निर्गत

प्रदेश में 07 हजार 497 गो-आश्रय स्थलों में 12 लाख 38 हजार 547 गोवंश संरक्षित

कृषि विश्वविद्यालय अयोध्या में एग्रीटूरिज्म सेण्टर की स्थापना की जा रही

औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर मेडिकल कॉलेज

शहरी डिजिटल मिशन प्रारम्भ करने वाला उ0प्र0 देश का पहला राज्य

प्रदेश के सभी जनपदों में दो-दो विद्यालय को मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय एवं एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा

गोरखपुर नक्षत्रशाला परिसर में महन्त अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क, जनपद आगरा एवं बांदा में साइंस सिटी की स्थापना का निर्माण कार्य प्रगति पर
 
67 लाख 50 हजार वृद्धजनों तथा 38 लाख 58 हजार 922 निराश्रित महिलाओं को पेंशन का लाभ

वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद लगभग 36 लाख करोड़ रु0 पहुँचने की संभावना, 12.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि

उ0प्र0 में वर्ष 2025 में माह जनवरी से जून तक लगभग 122 करोड़ पर्यटक आये
 
प्रदेश में कुल प्रस्तावित पूँजी निवेश लगभग 50 लाख करोड़ रु0 पहुँचा, लगभग 10 लाख रोजगार सृजित होने की सम्भावना
 
राज्य में 07 एक्सप्रेस-वे वर्तमान में संचालित, गंगा एक्सप्रेस-वे एवं कई लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य प्रगति पर, एक्सप्रेस-वेज के सन्निकट 26 जनपदों में 27 स्थलों पर औद्योगिक केन्द्रों के विकास हेतु लगभग 5,300 हेक्टेयर भूमि चिन्हित

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत इस वित्तीय वर्ष में अब तक 1,09,159 युवा लाभान्वित
 
आज उ0प्र0 रेवेन्यू सरप्लस राज्य, प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2016-17 में 54,564 रु0 थी, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,09,844 रु0 हो गयी, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,20,000 रु0 अनुमानित

 

लखनऊ: 09 फरवरी, 2026


राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने आज यहाँ उत्तर प्रदेश राज्य विधान मण्डल के दोनों सदनों के वर्ष-2026 के प्रथम सत्र के समवेत अधिवेशन को सम्बोधित किया। राज्य सरकार की प्रमुख विकासोन्मुख नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की आर्थिक समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार एवं उद्यमिता, अन्नदाता किसानों की खुशहाली, महिलाओं की आत्मनिर्भरता सहित प्रत्येक नागरिक के सुरक्षित व सम्मानजनक जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही है। राज्य सरकार समस्या को समाधान तक पहुँचाने में विश्वास रखती है। इस राह पर आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश को ‘बॉटलनेक स्टेट’ से ‘ब्रेक थ्रू स्टेट’ के तौर पर स्थापित करने में सफलता मिली है। ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प के साथ प्रदेश में लगभग 06 करोड़ लोगों को बहुआयामी गरीबी से ऊपर उठाया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी तथा संविधान शिल्पी बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर के सपनों के अनुरूप सरकार, ‘जीरो पॉवर्टी’ के लक्ष्य को केन्द्र में रखकर, वर्ष 2026 को अन्त्योदय, सामाजिक न्याय और सर्वसमावेशी लोक कल्याण का सशक्त प्रतीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विकसित उत्तर प्रदेश/2047 की परिकल्पना को साकार करने के दृढ़ संकल्प के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश/2047’ विजन डॉक्यूमेण्ट तैयार करने के लिए राज्य विधान मण्डल में अत्यन्त उपयोगी चर्चा की गई।
राज्यपाल जी ने कहा कि मार्च, 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश ने सुशासन, सुदृढ़ कानून-व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन और जनकल्याण इत्यादि क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। इसने प्रदेश की भावी विकास यात्रा को सुदृढ़ आधार दिया है। 21वीं सदी के भारत में उत्तर प्रदेश अपनी अलग पहचान बना रहा है। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के आयोजन के साथ ही कर दी गई थी। प्रत्येक वर्ष इस अवसर पर कुछ नया करने का प्रयास किया जाता है, जो प्रदेश की पहचान को विशिष्ट बनाए। इस वर्ष ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ पर सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन का शुभारम्भ तथा ‘एक जिला एक व्यंजन योजना’ को लॉन्च किया गया।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। माघ मेला 2026 में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा स्नान किये जाने का अनुमान है। भारतीय संस्कृति और इतिहास के महापुरुषों जैसे गुरु तेग बहादुर साहिब, अहिल्याबाई होल्कर, धरती आबा बिरसा मुण्डा एवं लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की स्मृति में प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये गए। प्रदेशवासियों ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब का 350वाँ पावन शहीदी दिवस श्रद्धापूर्वक मनाया। भगवान बिरसा मुण्डा के 150वें जयन्ती वर्ष में उन्हें नमन किया। लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयन्ती पर सम्पन्न कार्यक्रमों ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को सुदृढ़ किया। अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा वाराणसी के काशी विश्वनाथ मन्दिर परिसर में स्थापित की गयी है। औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर मेडिकल कॉलेज किया गया है।  
भारतरत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण किया गया। ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होने का सन्देश देता है। वहाँ स्थापित डॉ0 श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं0 दीनदयाल उपाध्याय और पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएँ हमें नयी ऊर्जा प्रदान
करती हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति जारी है। नवम्बर, 2019 से अब तक माफियाओं के विरुद्ध मा0 न्यायालय में विचाराधीन मुकदमों की प्रभावी पैरवी कर 35 माफिया व 94 सह-अपराधियों अर्थात कुल 129 को अलग-अलग अभियोगों में आजीवन कारावास अथवा अन्य अवधि के कारावास व अर्थदण्ड से दण्डित कराया गया है। 02 व्यक्तियों को मृत्युदण्ड की सजा हुई है तथा वर्ष 2017 से अब तक कुल 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गये। 977 अभियुक्तों को रा0सु0का0 के अन्तर्गत निरुद्ध किया गया। इसके साथ ही माफिया अपराधियों से 04 हजार 137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति जब्त की जा चुकी है।
यूपी-112 द्वारा वर्ष 2017 की तुलना में सुधार करते हुए वर्ष 2025 में रिस्पॉन्स टाइम 25 मिनट 42 सेकेण्ड से घटाकर 06 मिनट 51 सेकेण्ड कर लिया गया है। साइबर क्राइम की विवेचना हेतु जहाँ वर्ष 2017 से पूर्व मात्र 02 साइबर थाने क्रियाशील थे, वहीं वर्तमान में 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने संचालित हैं। आतंकवादी निरोधक दस्ता (ए0टी0एस0) द्वारा वर्ष 2017 से अब तक 148 आतंकवादी गिरफ्तार किये गये एवं 186 रोहिंग्या, बांग्लादेशी, पाकिस्तानी व अन्य अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी की गयी है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा वर्ष 2017 से अब तक 999 सफल ट्रैप आॅपरेशन सम्पादित कराये गये तथा 2081 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्यवाही की गयी। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में मात्र 04 विधि विज्ञान प्रयोगशालाएँ स्थापित थी, जिसके सापेक्ष वर्ष 2017 के पश्चात 08 नयी विधि विज्ञान प्रयोगशालाएँ स्थापित की गयी हैं तथा 06 नयी विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना का कार्य प्रगति पर है।
राज्यपाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा वर्ष 2017 से अब तक विभिन्न पदों पर कुल 02 लाख 19 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की गयी तथा विभिन्न पदों पर लगभग 01 लाख 58 हजार कर्मियों को प्रोन्नति प्रदान की गयी। इसके अतिरिक्त, वर्तमान में अराजपत्रित श्रेणी के सीधी भर्ती के 83,122 पदों पर भर्ती हेतु कार्यवाही गतिमान है। वर्ष 2016-17 के पश्चात विगत 09 वर्षों में अब तक पुलिस बल को सुदृढ़ बनाने के दृष्टिकोण से बजट में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। प्रदेश में होमगाड्र्स के रिक्त 41,424 पदों को भरने के लिए एनरोलमेण्ट की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी है। होमगाड्र्स स्वयंसेवकों की सेवाकाल में मृत्यु की दशा में उनके नामित उत्तराधिकारीगण को वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक कुल 382 दावों के अन्तर्गत अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि एकीकृत न्यायालय परिसर निर्माण परियोजना के अन्तर्गत 10 जनपदों हेतु स्वीकृति प्रदान की गयी है, जिसके सापेक्ष 06 जनपदों-चन्दौली, महोबा, अमेठी, हाथरस, शामली एवं औरैया में एकीकृत न्यायालय परिसर के निर्माण कार्य हेतु 01 हजार 635 करोड़ रुपये की वित्तीय
स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, अन्य 04 जनपदों में निर्माण कार्य अतिशीघ्र प्रारम्भ कर दिया जायेगा। इसके अलावा, जनपद प्रयागराज में डाॅ0 राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य प्रगति पर है। महिलाओं के विरुद्ध कारित अपराधों के त्वरित निस्तारण हेतु गठित 81 फास्ट ट्रैक न्यायालयों के स्थायीकरण हेतु कार्यवाही की गयी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक आयोजित लोक अदालतों में 3.60 करोड़ से अधिक चिन्हांकित वाद निस्तारित किये गये हैं तथा 158 पीड़ित व्यक्तियों को 2.35 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में दी गयी। इसके अतिरिक्त, अब तक 2,609 विधिक साक्षरता शिविरों का आयोजन किया गया, जिससे लगभग 2.53 लाख व्यक्ति लाभान्वित हुए।
वर्ष 2017 के पश्चात प्रदेश में जिला कारागार चित्रकूट, अम्बेडकरनगर, संत कबीर नगर, प्रयागराज, श्रावस्ती एवं केन्द्रीय कारागार इटावा का निर्माण पूर्ण किया गया है तथा पुराने जिला कारागार बरेली में 10,257 बन्दी क्षमता की वृद्धि का कार्य दिनांक 31 अक्टूबर 2025 को पूर्ण हो चुका है। बन्दियों को साक्षर बनाने हेतु ‘एक पढ़ाये एक’ तथा ‘नया सवेरा’ कार्यक्रम संचालित हैं। ऐसे दोषसिद्ध बंदी जो, बीमार हैं अथवा न्यूनतम अर्हकारी सजा काट चुके हैं, को समय पूर्व रिहा करने की कार्यवाही राज्य सरकार द्वारा की जा रही है। वर्ष 2025 में कुल 1,010 बन्दियों की समय पूर्व रिहाई की गयी है।
राज्यपाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि सरप्लस राज्य के रूप में देश में अपना स्थान बनाये हुए है। वर्ष 2016-17 में कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र से राज्य सकल घरेलू उत्पाद 2.96 लाख करोड़ रुपये था, जो वर्ष 2024-25 में बढ़कर 6.95 लाख करोड़ रुपये हो गया है। वर्ष 2016-17 के सापेक्ष कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्र में वर्ष 2024-25 तक 135 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2023-24 के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में कृषि में आय की वृद्धि दर 18 प्रतिशत रही है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016-17 में कुल खाद्यान्न उत्पादन 557.46 लाख मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2023-24 में 670.80 लाख मीट्रिक टन व वर्ष 2024-25 में 737.40 लाख मीट्रिक टन हो गया। इस प्रकार वर्ष 2016-17 के सापेक्ष प्रदेश में खाद्यान्न उत्पादन में 32 प्रतिशत की वृद्धि तथा तिलहन उत्पादन में 192.98 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
दलहनी फसलों के उत्पादन में वृद्धि के उद्देश्य से वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक ‘मिशन फॉर आत्मनिर्भरता इन पल्सेस’ एक केन्द्रीय योजना अक्टूबर, 2025 से संचालित है। बीजों के प्रसंस्करण में वृद्धि किये जाने हेतु राजकीय कृषि प्रक्षेत्र अटारी, लखनऊ में 130.63 एकड़ भूमि पर चैधरी चरण सिंह सीड पार्क की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2025-26 में दलहनी फसलों के कुल 3.97 लाख तथा तिलहनी फसलों के कुल 6.20 लाख एवं श्रीअन्न के 1.98 लाख बीज मिनी किट का निःशुल्क वितरण किया गया। वित्तीय वर्ष 2019-20 में सर्वाधिक तिलहन उत्पादन हेतु भारत सरकार द्वारा उ0प्र0 को 02 करोड़ रुपये का कृषि कर्मण पुरस्कार तथा देश में सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादन हेतु 01 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रदान किया गया।
न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत गेहूँ रबी विपणन वर्ष 2025-26 में 20 लाख से अधिक किसानों से 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का क्रय कर लगभग 02 हजार 512 करोड़ रुपये की धनराशि तथा धान खरीफ वर्ष 2025-26 में अब तक 06 लाख 95 हजार किसानों से 42.96 लाख मीट्रिक टन धान का क्रय कर 09 हजार 710 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का भुगतान उनके बैंक खातों में किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के अन्तर्गत वर्ष 2025-26 में 42 जनपदस्तरीय  मिलेट्स मेला, 559 विकास खण्ड स्तरीय कृषक प्रशिक्षण, 71 बीज उत्पादन केन्द्र¨ं पर एफ0पी0ओ0 के सदस्यों का प्रशिक्षण, 2,500 ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन, 78 एक्सपोजर विजिट आदि कार्यक्रम कराये गये। वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक 13.10 लाख कृषकों का आधार ऑथेन्टिकेशन करते हुए बीज, बायो फर्टिलाॅइजर एवं जिप्सम पर कुल 313.09 करोड़ रुपये की सब्सिडी एट सोर्स प्रदान की गयी तथा वर्ष 2025-26 में 11.41 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्डों का वितरण कराया गया। पं0 दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक 34,345 हेक्टेयर भूमि का सुधार किया गया।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने हेतु राज्य सेक्टर से बुन्देलखण्ड के समस्त जनपदों में 23,500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गौ-आधारित प्राकृतिक खेती का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। केन्द्र पोषित नेशनल मिशन आॅन नेचुरल फार्मिंग की 04 वर्षीय योजना के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त जनपदों में 94,300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक खेती का कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। पी0एम0 कुसुम योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक कृषकों के प्रक्षेत्रों पर विभिन्न क्षमता के कुल 3,229 सोलर पम्पों की स्थापना करायी जा चुकी है। खेत तालाब योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक 1,205 खेत तालाबों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत वर्ष 2025-26 में 36.68 लाख कृषकों द्वारा 22.84 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में बीमा कराया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खरीफ 2025 के बीमित कृषकों में से कुल 2.69 लाख कृषकों को दिसम्बर, 2025 तक 215.42 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अन्तर्गत दिसम्बर, 2025 तक कुल 21 किस्तों में 3.12 करोड़ कृषकों को कुल 94,668.58 करोड़ रुपये की धनराशि डी0बी0टी0 के माध्यम से उनके खातों में हस्तान्तरित कर दी गयी है। वर्ष 2025-26 में कुल 16,613 ग्राम पंचायत स्तरीय गोष्ठी/किसान पाठशालाओं का आयोजन कराया गया जिसमें कुल 15.20 लाख कृषकांे द्वारा प्रतिभाग किया गया। ई-खसरा पड़ताल अभियान के अन्तर्गत वर्ष 2025-26 के खरीफ में 5.09 करोड़ गाटों का सर्वेक्षण कराया गया। प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान के अन्तर्गत वर्ष 2024-25 से दिसम्बर, 2025 तक कुल 173.32 लाख फार्मर आई0डी0 निर्गत की जा चुकी हैं।
बागवानी फसलों के उत्पादन में देश में उत्तर प्रदेश का अग्रणी स्थान है। प्रदेश में बागवानी विकास हेतु एकीकृत बागवानी विकास मिशन संचालित है। बागवानी फसलों से आच्छादित क्षेत्रफल 2017 के 21.40 लाख हेक्टेयर से बढ़कर इस वर्ष 26 लाख हेक्टेयर हो गया है। बागवानी फसलों का उत्पादन वर्ष 2017 के 3.80 करोड़ मीट्रिक टन से बढ़कर इस वर्ष 06 करोड़ मीट्रिक टन हो गया है। बागवानी फसलों का निर्यात वर्ष 2017 के 400 करोड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 1,700 करोड़ रुपये हो गया है। बागवानी फसलों से कृषकों की कुल आमदनी वर्ष 2017 के 41 हजार कर¨ड़ रुपये से बढ़कर इस वर्ष 01 लाख 25 हजार कर¨ड़ रुपये हो गयी है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में संचालित चीनी मिलों द्वारा 956.09 लाख टन गन्ने की पेराई कर 92.45 लाख टन चीनी का उत्पादन किया गया। पिपराइच, मुण्डेरवा एवं रमाला में नई चीनी मिलें स्थापित की गयी हैं तथा 44 से अधिक चीनी मिलों का आधुनिकीकरण किया गया है। इससे अब तक कुल 1.25 लाख टी0सी0डी0 की अतिरिक्त पेराई क्षमता तथा 10 लाख से अधिक रोजगार का सृजन हुआ है। सरकार द्वारा वर्ष 2017 से अब तक गन्ना किसानों को 03 लाख 04 हजार 321 करोड़ रुपये से अधिक का रिकाॅर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है। यह भुगतान 1995 से 2017 तक के 22 वर्षों के सम्मिलित गन्ना मूल्य भुगतान 02 लाख 13 हजार 519 करोड़ रुपये से भी लगभग 90 हजार 802 करोड़ रुपये से अधिक है। पेराई सत्र 2025-26 हेतु गन्ना मूल्य की दरों में 30 रुपये प्रति कुन्तल की वृद्धि की गयी है।
प्रदेश में वर्ष 2016-17 की प्रति हेक्टेयर औसत गन्ना उत्पादकता 72.38 मीट्रिक टन से बढ़कर लगभग 84 मीट्रिक टन हो गयी है। ग्रामीण महिला शक्ति द्वारा उन्नत गन्ना बीज वितरण कार्यक्रम के अन्तर्गत गठित 3,163 महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा अब तक गन्ने की 59.75 करोड़ सीडलिंग तैयार की गयी हैं, जिसके सापेक्ष उन्हें 76 करोड़ 88 लाख रूपये का अनुदान दिया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि गोवंश संरक्षण राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में सम्मिलित है, जिसके कारण प्रदेश में 07 हजार 497 गो-आश्रय स्थलों में 12 लाख 38 हजार 547 गोवंश संरक्षित है। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना तथा पोषण मिशन के अन्तर्गत 01 लाख 13 हजार 631 पशुपालकों को 01 लाख 81 हजार 418 गोवंश सुपुर्द किये गये हैं, जिनके भरण-पोषण हेतु 50 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन की दर से डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे भुगतान किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 01 हजार 484 करोड़ से अधिक की धनराशि का डी0बी0टी0 के माध्यम से भुगतान किया गया है।
पशुओं में रोगों की रोकथाम हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 में 809 लाख 65 हजार पशुओं का टीकाकरण किया गया। 520 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट द्वारा वर्ष 2025-26 में अब तक 10 लाख 88 हजार पशुपालकों के 21 लाख 36 हजार पशुओं को चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी
गयी है। कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में कुल 174 लाख 80 हजार पशुओं का सामान्य कृत्रिम गर्भाधान एवं क्लासीफाइड सीमेन से 3 लाख 07 हजार से अधिक कृत्रिम गर्भाधान किया गया है। क्लासीफाइड सीमेन के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बाबूगढ़, हापुड़ एवं रहमानखेड़ा, लखनऊ में एक अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रगति पर है। पशुधन बीमा योजना के अन्तर्गत पशुपालकों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु से हुई क्षति की प्रतिपूर्ति हेतु वर्ष 2025-26 में अब तक 20 हजार 845 लाभार्थियों के 49 हजार 308 पशुओं का बीमा किया गया। आत्मनिर्भर भारत अभियान के अन्तर्गत अद्यतन 6 लाख 70 हजार किसान क्रेडिट कार्ड (पशुपालन घटक) पशुपालकों को निर्गत किए जा चुके हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में 76 हजार 527 कि0मी0 लम्बी नहरों, 36 हजार 94 चलित राजकीय नलकूपों, 30 वृहद एवं मध्यम पम्प नहरों, 257 लघु डाल नहरों एवं 69 जलाशयों से किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वित्तीय वर्ष 2012-13 से वित्तीय वर्ष 2016-17 तक खरीफ में 32 लाख 01 हजार हेक्टेयर एवं रबी में 43 लाख 93 हजार हेक्टेयर औसतन प्रतिवर्ष नहरों की सींच के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2024-25 में खरीफ में 47 लाख 16 हजार हेक्टेयर एवं रबी में 57 लाख 90 हजार हेक्टेयर सींच हुई, जो नहरों द्वारा सिंचित क्षेत्रफल में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 285 बाढ़ परियोजनायें पूर्ण की गई हैं जिनसे 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र तथा 49 लाख 90 हजार आबादी लाभान्वित हुई है।
राष्ट्रीय कृषि बाजार परियोजना (ई-नाम) के अन्तर्गत अप्रैल, 2025 से जनवरी, 2026 तक 1627.91 करोड़ रुपये का डिजिटल व्यापार किया गया है तथा कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत अप्रैल, 2024 से दिसम्बर, 2025 तक कुल 3,370 कृषक लाभार्थियों को धनराशि 780 लाख 94 हजार रुपये की अनुदान राशि वितरित की गयी है। साथ ही ‘मा0 मुख्यमंत्री कृषक कल्याणकारी योजना’ के अन्तर्गत 111 ट्रैक्टरों का वितरण किया गया है। 62 करोड़ 26 लाख रुपये की लागत से 10 मण्डी/उपमण्डी स्थलों में से 09 जनपदों में मण्डी स्थलों के निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं 01 उपमण्डी स्थल निर्माणाधीन हैं एवं 100 करोड़ 71 लाख रुपये की लागत से किसान एग्रीमॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत जनपद चन्दौली तथा जनपद सिद्धार्थनगर की मण्डी का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
वर्तमान में प्रदेश में कुल 89 कृषि विज्ञान केन्द्र संचालित हंै। कृषि विश्वविद्यालय अयोध्या में 03 कर¨ड़ 58 लाख रुपये से एग्रीटूरिज्म सेण्टर की स्थापना की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा जनपद कुशीनगर में महात्मा बुद्ध कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय की स्थापना का निर्णय लिया गया है। इस विश्वविद्यालय हेतु कुल 481 एकड़ भूमि निःशुल्क कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के पक्ष में हस्तान्तरित की जा चुकी है।
उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अन्तर्गत पोर्टल पर दिनांक 19 जनवरी, 2026 तक 1,500 आवेदन प्राप्त हुए हैं तथा 459 स्वीकृत पूँजी निवेश प्रस्तावों के सापेक्ष 223 करोड़ 80 लाख रुपये से 80 हजार से अधिक प्रत्यक्ष व परोक्ष रोजगार सृजन किया जा रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 258 करोड़ 46 लाख रुपये का अनुदान वितरित किया जा चुका है।
नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में अब तक 72 इकाइयां, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना में 245 इकाईयां, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना में 4,718 इकाइयों के लक्ष्य के सापेक्ष 1,527 इकाइयां स्थापित की गयी हैं। मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत 7,381 पुरस्कारों का वितरण किया गया है। प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन योजना के अन्तर्गत 3,201 समितियों के गठन के लक्ष्य के सापेक्ष शत् प्रतिशत दुग्ध समितियों का गठन कर लिया गया है।  दुग्ध उत्पादन में प्रगति करते हुए कुल 54 परियोजनाओं के माध्यम से लगभग 550 करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हुआ है जिससे लगभग 39 लाख लीटर दुग्ध प्रतिदिन की दर से दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता में वृद्धि हुई है। इस नीति के अन्तर्गत सम्बन्धित निवेशकों को 12 करोड़ 74 लाख रुपये का वित्तीय अनुदान उपलब्ध कराया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश के 57 जनपदों में रेशम उत्पादन का कार्य संचालित हो रहा है, जिससे महिलाओं और युवाओं को ग्रामीण परिवेश में ही स्वरोजगार के असीम अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। जनपद मीरजापुर में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल राजकीय रेशम प्रशिक्षण संस्थान में निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है तथा केन्द्रीय रेशम बोर्ड के सहयोग से जनपद गोण्डा में रीजनल सेरीकल्चर रिसर्च स्टेशन की स्थापना की कार्यवाही प्रचलित है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में रेशम धागे का उत्पादन मात्र 268.66 मीट्रिक टन था, जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर लगभग 480 मीट्रिक टन हो गया है। इसके अलावा मुख्यमंत्री रेशम विकास योजना के अंतर्गत प्रदेश के 14 जनपदों में वर्ष 2025-26 से 2034-35 तक 13 हजार 500 कृषकों की निजी भूमि पर 09 हजार एकड़ में शहतूत वृक्षारोपण कर 360 मीट्रिक टन रेशम धागे का अतिरिक्त उत्पादन किया जायेगा।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक कुल 01 करोड़ 85 लाख एल0पी0जी कनेक्शन उपलब्ध कराये गये हैं। भारत सरकार की ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 01 करोड़ 12 लाख से अधिक कार्ड धारकों द्वारा अन्य राज्यों से तथा अन्य राज्यों के 01 लाख 88 हजार से अधिक राशन कार्ड धारकों द्वारा उत्तर प्रदेश से अपना खाद्यान्न प्राप्त किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अन्तर्गत 03 करोड़ 56 लाख राशन कार्ड धारकों को लगभग 08 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण प्रतिमाह नियमित रूप से किया जा रहा है।
राज्यपाल जी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा वर्ष 2025 को अन्तरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है जिसके अंतर्गत युवा सहकार सम्मेलन 2025, यू0पी0 कोआपरेटिव एक्सपो जैसे कई समारोहों का आयोजन किया गया। एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान 2025 के अंतर्गत 24 लाख नये सदस्य बना कर 43 करोड़ रुपये की पूँजी एकत्र की गयी व जिला सहकारी बैंकों में 02 लाख से अधिक खाते खोले गये व 550 करोड़ रुपये की राशि जमा की गयी।
अल्पकालीन फसली ऋण वितरण के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 19 दिसम्बर, 2025 तक 10 हजार 257 करोड़ रुपये के ऋण वितरित करते हुए 15.01 लाख किसानों को लाभान्वित किया गया। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत वर्ष 2020 से 2025 तक 02 हजार 163 हेक्टेयर तालाबों एवं 291 हेक्टेयर रेयरिंग इकाइयों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत सुधारे गये ग्राम सभा के पट्टे के 01 हजार 473 हेक्टेयर तालाबों में मत्स्य पालकों को निवेश एवं मत्स्य बीज बैंक पर अनुदान उपलब्ध कराया गया तथा निषादराज बोट सब्सिडी योजना के अंतर्गत 01 हजार 389 मछुआरों को नाव वितरित की गयीं।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में डेंगू रोग की जांच सुविधा बेहतर करने के उद्देश्य से जहां 2017 में मात्र 29 जनपदों में 36 एस0एस0एच0 प्रयोगशालाएं थीं उसके सापेक्ष 2025 में प्रदेश के समस्त 75 जनपदों में 86 एस0एस0एच0 प्रयोगशालाएं तथा 03 एपेक्स प्रयोगशालायें क्रियाशील हैं, जिससे 2017 की तुलना में 2025 में डेंगू रोग के कारण मृत्यु दर में 96.4 प्रतिशत की कमी आई है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत ए0ई0एस0 एवं जे0ई0 रोग से प्रभावित बच्चों के उपचार हेतु प्रदेश में 16 पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट तथा 177 इन्सेफ्लाइटिस ट्रीटमेन्ट सेन्टर स्थापित किए गए हैं। इन प्रयासों के फलस्वरूप 2017 की तुलना में 2025 में प्रदेश में मस्तिष्क ज्वर ए0ई0एस0 रोगियों की संख्या में 21.3 प्रतिशत की कमी एवं जे0ई0 के रोगियों की संख्या में 90.9 प्रतिशत की कमी तथा ए0ई0एस0 रोगियों की मृत्यु की संख्या में 99.1 प्रतिशत की कमी व जे0ई0 रोगियों की मृत्यु में 97.8 प्रतिशत की कमी आई है, जो कि उल्लेखनीय उपलब्धि है।
वर्ष 2017 की तुलना में वर्ष 2025 में मलेरिया रोग हेतु जांचों की संख्या में 266 प्रतिशत की वृद्धि के फलस्वरूप रोगियों की संख्या में 53.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है। रैबीज नियंत्रण हेतु प्रदेश में 42 स्थानों पर मॉडल एण्टी रेबीज क्लीनिक स्थापित किए गए हैं तथा समस्त जनपदों में ब्लॉक स्तर तक के सभी चिकित्सालयों पर एंटीरैबीज वैक्सीन उपलब्ध करायी गयी है। भारत सरकार द्वारा 100 दिवसीय टी0बी0 मुक्त भारत अभियान में अनुकरणीय प्रदर्शन के लिए उत्तर प्रदेश को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ए0बी0डी0एम0) के अंतर्गत अभी तक लगभग 14.54 करोड़ ‘आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउण्ट’ (आभा) आई0डी0 का सृजन कर उत्तर प्रदेश  देश में प्रथम स्थान पर है। आरोग्यता की दिशा में प्रभावी कदम उठाते हुए वर्तमान में प्रदेश में प्रत्येक रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कुल 3,713 मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले नियमित रूप से आयोजित किये गये हैं, जिससे 14 कर¨ड़ 25 लाख रोगियों को लाभान्वित  किया जा चुका है। 108 एम्बुलेंस सेवा की फ्लीट को 1,488 से बढ़ाकर 2,200 कर दिया गया है तथा इस सेवा से दिसम्बर, 2025 तक लगभग 4 कर¨ड़ 06 लाख रोगियों को लाभान्वित किया गया है। नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट सेवा के अन्तर्गत माह फरवरी, 2019 से दिसम्बर, 2025 तक कुल 01 कर¨ड़ 84 लाख से अधिक रोगियों को उपचारित किया गया है।
उत्तर प्रदेश चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा नियमावली, 2020 के अंतर्गत कुल 1,605 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गयी है तथा सुपर स्पेशलिटी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों के 2,237 पदों को भरे जाने की कार्यवाही गतिमान है। वर्तमान में प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 45 राज्य सरकार द्वारा एवं 36 निजी क्षेत्र द्वारा संचालित हैं। राजकीय क्षेत्र के अंतर्गत संचालित चिकित्सा संस्थानों/विश्वविद्यालयों में एम0बी0बी0एस0 सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 01 हजार 990 थी, जिसे बढ़ाकर 05 हजार 450 कर दिया गया है, जबकि निजी क्षेत्र के मेडिकल संस्थानों में सीटों की संख्या 02 हजार 550 से बढ़ाकर 07 हजार 350 कर दी गयी है। राजकीय क्षेत्र के अंतर्गत संचालित चिकित्सा संस्थानों में पी0जी0 सीटों की संख्या वर्ष 2017 में 741 थी, जिसे बढ़ाकर 02 हजार 203 किया गया, जबकि निजी क्षेत्र के मेडिकल संस्थानों में सीटों की संख्या 480 से बढ़कर 02 हजार 792 हो गयी है। इसी प्रकार वर्ष 2017 में सरकारी मेडिकल काॅलेजों में सुपर स्पेशियलिटी की कुल सीटों की संख्या 120 थी जिसको शैक्षणिक सत्र 2025-26 में बढ़ाकर 282 कर दिया गया है। निजी क्षेत्र में भी सुपर स्पेशियलिटी की 41 सीटें उपलब्ध हो गयी हैं।
किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ में 500 बेडेड ट्रामा सेन्टर एवं पेशेंट यूटिलिटी काॅम्प्लेक्स के निर्माण हेतु धनराशि 272 कर¨ड़ 97 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। डाॅ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में किडनी, लीवर व बोनमैरो ट्रान्सप्लान्टेशन सेन्टर एवं एडवान्स न्यूरो साइंसेज सेन्टर का निर्माण कराया गया है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने वर्ष 2025 में एन0आई0आर0एफ0 रैंकिंग में चिकित्सा विश्वविद्यालय की श्रेणी मेें 8वाँ, डेंटल की श्रेणी में 7वाँ एवं राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में 29वाँ स्थान प्राप्त किया है और नैक रैंकिंग में ‘ए प्लस प्लस‘ की सर्वाेत्तम ग्रेडिंग प्राप्त की है। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ द्वारा टेलीकान्फ्रेन्सिग एवं टेलीरेडियोथिरेपी द्वारा उत्तराखण्ड, रोहतक (हरियाणा), उड़ीसा एवं क्रिश्चियन मेडिकल कालेज, वेल्लोर को काउंसिलिंग द्वारा परामर्श/सहायता प्रदान की जा रही है। टेली आई0सी0यू0 के द्वारा संस्थान को 06 मेडिकल कालेजों से जोड़ा गया है।
संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में वर्ष 2025 में एन0आई0आर0एफ0 रैंकिंग में 05वाँ स्थान प्राप्त किया है और नैक रैंकिंग में ए प्लस प्लस की सर्वोत्तम् ग्रेडिंग प्राप्त की है। एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ में तीन नये सेन्टर शुरू किये गये हंै। इमरजेन्सी मेडिसिन एण्ड रीनल ट्रांसप्लाण्ट सेन्टर 558 बेड की क्षमता के साथ वर्ष 2022 में एवं एडवाॅन्स्ड डाॅयबेटिक सेन्टर वर्ष 2024 में शुरू हुआ, जिसमें डायबिटीज एवं रीनल सम्बन्धी समस्त जटिलताओं का एक छत के नीचे इलाज सम्भव हुआ है। इसके अलावा सलोनी हाॅर्ट सेन्टर फेज-1 में काॅन्जेनाइटल हाॅर्ट डिजीज से जन्मे बच्चों का सफलतापूर्वक सर्जरी कर इलाज प्रदान किया जा रहा है।
एस0जी0पी0जी0आई0 में राष्ट्रीय स्तर पर पहला क्वाटर्नरी हेल्थ केयर सेन्टर स्थापित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत एक ही छत के नीचे 500-बिस्तरों वाले अत्याधुनिक समेकित केन्द्र में कार्डियक साइंसेज़, न्यूरोसाइंसेज़, रीनल साइंसेज़, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल एवं हेपैटिक सेवाओं, क्रिटिकल केयर, मैटरनल एण्ड फीटल मेडिसिन, ऑन्कोलॉजी, जीन एवं सेल थेरेपी तथा रेयर डिज़ीज़ जीनोमिक सेवाओं का एकीकृत विकास किया जाएगा।
राज्यपाल जी ने कहा कि वर्तमान में 16 जनपदों में 50 शैय्या एकीकृत आयुष चिकित्सालय संचालित किये जा चुके हैं, जिनमें वर्ष 2024-25 में लगभग 6 लाख 70 हजार मरीजों को चिकित्सीय लाभ दिया गया। जनपद गोरखपुर में महायोगी गुरू गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है। 11वें अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून, 2025 को प्रदेश में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रमों में 01 करोड़ 50 लाख लोगों द्वारा योगाभ्यास किया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिये योग’ रखी गई। ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के अंतर्गत फरवरी, 2018 से औषधि विक्रय अनुज्ञप्ति निर्गत करने हेतु पूर्णतया पेपरलेस ऑनलाइन सिस्टम लागू किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि आम जनमानस को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिये 36 सचल मोबाइल प्रयोगशालाओं द्वारा खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता, सर्विलांस कार्यवाही तथा उपलब्ध कराये गये नमूनों की मौके पर ही जाँच नियमित रूप से की जा रही है। लखनऊ, मेरठ तथा वाराणसी प्रयोगशालाओं में माइक्रोबायोलॉजी लैब स्थापित की गयी है, जिससे खाद्य पदार्थ में यीस्ट, मोल्ड व बैक्टीरिया इत्यादि की जाँच सम्भव हो सकेगी।
राज्यपाल जी ने कहा कि शहरी विकास में ऐतिहासिक विस्तार के अंतर्गत वर्ष 2017 के बाद 113 नए नगरीय निकाय गठित किए गए और 127 निकायों का सीमा विस्तार किया गया। नगर निकायों की संख्या 653 से बढ़कर 762 हो गई है। प्रयागराज में 11 एकड़ क्षेत्र में स्थापित शिवालय पार्क सस्टेनेबिलिटी और संस्कृति का अनूठा संगम है, जिसका निर्माण 400 टन कबाड़ से हुआ है। इसके अलावा प्रयागराज को स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में ‘सबसे स्वच्छ गंगा नगर’ का सम्मान प्राप्त हुआ। लखनऊ को मिलियन प्लस आबादी वाले शहरों में तीसरी रैंक, वाटर प्लस प्रमाणपत्र व कचरा मुक्त शहर में 7-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई। गोरखपुर ‘सफाई मित्र सुरक्षित शहर’ के रूप में सम्मानित हुआ है। नोएडा को 3 से 10 लाख जनसंख्या श्रेणी में सुपर स्वच्छ लीग में तीसरा स्थान व आगरा को राज्य का प्रोमिसिंग स्वच्छ शहर पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
अमृत-1.0 मिशन (नगरीय) के अंतर्गत 9 लाख 21 हजार पेयजल कनेक्शन प्रदान किए गए, 8 लाख 77 हजार सीवर कनेक्शन स्थापित किए गए तथा अमृत-2.0 मिशन (नगरीय) के अंतर्गत 19 हजार 700 करोड़ रुपये की 435 पेयजल योजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी में 17 लाख 67 हजार आवासों की स्वीकृति के सापेक्ष 17 लाख 03 हजार आवासों को पूर्ण कर लिया गया है, जो 96.38 प्रतिशत है तथा देश में सर्वाधिक है। साथ ही, प्रदेश के नगर निकायों में सबसे पिछड़े 100 नगर निकायों की आधारभूत संरचना के विकास हेतु ‘आकांक्षी नगर योजना’ प्रारम्भ की गयी है।
केन्द्र प्रायोजित स्मार्ट सिटी योजना के तहत प्रदेश के 10 नगर निगमों में लगभग 9,312 करोड़ रुपये से 682 परियोजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं, जिसमें 676 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इसके अलावा राज्य स्मार्ट सिटी योजना में 7 नगर निगमों के लिए 01 हजार 01 करोड़ से अधिक की परियोजनाएँ स्वीकृत की गयी हैं। शहरी डिजिटल मिशन प्रारम्भ करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिससे नागरिक सेवाएं ऑनलाइन प्राप्त की जा सकेंगी।
राज्यपाल जी ने कहा कि जल जीवन मिशन ‘हर घर जल’ कार्यक्रम के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने हेतु 02 करोड़ 67 लाख परिवारों के लक्ष्य सापेक्ष अब तक 02 करोड़ 43 लाख (90.93 प्रतिशत) ग्रामीण परिवारांे को नल कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। अब तक 35,500 से अधिक ‘हर घर जल’ घोषित ग्रामों के सापेक्ष 26,600 से अधिक ग्रामों को ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जा चुका है। प्रदेश में 33 हजार से अधिक ग्रामीण पाइप पेयजल योजनायें सौर ऊर्जा आधारित बनाई गयी है, जिन पर 900 मेगावॉट के सोलर पैनल अधिस्थापित किये गए हैं और इसी सम्बन्ध में ‘संचालन एवं अनुरक्षण नीति’-2024 निर्गत की गयी है। इस योजना के सुचारू संचालन हेतु प्रदेश में 07 लाख 56 हजार से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षित करते हुये स्व-रोजगार उपलब्ध कराया गया।  
राज्यपाल जी ने कहा कि राज्य स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत प्रदेश में स्वीकृत 16,177 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि की 74 सीवर शोधन परियोजनाओं में से 41 पूर्ण की जा चुकी हैं तथा शेष का कार्य प्रगति पर है जिनके पूर्ण होने से 2288.30 एम0एल0डी0 सीवेज शोधित हो सकेगा। इसी प्रकार नमामि गंगे कार्यक्रम के अन्तर्गत कुल 80 घाटों एवं 15 शवदाह गृह का कार्य पूर्ण किया गया है। राज्य में 07 गंगा बायोडायवर्सिटी पार्कों की भी स्थापना की जा रही है। प्रदेश की छोटी नदियों के पुनरोद्धार के उद्देश्य से ‘एक जनपद एक नदी’ की अवधारणा पर आधारित कार्य प्रगति पर है। महाकुम्भ-2025 के आयोजन के दौरान प्रयागराज पर गंगा एवं यमुना नदी की जल गुणवत्ता मानकों के अनुसार बनाये रखने हेतु राज्य स्वच्छ गंगा मिशन-उत्तर प्रदेश को वर्ष 2024-25 हेतु ‘प्लेटिनम स्कॉच’ पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश के समस्त जनपदों में समेकित भूजल प्रबन्धन हेतु ‘उत्तर प्रदेश अटल भूजल योजना’ लागू की गई है। वित्तीय वर्ष 2016-17 के पश्चात मार्च 2025 तक 13 लाख 89 हजार से अधिक उथले नलकूप, 37 हजार 777 मध्यम गहरे नलकूप, 15 हजार 92 गहरे नलकूप, 24 हजार 787 पूर्व निर्मित उथले नलकूपों पर पम्पसेट, हौज एवं जल वितरण प्रणाली की स्थापना, 1,436 चेक डैमों का निर्माण व 1,002 चेकडैमों की मरम्मत, 1,082 तालाबों का जीर्णाेद्धार 4,654 रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना व अन्य कार्य पूर्ण करते हुए 28 लाख 94 हजार हेक्टेयर सिंचन क्षमता का सृजन किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि बेसिक शिक्षा के चहँुमुखी विकास हेतु ऑपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत विद्यालयों में वर्ष 2017-18 में संतृप्तीकरण का प्रतिशत 36 से बढ़कर वर्ष 2025-26 में 96 प्रतिशत हो गया है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में दो-दो विद्यालयों को मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों एवं एक-एक विद्यालय को मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय के रूप में विकसित किया जा रहा है। वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 में परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में शिक्षकों के उपयोगार्थ 02 लाख 61 हजार से अधिक टैबलेट्स वितरित किये जा चुके हैं। वर्ष 2025-26 में दुर्बल वर्ग के बच्चों की निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था के अन्तर्गत 01 लाख 40 हजार से अधिक बच्चों का प्रवेश कराया गया।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रोजेक्ट अलंकार योजना के अन्तर्गत विद्यालयों के जर्जर भवनों का नवनिर्माण एवं सुविधाओं का विस्तार समाहित है। 2023-24 से 2025-26 तक 275 करोड़ की धनराशि से 590 सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालयों को आच्छादित किया गया है। प्रदेश में संस्कृत शिक्षा को व्यावसायिक बनाने के उद्देश्य से अद्यतन 32 संस्थाओं को रोजगारपरक डिप्लोमा पाठ्यक्रम के संचालन की मान्यता दी गयी है। वर्ष 2025-26 में केन्द्र सरकार द्वारा वित्तपोषित पी0एम0
श्री विद्यालय योजना के अन्तर्गत प्रदेश के 157 राजकीय माध्यमिक विद्यालय चयनित किये गये हैं। जनपद गोरखपुर में पूर्वांचल के प्रथम एवं प्रदेश के द्वितीय सैनिक स्कूल की स्थापना एवं संचालन आरम्भ किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि मिशन रोजगार के अन्तर्गत राजकीय विद्यालयों में 6,808 सहायक अध्यापक, 1,939 प्रवक्ता एवं 219 प्रधानाचार्यों को सम्मिलित करते हुए अब तक कुल 8,966 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूर्ण की जा चुकी है। वर्ष 2017 के उपरान्त अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कुल 34,074 शिक्षकों का चयन किया गया है। तकनीकी शिक्षा हेतु 778 आई0सी0टी0 लैब एवं 101 विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब स्थापित एवं क्रियाशील हैं। 1,236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किये गये हैं।
वर्ष 2017 के पश्चात प्रदेश में 06 नये राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किये गये है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 38 राज्य विश्वविद्यालय, 01 डीम्ड विश्वविद्यालय, 01 मुक्त विश्वविद्यालय एवं 52 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। साथ ही प्रदेश में 71 नये राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना की गई है, जिसके पश्चात् वर्तमान में 217 राजकीय महाविद्यालय संचालित हैं। इसके अलावा इस वर्ष प्रदेश में काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही तथा स्वामी शुकदेवानन्द विश्वविद्यालय, शाहजहांपुर में 02 नए राज्य विश्वविद्यालय स्वीकृत किए गए। सत्र 2025-26 से समस्त विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राओं का प्रवेश एवं शिक्षकों की प्रोन्नति का कार्य ‘समर्थ’ पोर्टल के माध्यम से संचालित है। स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत 02 करोड़ टैबलेट/स्मार्टफोन 05 वर्षों में निःशुल्क वितरण किये जाने का संकल्प लिया गया है तथा 49.86 लाख टैबलेट/स्मार्टफोन अब तक वितरित किये जा चुके हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए, राज्य गुणवत्ता आश्वासन सेल की स्थापना की गयी है। वर्तमान में प्रदेश के 18 राज्य विश्वविद्यालय नैक में उत्कृष्ट श्रेणी प्राप्त हैं। नैक ‘ए‘ प्लस प्लस श्रेणी के विश्वविद्यालयों की संख्या वर्ष 2017 में शून्य थी, जो वर्ष 2025 में 09 हो गई। 04 विश्वविद्यालय नैक ‘ए प्लस‘ श्रेणी एवं 05 विश्वविद्यालय ‘ए‘ श्रेणी की रैंकिंग प्राप्त है। केवल एक वर्ष में नैक प्रत्यायित संस्थानों की संख्या 95 से बढ़कर 161 हो गई है, तथा क्यू0एस0 एशिया रैंकिंग में सम्मिलित विश्वविद्यालयों की संख्या भी शून्य से बढ़कर 07 हो गई है। लखनऊ  विश्वविद्यालय एवं छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर को क्यू0एस0 वल्र्ड रैंकिग में सस्टेनेबल डेवलपमेण्ट गोल्स (एस0डी0जी0) में रैंकिंग प्राप्त हुई है।
प्रदेश के आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या को नैक की सर्वाेच्च ग्रेडिंग ‘ए‘ प्लस प्लस प्राप्त है तथा सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ व बांदा कृषि विश्वविद्यालय, बांदा को नैक की ‘ए‘ ग्रेडिंग प्राप्त है। एन0आई0आर0एफ0-2025 के परिणामों में अखिल भारतीय विश्वविद्यालय रैंकिंग की श्रेणी में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को 68वाँ तथा लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ को 98वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। राज्य विश्वविद्यालयों की श्रेणी में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को 23वाँ तथा लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ को 27वाँ स्थान प्राप्त हुआ है।
एन0आई0आर0एफ0-2025 के परिणामों में विधि की श्रेणी में लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ को 29वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। प्राविधिक श्रेणी में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर को 60वाँ स्थान प्राप्त हुआ है। फार्मेसी की श्रेणी में बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी को 68वाँ, प्रबन्धन श्रेणी में एम0एम0टी0यू0 गोरखपुर को 83वाँ, आर्कीटेक्चर श्रेणी में ए0के0टी0यू0, लखनऊ को 39वाँ स्थान एवं मुक्त विश्वविद्यालय की श्रेणी में राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश के 06 राज्य विश्वविद्यालयों को यू0जी0सी0 की कैटेगरी-1 का दर्जा प्राप्त है। एन0आई0आर0एफ0 की 11 कैटेगरी में प्रदेश के 14 राज्य विश्वविद्यालय एक से ज्यादा कैटेगरी में शामिल हैं। मदन मोहन मालवीय प्राविधिक विश्वविद्यालय, गोरखपुर ने वर्ष 2025 में पहली बार एन0आई0आर0एफ0 रैंकिंग की चार श्रेणियों में स्थान प्राप्त कर देश के शीर्ष 100 संस्थानों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 195 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। साथ ही प्रदेश के 121 राजकीय पालीटेक्निक संस्थाओं में एक्सीलेंस सेण्टर की स्थापना करायी जा रही है। इसके अतिरिक्त इन संस्थानों में 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है तथा 89 में लैंग्वेज लैब की स्थापना की जा चुकी है। लखनऊ, गोरखपुर एवं रामपुर में नक्षत्रशालाओं का संचालन किया जा रहा है। गोरखपुर नक्षत्रशाला परिसर में महन्त अवेद्यनाथ ज्ञान-विज्ञान पार्क की स्थापना का कार्य व जनपद आगरा एवं बांदा में साइंस सिटी की स्थापना का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
प्रदेश सरकार द्वारा निजी क्षेत्र की सहभागिता से 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं 01 प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र अलीगंज, लखनऊ में आधुनिक कार्यशालाओं का निर्माण कर रोजगारपरक व्यवसायों में प्रशिक्षण कार्य प्रारम्भ कर दिया गया है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश में अप्रेन्टिसशिप योजना के अन्तर्गत 25,900 अधिष्ठान पंजीकृत थे एवं 12,588 अभ्यर्थी अप्रेन्टिस कर रहे थे, जबकि वर्तमान वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 29,855 अधिष्ठान पंजीकृत है एवं 82,855 अभ्यर्थीगण विभिन्न अधिष्ठानों में अप्रेन्टिसशिप योजना में नियोजित किये गये हैं। वर्ष 2018 से अब तक शहीद सैनिकों के कुल 69 लाभार्थियों को सेवायोजन प्रदान किया गया है। भूतपूर्व सैनिकों को राज्य सरकार के कुछ निगमों तथा अन्य संस्थानों में सुरक्षा के दायित्व हेतु पुनर्नियोजित किया जा रहा है।  
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कुल 897 बाल विकास परियोजनाओं के अन्तर्गत 01 लाख 89 हजार 996 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित किये जा रहे हैं तथा अनुपूरक पुष्टाहार योजना के अन्तर्गत 01 करोड़ 57 लाख आधार सत्यापित लाभार्थी हैं। अनुसूचित जाति एवं सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं के शैक्षिक उत्थान हेतु पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति से वित्तीय वर्ष 2024-25 में 24.69 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया। ‘सबका साथ-सबका विकास‘ के मूल सिद्धान्त पर अग्रसर होते हुए राज्य सरकार द्वारा पूर्वदशम् छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राविधानित रू0 325 करोड़ की धनराशि से अन्य पिछड़ा वर्ग के कक्षा 9-10 के लगभग 11 लाख छात्रों को लाभान्वित कराया जा रहा है, जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 में वितरित धनराशि रू0 107 करोड़ 33 लाख़ व लाभार्थियों की संख्या मात्र 5 लाख 19 हजार थी। इस योजना के अन्तर्गत बजट प्राविधान में लगभग तीन गुना एवं लाभार्थियों की संख्या में लगभग दो गुना वृद्धि हुई है।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्राविधानित धनराशि 2861.60 करोड़ रुपये से दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत अन्य पिछड़ा वर्ग के लगभग 27 लाख छात्रों को लाभान्वित कराया जा रहा है, जबकि वित्तीय वर्ष 2016-17 में वितरित धनराशि 984 लाख 62 हजार रुपये तथा लाभार्थियों की संख्या मात्र 13 लाख 64 हजार थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक समुदाय के पूर्वदशम् कक्षाओं में अध्ययनरत कुल 64,312 पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरण के प्रथम व द्वितीय चरण में 19 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि की छात्रवृत्ति से तथा दशमोत्तर कक्षाओं में अध्ययनरत 51,519 पात्र छात्र/छात्राओं को 15 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक धनराशि की छात्रवृत्ति से लाभान्वित किया गया है।
वृद्धावस्था पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक 6,075 कर¨ड़ रुपये की धनराशि से 67 लाख 50 हजार वृद्धजनों को लाभान्वित किया गया है। इस योजनांतर्गत प्रति लाभार्थी 12,000 रुपये प्रति वर्ष दिया जाता है। वर्ष 2021-22 से संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) एवं उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) के अन्तर्गत लगभग 01 लाख 05 हजार बच्चों को लाभान्वित किया गया है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत अब तक 26 लाख 81 हजार 403 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है।
निराश्रित महिला पेंशन योजना के अन्तर्गत वर्ष 2016-2017 में लगभग 17 लाख 32 हजार निराश्रित महिलाओं के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-2026 में अब तक 38 लाख 58 हजार 922 निराश्रित महिलाओं को अनुदान दिया जा चुका है। उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के अन्तर्गत जघन्य अपराधों से पीड़ित 04 हजार 597 पीड़िताओं/उनके परिजनों को 152 करोड़ 53 लाख़ रुपये की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गयी है।
सरकार द्वारा दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान के अंतर्गत लगभग 11 लाख से अधिक दिव्यांगजन को 01 हजार रुपये प्रतिमाह प्रति व्यक्ति की दर से अनुदान राशि दी जा रही है। वर्ष 2017 के पूर्व यह धनराशि मात्र 300 रुपये प्रतिमाह थी। उनमें खेल भावना के विकास हेतु डा0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में अन्तरराष्ट्रीय स्तर के विशेष स्टेडियम का निर्माण पूर्ण कर संचालन आरम्भ कर दिया गया है।
राज्य उपभोक्ता आयोग में माह दिसम्बर, 2025 तक कुल 01 लाख 03 हजार 342 वाद दर्ज हुए हंै, जिनमें 88 हजार 433 वाद निस्तारित किये जा चुके हैं। इसी प्रकार प्रदेश में स्थापित 79 जिला उपभोक्ता आयोगों में नवम्बर, 2025 तक कुल 08 लाख 59 हजार 666 वाद दर्ज हुए, जिनमें 07 लाख 63 हजार 439 वाद निस्तारित किये जा चुके हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि 75 जनपदों में 31 खेलों में प्रशिक्षण शिविरों के संचालन से वर्ष 2025-26 में 01 लाख 29 हजार से अधिक खिलाड़ी लाभान्वित हुए। प्रदेश में पहली बार ‘एक जनपद एक खेल‘ योजना के अंतर्गत 72 जनपदों में खेलो इण्डिया सेन्टर संचालित किये जा रहे हैं। खेलो इण्डिया योजनान्तर्गत जनपद वाराणसी, जौनपुर, रायबरेली व अयोध्या में क्रीड़ा स्थल/स्टेडियम का निर्माण प्रगति पर है तथा गोरखपुर में अन्तर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गयी है। वर्ष 2015 से अब तक कुशल खिलाड़ी कोटे के अन्तर्गत कुल 516 खिलाड़ी अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी के पदों पर हुआ है।
युवाओं को विविध उत्कृष्ट कार्यों हेतु व्यक्तिगत एवं मंगल दल श्रेणी में विकास खण्ड, जनपद एवं राज्य स्तरीय विवेकानन्द यूथ एवार्ड दिया जा रहा है। युवाओं में नेतृत्व के विकास एवं नेतृत्व हेतु सक्षम युवाओं को आगे लाने हेतु ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ कार्यक्रम का भी आयोजन ‘माय भारत‘ पोर्टल के माध्यम से नियमित रूप से किया जा रहा है।
राज्यपाल जी ने कहा कि सरकार द्वारा गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए 11 किलोमीटर प्रतिदिन की औसत दर से मार्गों का नवनिर्माण एवं 09 किलोमीटर प्रतिदिन की औसत दर से चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराया जा रहा है। वर्ष 2017 के उपरान्त अब तक लगभग 35,157 किलोमीटर लम्बाई के मार्गों का नवनिर्माण तथा लगभग 27,831 किलोमीटर लम्बाई के मार्गों का चैड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कराया जा चुका है। प्रदेश के 168 विकास खण्ड मुख्यालयों को 02 लेन सड़कों से जोड़ते हुए 01 हजार 410 किलोमीटर लम्बाई के 161 कार्य पूर्ण कराए गए हैं।  इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2025-26 में लगभग 46 हजार 600 किलोमीटर लम्बाई की सड़कों को गड्ढामुक्त तथा लगभग 28 हजार किलोमीटर लम्बाई के मार्गों का नवीनीकरण किया गया है। इण्टरनेशनल/इण्टरस्टेट बॉर्डर के महत्वपूर्ण मार्गों की न्यूनतम 4 लेन कनेक्टिविटी हेतु सरकार द्वारा कार्यवाही की जा रही है।  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिनांक 10 जनवरी, 2026 तक 493.814 कि0मी0 सड़कों का निर्माण कराया जा चुका है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में विद्युत आपूर्ति में सतत सुधार करते हुए वर्ष 2025-26 में जनपद मुख्यालयों पर 24 घण्टे, तहसील मुख्यालयों पर 21 घण्टा 49 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 19 घण्टे की औसत विद्युत आपूर्ति की गयी है। पूर्ण जमा योजना तथा मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजनान्तर्गत प्रदेश में दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से दिनांक 31 दिसम्बर, 2025 तक कुल 02 लाख 41 हजार 88 निजी नलकूप संयोजन निर्गत किये गये हैं। डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अन्तर्गत दिनांक 31 दिसम्बर, 2025 तक 59.83 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के संयोजन पर स्मार्ट मीटर स्थापित कर लगभग 37 लाख 45 हजार को प्रीपेड में परिवर्तित किया गया तथा विगत 06 वर्षों से बिजली की दरों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
निजी नलकूप कृषकों को दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से 140 यूनिट प्रति किलोवाट प्रति माह मुफ्त विद्युत देने का प्रावधान किया गया है। ‘झटपट‘ पोर्टल से उपभोक्ताओं को वर्ष 2023-24 से अब तक
50 लाख से अधिक नये संयोजन निर्गत किये गये हैं। साथ ही ‘’24ग7 पावर फाॅर आल’’ लक्ष्य की पूर्ति के लिए अप्रैल, 2017 से अब तक 208 नग पारेषण उप केन्द्रों एवं तत्सम्बन्धी लाइनों को लगभग 26,055 करोड़ की लागत से निर्मित कर ऊर्जीकृत किया गया है।
उ0प्र0 राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि0 के ताप विद्युत स्कन्ध द्वारा विद्युत उत्पादन में वर्ष 2016-17 के सापेक्ष वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक 42.31 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए
47,753 मिलियन यूनिट ताप विद्युत उत्पादन प्राप्त किया गया है। इसके अतिरिक्त निगम की जल विद्युत इकाई ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में दिनांक 31 दिसम्बर, 2025 तक निर्धारित लक्ष्य 938.14 मिलियन यूनिट के सापेक्ष कुल 1489.167 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य से 58.74 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2016-17 की 5878 मेगावाट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के सापेक्ष वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर, 2025 तक 55.16 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए
9120 मेगावाट ताप विद्युत उत्पादन क्षमता प्राप्त की गयी।
प्रदेश में विद्युत उत्पादन हेतु यू0पी0 राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के अन्तर्गत 2ग्660 मेगावाट जवाहरपुर तापीय परियोजना की दोनों इकाइयाँ क्रमशः फरवरी, 2024 व दिसम्बर, 2024 से, 2ग्660 मेगावाट ओबरा सी-तापीय परियोजना की दोनों इकाइयाँ क्रमशः फरवरी, 2024 व जुलाई, 2025 से तथा 1 ग् 660 मेगावाट पनकी तापीय विस्तार परियोजना माह अप्रैल, 2025 से उत्पादनरत है। ‘‘उत्तर प्रदेश राज्य जैव ऊर्जा नीति-2022’’ के अन्तर्गत कम्प्रेस्ड बायो-गैस, बायो-कोल, बायो-डीजल/बायो-एथेनॉल से सम्बन्धित 62 स्वीकृत परियोजनाओं के सापेक्ष 36 परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हंै। ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2024 प्रख्यापित की गयी है।
राज्यपाल जी ने कहा कि मनरेगा योजना के अन्तर्गत दिनांक 13 जनवरी 2026 तक 42 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी के साथ 2019.62 लाख मानव दिवस सृजित किए गए तथा 723,412.14 लाख रुपये की धनराशि व्यय की गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत अब तक कुल 36.37 लाख आवास का निर्माण पूर्ण करते हुए उत्तर प्रदेश सबसे तेजी से आवास बनाने वाला  राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अन्तर्गत अब तक 03 लाख 67 हजार आवास का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है।
वर्ष 2017-18 से लखपति महिला योजना के अन्तर्गत अब तक 64 प्रतिशत से अधिक सदस्य लखपति की श्रेणी में सम्मिलित हो चुके हैं। दुग्ध वैल्यू चेन के अन्तर्गत अब तक 45,611 से अधिक सदस्य लखपति की श्रेणी में आ चुके हैं। इसके अलावा बैंकिंग सखी द्वारा 40 हजार करोड़ से अधिक के वित्तीय लेनदेन द्वारा 109 करोड़ का लाभांश अर्जित किया गया। बाबा साहब आम्बेडकर रोजगार प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत अनुसूचित जाति/जनजाति को 23 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है जिसमें अनुदान के रूप में अनुसूचित जाति/जनजाति, दिव्यांग लाभार्थियों को प्रति इकाई 35 प्रतिशत अथवा अधिकतम 70 हजार रुपये तथा सामान्य लाभार्थियों को प्रति इकाई 25 प्रतिशत अथवा अधिकतम 50 हजार रुपये, जो भी कम हो, अनुमन्य है।
राज्यपाल जी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत अब तक 2 करोड़ 74 लाख शौचालयों के निर्माण से प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें ओ0डी0एफ0 घोषित हो चुकी हैं। शौचालयों के सतत् उपयोग एवं क्रियाशीलता हेतु लगभग 46 लाख शौचालयों की रेट्रोफिटिंग की जा चुकी है। पन्द्रहवें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दिसम्बर तक में प्रदेश की समस्त जिला पंचायतों हेतु 56,918.10 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। प्रदेश की जिला पंचायतों द्वारा 250 कांजी हाउसों का संचालन किया जा रहा है, जिसमें 6,618 गोवंश संरक्षित हैं। जिला पंचायतों द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1,225.27 किलोमीटर को गड्ढा मुक्त किये जाने का समस्त श्रेणी का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण किया जा चुका है। जिला पंचायतों द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 1,342.46 किलोमीटर के लक्ष्य के सापेक्ष 1,110.25 किलोमीटर की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त समस्त जिला पंचायतों द्वारा 380 अमृत सरोवर पूर्ण कर लिये गये हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नए शहर प्रोत्साहन योजना के अन्तर्गत मेरठ में 35 वर्ष, आगरा में 33 वर्ष व लखनऊ में 22 वर्षों बाद नयी आवासीय योजनाएं तथा बुलन्दशहर में प्रथम बार औद्योगिक योजना प्रारम्भ की गयी है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने हेतु आगामी 05 वर्षों में 100 नई टाउनशिप्स विकसित किए जाने के प्रस्तावों में से 34 टाउनशिप में निर्माण कार्य प्रारम्भ हो गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण के अन्तर्गत बसंत कुंज में निर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का लोकार्पण प्रधानमंत्री जी के कर कमलों द्वारा 25 दिसम्बर, 2025 को किया गया है। ग्रीन कॉरिडोर परियोजना में प्रथम चरण का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं द्वितीय चरण का कार्य पूर्णता की ओर अग्रसर है।
अधिसूचना दिनांक 23 दिसम्बर, 2025 द्वारा काशी-विन्ध्य क्षेत्र क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है जिससे जौनपुर, चन्दौली, गाजीपुर, मीरजापुर, भदोही एवं सोनभद्र का समेकित एवं नियोजित विकास सम्भव हो सकेगा। प्रयागराज एवं लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा भू-माफियाओं से भूमि रिक्त कराकर उस पर क्रमशः 78 एवं 72 दुर्बल आय वर्ग के भवनों का निर्माण कराया जा चुका है। अमृत योजना के अन्तर्गत चयनित 59 नगरों के सापेक्ष 58 नगरों हेतु जी0आई0एस0 आधारित महायोजना स्वीकृत की जा चुकी है। मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के अन्तर्गत कानपुर तथा आगरा मेट्रो परियोजनाओं में मेट्रो रेल का संचालन प्रारम्भ किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा अनुमोदित 5,801.05 करोड़ रुपये की लागत से चारबाग से बसन्त कुंज लखनऊ मेट्रो परियोजना का कार्य प्रगति पर है। देश की प्रथम रीजनल सेवा के रूप में नमो भारत ट्रेन दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ का कार्य प्रारम्भ हो गया है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 में विभाग द्वारा 5,148.32 करोड़ रुपये का राजस्व
अर्जन किया गया, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 के माह दिसम्बर-2025 तक 8,844.01 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जन किया जा चुका है। ‘उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022’ के अन्तर्गत परिवहन विभाग द्वारा कुल 25,017 इलेक्ट्रिक वाहनों को 30 नवम्बर, 2025 तक लगभग 130 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि वितरित की जा चुकी है। मोटरयान (यान स्क्रैपिंग सुविधा का रजिस्ट्रेशन और कार्य) नियम, 2021 के आलोक में दिनांक 31 दिसम्बर, 2025 तक 33 जनपदों में
84 रजिस्ट्रीकृत यान स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्र को मान्यता प्रदान की गयी है, जिसमें से 45 स्क्रैपिंग सुविधा केन्द्र क्रियाशील हो गये हैं। रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग सेन्टर में कुल 1 लाख 13 हजार 301 वाहन स्क्रैप किये गये हैं।
देश के 100 सर्वाधिक गम्भीर मार्ग दुर्घटना प्रभावित जनपदों, जिसमें उत्तर प्रदेश के 20 जनपदों को पहचान कर उन्हें जीरो फैटिलिटी डिस्ट्रिक्ट के रूप में विकसित करने की कार्यवाही प्रचलित है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अप्रैल, 2025 से नवम्बर, 2025 तक की अवधि में परिवहन निगम के बस बेड़े में औसतन 13 हजार 621 बसें रहीं, इन बसों द्वारा कुल 103.37 करोड़़ किलोमीटर बस संचालन किया गया तथा 3,810.63 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गयी। निगम द्वारा इस अवधि में 37.10 करोड़ यात्रियों को यात्री सुविधा प्रदान की गई। आजीविका अभियान के अन्तर्गत लगभग 2,000 महिला अभ्यर्थियों का सीधे संविदा परिचालक के पद पर आबद्धीकरण किया गया। परिवहन निगम द्वारा 997 मृतक आश्रितों को चालक/परिचालक के पद पर नियुक्ति पत्र प्रदान कर दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर महिलाओं को निःशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराये जाने के दृष्टिगत वर्ष 2025 में 78.26 लाख महिला यात्रियों को निःशुल्क यात्रा करायी गयी। दिव्यांग यात्रियों के लिये निगम के 202 बस स्टेशनों पर 193 व्हीलचेयर, 236 रैम्प व 210 रेलिंग व 209 प्रसाधनों की व्यवस्था की गयी है।
राज्यपाल जी ने कहा कि सरकार के हरीतिमा वृद्धि प्रयासों से प्रदेश का वनावरण 9.96 प्रतिशत हो गया और इस प्रकार प्रदेश, पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत वर्ष 2017 के पश्चात 09 वर्षों में 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। जनपद गोरखपुर में ‘जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केन्द्र’ की स्थापना की गयी है एवं उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना के सम्बन्ध में कार्यवाही प्रचलित है। इसके अतिरिक्त सरकार के प्रयास से कानपुर देहात के खान चन्द्रपुर रनिया से लगभग 95 हजार टन क्रोमियमयुक्त खतरनाक वेस्ट का निस्तारण कराया गया।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर लाये जाने के लक्ष्य के क्रम में वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश का ‘सकल घरेलू उत्पाद अनुमान’ प्रारम्भिक गणना के अनुसार लगभग 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुँचने की संभावना है तथा गत वर्ष की तुलना में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में प्रचलित भावों पर 12.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि परिलक्षित हुई है।
प्रदेश के युवाओं को सरकार के साथ नीति, प्रबन्धन, क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण के कार्यों  में सहभागिता का विशिष्ट अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया गया है। भारत सरकार का महत्वाकांक्षी जनपद कार्यक्रम पूरे देश में 112 जनपदों में संचालित है  जिसमें प्रदेश के 08 जनपद सम्मिलित हैं। समग्र रूप से इस कार्यक्रम में देश के प्रथम 10 जनपदों की रैकिंग की गयी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के 06 जनपद बलरामपुर (प्रथम) सिद्धार्थनगर (द्वितीय) सोनभद्र (तृतीय) चन्दौली (चतुर्थ) फतेहपुर (आठवें) तथा बहराइच (नवें) स्थान पर आयें हैं।    फैमिली आई0डी0 योजना-‘एक परिवार, एक पहचान‘ के तहत अब तक प्रदेश के 04 करोड़ परिवारों एवं 15 करोड़ 62 लाख व्यक्तियों की फैमिली आई0डी0 सृजित की जा चुकी है।
राज्यपाल जी ने कहा कि पौराणिक धर्मस्थलों के जीर्णोद्धार एवं उन्हें जन सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता के क्रम में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर अयोध्या धाम के पहुँच मार्ग, मिर्जापुर में स्थित माँ विन्ध्यवासिनी मन्दिर, माँ अष्टभुजा मन्दिर व माँ कालीखोह मन्दिर के परिक्रमा पथ के साथ ही मथुरा व संभल के तीर्थस्थलों को विकसित किये जाने का कार्य प्रगति पर है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2025 में माह जनवरी से जून तक लगभग 122 करोड़ पर्यटक भ्रमण हेतु आये जिसमें लगभग 121 करोड़ से अधिक भारतीय पर्यटक और लगभग 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक सम्मिलित थे। उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति-2022 के तहत विभागीय पोर्टल पर 1,684 पर्यटन इकाइयों को पंजीकरण प्रमाण-पत्र निर्गत किए गए हैं। इन इकाइयों के माध्यम से लगभग 36,681.32 करोड़ रुपये का निवेश क्रियान्वित हो रहा है, जिससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 05 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की सम्भावना है। ग्रामीण पर्यटन के अन्तर्गत प्रदेश के सभी जिलों में कुल 234 गांवों का चयन किया गया है, जिससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिला है एवं स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त हो रहे हैं। पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार की योजना के अन्तर्गत प्रयागराज में आजाद पार्क एवं देखो प्रयागराज ट्रेल, नैमिषारण्य में वैदिक वेलनेस अनुभव, महोबा, आगरा स्थित बटेश्वर एवं श्रावस्ती का समेकित पर्यटन विकास कार्य विकसित किया जा रहा है।
कल्याणकारी योजनाओं के अन्तर्गत प्रदेश के 60 वर्ष के वृद्ध एवं विपन्न कलाकारों को 02 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, पूर्व प्रधानमंत्री स्व0 लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय, लखनऊ में मृणमूर्ति कला वीथिका, प्राकृतिक इतिहास वीथिका, अवध की नवाबी कला वीथिका, चित्रकला वीथिका, प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भारत रत्न माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी के पैतृक गाँव बटेश्वर में सांस्कृतिक संकुल आदि संग्रहालयों का निर्माण पूर्ण कर लोकार्पित किया जा चुका है। प्रदेश में पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण हेतु ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज‘ योजना के अन्तर्गत 02 पुरातात्विक धरोहर जी0एल0ए0 विश्वविद्यालय, मथुरा द्वारा अंगीकृत की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री जी द्वारा भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष के अवसर पर विश्वविद्यालय के नवीन परिसर की स्थापना हेतु भूमि का आवण्टन एवं वर्तमान विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक इमारत को संगीत एवं प्रदर्शन कलाओं के भव्य संग्रहालय (सेन्टर फॉर म्यूजिक एण्ड परफाॅर्मिंग आर्ट) के रूप में विकसित किये जाने की घोषणा की गयी है। यह वैश्विक मानकों के अनुरूप एक आधुनिक, समग्र और अत्याधुनिक परिसर होगा, जो शिक्षा, शोध, साधना और सांस्कृतिक प्रस्तुति का अन्तरराष्ट्रीय केन्द्र बनेगा।
राज्यपाल जी ने कहा कि आर्थिक प्रगति की ओर अग्रसर होते हुए, फरवरी 2024 में प्रदेश में चैथे ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह का आयोजन किया गया। अब तक प्रदेश में कुल प्रस्तावित पूँजी निवेश लगभग  50 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है, जिससे लगभग 10 लाख रोजगार सृजित होने की सम्भावना है। अब तक चार ग्राउण्ड ब्रेकिंग समारोह सम्पन्न हो चुके हैं, जिनसे 8,300 से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन के चरण में पहुँच चुकी हैं तथा 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि भारत सरकार के कैबिनेट सेक्रेटेरिएट के नेतृत्व में संचालित डिरेगुलेशन फेज-1 कम्प्लाॅयन्स रिडक्शन एक्सरसाइज के अन्तर्गत माह जनवरी, 2026 में उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। राज्य द्वारा निवेश जीवनचक्र के प्रत्येक चरण में नियामकीय भार को कम करने के उद्देश्य से भूमि, निर्माण, श्रम, पर्यावरण, उपयोगिताओं तथा शासन प्रणालियों से सम्बन्धित व्यापक सुधारों को प्रभावी रूप से क्रियान्वित किया गया है तथा ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’ सुनिश्चित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश डिफेन्स इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर के विकास हेतु प्रस्तावित 05 हजार हेक्टेयर भूमि में लगभग 02 हजार हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। कॉरिडोर हेतु सरकार ने उत्तर प्रदेश एयरोस्पेस एवं रक्षा इकाई तथा रोजगार प्रोत्साहन नीति-2024 भी लागू की है।
राज्यपाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सॉफ्टवेयर निर्यात में छठे स्थान पर है। भारत में किसी राज्य सरकार द्वारा पहली बार एफ0डी0आई0 और फॉच्र्यून ग्लोबल 500 एवं फॉच्र्यून इण्डिया 500 कम्पनियों को आकर्षित करने के उद्देश्य से ‘उत्तर प्रदेश एफ0डी0आई0/एफ0सी0आई0, फॉच्र्यून ग्लोबल 500 एवं फॉच्र्यून इण्डिया 500 कम्पनियों के निवेश हेतु प्रोत्साहन नीति 2023‘ के रूप में एक समर्पित नीति की घोषणा की गयी है। निवेशकों को समुचित सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य की निवेश प्रोत्साहन संस्था ‘इन्वेस्ट यूपी‘ द्वारा एक ऑनलाइन पोर्टल ‘निवेश सारथी‘ विकसित किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में 07 एक्सप्रेस-वे वर्तमान में संचालित हैं। इसके अलावा 594 किलोमीटर लम्बा गंगा एक्सप्रेस-वे एवं कई लिंक एक्सप्रेस-वे निर्माण का कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वेज के सन्निकट 26 जनपदों में 27 स्थलों पर औद्योगिक केन्द्रों के विकास हेतु लगभग 5,300 हेक्टेयर भूमि का चिन्हान्कन किया गया है, जिस हेतु सम्बन्धित जनपदों को 08 हजार 632 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि अवमुक्त की जा चुकी है। ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट काॅरीडोर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जनपदों से होकर गुजरता है, जिसकी एक लाॅजिस्टिक हब के रूप में प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है। इस काॅरिडोर से उत्तर प्रदेश के पारम्परिक उद्योगों को बन्दरगाहों तक माल भेजने में सुगमता के साथ समय की बचत होगी। हल्दिया से वाराणसी तक वाॅटर-वे संचालित है, जिसे अध्योध्या तक बढ़ाने का कार्य प्रगति पर है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए भारत सरकार की रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम में चयनित अलीगढ़, आजमगढ़, मुरादाबाद, श्रावस्ती तथा चित्रकूट स्थित हवाई पट्टियों को ‘नो-फ्रिल्स एयरपोर्ट‘ के रूप में विकसित किया गया है। वर्ष 2017 से अब तक कुशीनगर एवं अयोध्या में अन्तरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण पूर्ण कराया गया है तथा जेवर में विश्व स्तरीय अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विकास कराया जा रहा है। इस प्रकार शीघ्र ही उत्तर प्रदेश में 05 अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर, गौतमबुद्धनगर व अयोध्या में हो जायेंगे। तुलनात्मक रूप से वर्ष 2017 में प्रदेश में केवल 04 आॅपरेशनल एयरपोर्ट्स लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर एवं आगरा में थे, जिनकी संख्या वर्तमान में बढ़कर 16 हो गयी है। एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए ’उत्तर प्रदेश नागर विमानन प्रोत्साहन नीति-2017, एम0आर0ओ0 नीति-2022 तथा उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की हवाई पट्टियों के उपयोग हेतु नीति-2023 प्रख्यापित की गयी हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश एम0एस0एम0ई0 सेक्टर देश के सभी राज्यों में अग्रणी है। युवाओं के लिए जनवरी, 2025 में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना लायी गयी है, जिसके अन्तर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख नये सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना किये जाने का लक्ष्य है। वर्ष 2024-25 में 27,623 तथा इस वित्तीय वर्ष में अब तक कुल 1,09,159 युवाओं को लाभान्वित किया जा चुका है।  
राज्यपाल जी ने कहा कि ‘उ0प्र0 इलेक्ट्राॅनिक्स विनिर्माण नीति 2017‘ के अन्तर्गत 05 वर्षों हेतु निर्धारित 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश लक्ष्य मात्र 03 वर्ष में ही अर्जित कर लिया गया। इसके अलावा, इलेक्ट्राॅनिक्स कम्पोनेन्ट्स क्षेत्र के लिए उत्तर प्रदेश इलेक्ट्राॅनिक्स घटक विनिर्माण नीति-2025 प्रख्यापित की गई है। उत्तर प्रदेश सेमी कण्डक्टर इकाईयों के लिए डेडीकेटेड प्राविधान आरम्भ करने वाला चैथा राज्य है। प्रदेश का सूचना प्रौद्योगिकी/सूचना प्रौद्योगिकी जनित सेवा निर्यात वर्ष 2015 में 15 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 82 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश भारत के चैथे विशालतम स्टार्टअप ईकोसिस्टम के रूप में प्रतिष्ठित हुआ है। प्रदेश ने डी0पी0आई0आई0टी0 की पूर्व वार्षिक स्टार्ट-अप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी की रैंकिंग अर्जित की है। लखनऊ में देश की पहली ए0आई0 सिटी बनाने और ए0आई0 ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।
 राज्यपाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सी0एस0सी0 3.0 योजनान्तर्गत निर्धारित लक्ष्य 01 लाख 50 हजार के सापेक्ष 02 लाख 28 हजार से अधिक जन सेवा केन्द्र संचालित हैं। डिजिटल लॉकर योजना के अन्तर्गत प्रदेश में अब तक 80 लाख से अधिक डिजिटल लॉकर खोले जा चुके हैं। प्रदेश में गारमेन्टिंग हब बनाने हेतु पी0एम0 मित्र पार्क योजना के अन्तर्गत जनपद लखनऊ एवं जनपद हरदोई में विश्व स्तरीय मेगा टेक्सटाइल पार्क के अतिरिक्त सन्तकबीरनगर में टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है।
 राज्यपाल जी ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग सेक्टर के अन्तर्गत वर्ष 2012-13 से वर्ष 2016-17 की अवधि में 03 लाख 23 हजार 415 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध कराया गया, जबकि वर्ष 2017-18 से वर्ष 2024-25 की अवधि में 04 लाख 63 हजार 297 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ है, जो पूर्व की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न रोजगार योजनाओं में 55 हजार 473 बेरोजगार व्यक्तियों को स्वरोजगार एवं टूल किट्स वितरण के माध्यम से लाभान्वित किये जाने की व्यवस्था की गयी है। हथकरघा उद्योग के अन्तर्गत प्रदेश में लगभग 1.91 लाख हथकरघा बुनकर 5.50 लाख पावरलूम बुनकर अपना जीविकोपार्जन कर रहे हैं। वर्ष 2026-27 में वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में 30 हजार रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
 राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश में कारखाना अधिनियम, 1948 के अन्तर्गत वर्ष 2017 से दिनांक 30 नवम्बर, 2025 तक प्रदेश में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या 30,695 हो गयी है। भारत सरकार द्वारा निर्मित ई-श्रम पोर्टल पर वर्तमान में 08 करोड़ 41 लाख कामगारों का पंजीयन हुआ है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों में से माह दिसम्बर तक 07 लाख 01 हजार 484 श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना में आच्छादित किया गया है और इस मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
 सेवायोजन विभाग द्वारा रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों को विदेशों में रोजगार उपलब्ध कराने हेतु माह जनवरी-मार्च, 2024 में टेस्टिंग की कार्यवाही कराने के उपरान्त, अब तक 5,978 निर्माण श्रमिकों को इजराइल भेजा जा चुका है, जिससे प्रदेश को लगभग 1,400 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष का रिमिटेन्स प्राप्त होने की सम्भावना है। इसी क्रम में जनपद गोरखपुर में अक्टूबर, 2025 में आयोजित इण्टरनेशनल प्लेसमेन्ट इवेन्ट के माध्यम से 279 अभ्यर्थियों का एवं जनपद वाराणसी में दिसम्बर, 2025 को आहूत काशी सांसद रोजगार महाकुम्भ के माध्यम से 85 अभ्यर्थियों का चयन विदेश में रोजगार के लिए हुआ है। 01 अप्रैल, 2017 से 31 दिसम्बर, 2025 तक आयोजित 28,278 कैरियर काउन्सिलिंग कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 31,80,300 अभ्यर्थियों को कैरियर मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत वर्ष 2020-21 से अब तक इस योजना के अंतर्गत 1,391 व्यापारियों को लाभान्वित किया गया है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत प्रदेश के कृषकों की दुर्घटनावश मृत्यु की दशा में अधिकतम 05 लाख रुपये तथा दिव्यांगता की दशा में अधिकतम धनराशि 02 लाख 50 हजार रुपये की सहायता दिए जाने का प्राविधान है।
राज्यपाल जी ने कहा स्वामित्व योजना के अन्तर्गत नवीनतम ड्रोन प्रौद्योगिकी के उपयोग से ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर उनके स्वामित्व सम्बन्धी ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) तैयार की जा रही है। अब तक की स्थिति के अनुसार, कुल 72 हजार 230 ग्रामों में लगभग 01 करोड़ 11 लाख 35 हजार ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) तैयार की जा चुकी हैं। प्रदेश में चकबन्दी एवं सर्वे से बाहर समस्त 01 लाख 08 हजार 933 राजस्व ग्राम खतौनियों को कम्प्यूटरीकृत कर दिया गया है। प्रदेश के समस्त 75 जनपदों के स्कैनिंग योग्य भू-मानचित्रों के सापेक्ष 100 प्रतिशत की स्कैनिंग, 100 प्रतिशत डिजिटाइजेशन एवं 98.82 प्रतिशत भू-मानचित्रों को खतौनी से लिंक कर दिया गया है। प्रदेश के मण्डलीय राजस्व न्यायालयों में 01 जनवरी, 2025 से 31 दिसम्बर, 2025 तक 47 हजार 982 वाद तथा जनपदीय राजस्व न्यायालयों में 01 जनवरी, 2023 से 31 दिसम्बर, 2025 तक 39 लाख 16 हजार 294 वाद निस्तारित किये गये हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सर्वाधिक 20 लाख 98 हजार एक्टिव करदाताओं के साथ देश में प्रथम स्थान पर एवं रिटर्न दाखिला में अग्रणी राज्यों में है। वर्ष 2025-26 में अब तक 02 लाख 73 हजार नए पंजीयन निर्गत किये गये हैं। अप्रत्यक्ष कर के बोझ को कम करने हेतु जी0एस0टी0 में 28 प्रतिशत कर की दर की अधिकांश वस्तुओं व सेवाओं को 18 प्रतिशत एवं 12 प्रतिशत की अधिकांश वस्तुओं व सेवाओं को 5 प्रतिशत कर की दर में रख दिया गया है। नयी दरें दिनांक 22 सितम्बर, 2025 से पूरे देश में प्रभावी है। स्वास्थ्य बीमा, दवाईयों और कैंसर के उपचार सहित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य वस्तुओं पर टैक्स समाप्त कर दिया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय, जो वर्ष 2016-17 में 54,564 रूपये थी, वर्ष 2024-25 में बढ़कर 1,09,844 रूपये हो गयी है तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,20,000 रूपये अनुमानित है। वित्तीय अनुशासन को बनाये रखते हुए वित्तीय नीतियों के आधार पर आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस राज्य बन गया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में प्रदेश का आबकारी राजस्व मात्र 14 हजार 273 करोड़ रुपये था, जो वित्तीय वर्ष 2024-25 में बढ़कर 52 हजार 573 करोड़ रुपये हो गया है तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 63 हजार करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्ष 2017 के पश्चात से खनन प्रशासन में पारदर्शिता एवं खनन नीति में स्पष्टता लायी गयी। 31 मार्च, 2017 से पूर्व के 09 वर्ष में खनन से प्राप्त कुल राजस्व मात्र 07 हजार 712 करोड़ रुपये था, वहीं दिनांक 01 अप्रैल, 2017 से 31 दिसम्बर, 2025 तक लगभग 09 वर्षों में 3.75 गुना बढ़कर 28 हजार 920 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि 60 विभिन्न प्रकार के लेखपत्रों के ऑनलाइन पंजीकरण की सेवा के साथ विवाह पंजीकरण की ऑनलाइन सेवा प्रदान की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 49 लाख 17 हजार 649 से अधिक लेखपत्रों का पंजीकरण किया गया है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसम्बर 2025 तक लगभग 41 लाख 68 हजार 145 से अधिक लेखपत्रों का पंजीकरण किया जा चुका है। 29 जुलाई, 2025 से महिलाओं के पक्ष में एक करोड़ तक की सम्पत्ति का अन्तरण होने पर स्टाम्प शुल्क की प्रभार्यता 01 प्रतिशत कम कर दी गयी है। 08 जनवरी, 2026 से पारिवारिक सम्बन्धियों के बीच दान द्वारा अचल सम्पत्ति के अन्तरण पर स्टाम्प शुल्क (अधिकतम 5,000 रुपये) छूट का लाभ कृषि एवं आवासीय के साथ अब व्यावसायिक और औद्योगिक सम्पत्तियों तक विस्तारित कर दिया गया है।
राज्यपाल जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज द्वारा वर्ष 2012 से 2017 तक मात्र 26,421 पदों पर चयन की तुलना में वर्ष 2017 से अब तक 47,369 पदों पर चयन की कार्यवाही पूर्ण की गयी है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग, लखनऊ द्वारा वर्ष 2014 से 2017 तक अन्तिम रूप से चयनित 18,896 अभ्यर्थियों की तुलना में वर्ष 2017 से अब तक 52,470 अभ्यर्थियों का अन्तिम रूप से चयन किया गया है। उत्तर प्रदेश जनहित गारण्टी अधिनियम-2011 के अन्तर्गत जनसामान्य से प्राप्त आवेदन पत्रों का समयबद्ध रूप से निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु 48 विभागों की 392 तथा समस्त विभागों के लिए 10 अनिवार्य सेवायें, अर्थात् कुल 402 सेवायें अधिसूचित की गयी हैं।
जनपद मथुरा में सूरदास ब्रजभाषा अकादमी एवं गोरखपुर में सन्त कबीर दास भोजपुरी अकादमी की स्थापना हेतु अधिसूचना जारी की जा चुकी है। संस्कृत भाषा के विस्तार हेतु ‘सरल संस्कृत सम्भाषण शिविर’ योजना एवं ‘गृहे-गृहे संस्कृतम्‘ योजना प्रचलित है। सम्भाषण शिविर योजना में 43 हजार से अधिक प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है।
लखनऊ स्थित विधायक निवास-3 (ओ0सी0आर0) परिसर के पुराने असुरक्षित 18 (एम0एल0ए0) सुइट एवं अन्य असुरक्षित आवासों को ध्वस्त कर 88 नये बहुमंजिला आवासीय भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साथ ही, राज्य अतिथि गृह ‘गोमती‘ के जीर्ण-शीर्ण भवन के स्थान पर अति विशिष्ट अतिथि गृह (विक्रमादित्य मार्ग) का निर्माण कार्य प्रगति पर है। अयोध्या, प्रयागराज तथा गौतमबुद्ध नगर (न¨एडा) में विशिष्ट अतिथि गृह निर्माण हेतु वित्तीय स्वीकृति निर्गत की जा चुकी हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि सरकार के सुनियोजित प्रयासों व कार्यान्वयन से उत्तर प्रदेश, देश में विभिन्न योजनाओं में द्वितीय व प्रथम स्थान पर है। भारत सरकार द्वारा निर्मित ई-श्रम पोर्टल पर वर्तमान में 08 करोड़ 41 लाख कामगारों का पंजीयन हुआ है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों में से माह दिसम्बर तक 07 लाख 01 हजार 484 श्रमिकों को प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना में आच्छादित किया गया है और इस मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है। सरकार के हरीतिमा वृद्धि प्रयासों से प्रदेश का वनावरण 9.96 प्रतिशत हो गया और इस प्रकार प्रदेश, पूरे देश में द्वितीय स्थान पर रहा है। वृक्षारोपण अभियान के वर्ष 2017 के पश्चात 09 वर्षों में 242.13 करोड़ पौधों का रोपण किया गया। भारत सरकार का ‘महत्वाकांक्षी जनपद कार्यक्रम‘ पूरे देश में 112 जनपदों में संचालित है जिसमें प्रदेश के 08 जनपद सम्मिलित है। समग्र रूप से इस कार्यक्रम में देश के प्रथम 10 जनपदों की रंैकिंग की गयी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर प्रथम तथा सिद्धार्थनगर द्वितीय स्थान पर आये हैं।
राज्यपाल जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अन्तर्गत प्रदेश 10 करोड़ 22 लाख खातों के साथ देश में प्रथम स्थान पर है तथा वर्ष 2017 के सापेक्ष 05 करोड़ 76 लाख खातों की वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत 07 करोड़ 94 लाख नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अन्तर्गत 02 करोड़ 92 लाख नामांकन के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2024-25 में 388.15 लाख मीट्रिªक टन दुग्ध उत्पादन कर देश में राज्य प्रथम स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में भारत सरकार द्वारा प्रदेश सरकार (कृषि विभाग) को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में प्रथम स्थान प्राप्त करने हेतु पुरस्कार/प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
राज्यपाल जी ने कहा कि पी0एम0 सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अन्तर्गत लॉस रिडक्शन के कार्यों की प्रगति में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) के अन्तर्गत आवास निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। अटल पेंशन योजना के अन्तर्गत पंजीकरण में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। 96 लाख से अधिक सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की स्थापना कर उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बना है। वर्ष 2025 में अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव में 26,17,215 दीप प्रज्वलित कर कीर्तिमान स्थापित किए गए, जो ‘गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज हुआ है। कृषि निवेशों पर किसानों को देय अनुदान का डी0बी0टी0 माध्यम से भुगतान करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। गन्ना एवं चीनी, खाद्यान्न, आम, दुग्ध एवं आलू उत्पादन में उत्तर प्रदेश लगातार देश में प्रथम स्थान पर है।
राज्यपाल जी ने कहा कि ग्रामीण स्वच्छ शौचालय निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। राज्य कौशल विकास नीति के प्रभावी क्रियान्वयन एवं रोजगार सृजन में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी है। आउटसोर्सिंग कार्मिकों की आवश्यकताओं को प्रभावी तरीके से पूरा करने हेतु ‘उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम‘ का गठन एक ‘नियामक निकाय‘ की भाँति किया गया है। ई-मार्केटप्लेस (जेम) के अन्तर्गत सर्वाधिक सरकारी खरीद करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत 1.85 करोड़ निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान करने में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। वृक्षारोपण अभियान के अन्तर्गत प्रदेश में इस वर्ष 37 करोड़ 21 लाख पौधों का रिकॉर्ड रोपण किया गया है। देश में एथेनॉल के उत्पादन एवं आपूर्ति में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है।
राज्यपाल जी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन हेतु कार्ययोजना विकसित करने में उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। एन0पी0एस0 ट्रेडर्स योजना के अंतर्गत कामगारों के पंजीकरण में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। ई-प्रॉसिक्यूशन प्रणाली के प्रभावी उपयोग में उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उत्तर प्रदेश असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा बोर्ड द्वारा एन0पी0एस0 (ट्रेडर्स) योजना के अन्तर्गत माह दिसम्बर तक कुल सोलह हजार पचहत्तर (16,075) कामगारांे का पंजीकरण किया गया है और इस मामले में उत्तर प्रदेश प्रथम स्थान पर है। राज्य ने नीति आयोग द्वारा माह जनवरी, 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इण्डेक्स (ई0पी0आई0)-2024 में देश में ‘लैण्ड-लॉक्ड‘ प्रदेशों में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। ‘ईज ऑफ डूइंग’ बिजनेस के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश को वर्ष 2022 तथा 2024 में टॉप अचीवर तथा वर्ष 2022, 2023 एवं 2024 में लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में अचीवर्स के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। राज्य को वर्ष 2021 के ‘गुड गवर्नंेस इण्डेक्स‘ के अन्तर्गत वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्त हुआ है। ‘मिशन कर्मयोगी’ के अन्तर्गत वर्तमान में राज्य के लगभग 19 लाख 54 हजार यूजर्स को ‘आईगॉट’ पोर्टल पर ऑनबोर्ड कराते हुए उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
राज्यपाल जी ने कहा कि समस्त सदस्यगण, यह कालखण्ड हमें नई प्रेरणा दे रहा है। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्‘ के 150वें वर्ष के स्मरणार्थ देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेशवासी इन कार्यक्रमों से जुड़कर गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समस्त सदस्यगणों के समक्ष सरकार की प्रमुख विकासोन्मुखी नीतियों एवं जन कल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त रूपरेखा प्रस्तुत की गयी है। वित्तीय वर्ष 2026-2027 का आय-व्यय शीघ्र ही सदन में प्रस्तुत किया जायेगा। विगत सत्र के पश्चात कई अध्यादेश पारित किए गये हैं, जिनके प्रतिस्थानी विधेयक व कतिपय अन्य महत्वपूर्ण विधेयक आपके समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किए जाएंगे।
राज्यपाल जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि सभी सदस्यगण प्रदेश की आम जनता के व्यापक हित में सरकार का सहयोग कर जन आकांक्षाओं को पूरा करने में अपना बहुमूल्य योगदान करेंगे व इस सदन की उच्च गरिमा व पवित्रता बनाये रखेंगे। उन्होंने समस्त सदस्यगणों के स्वस्थ एवं सुखद जीवन की मंगलकामना करते हुए सरकार के कार्य-कलापों को प्रस्तुत करने का सुअवसर प्रदान करने हेतु धन्यवाद दिया।

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