आईसीएआर-सीआईआरजी द्वारा दस दिवसीय आईसीएआर प्रायोजित अल्पकालिक पाठ्यक्रम का सफल समापन

“बकरी दूध एवं मांस प्रसंस्करण में गुणवत्ता एवं सुरक्षा हेतु नवाचार एवं विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित दस दिवसीय आईसीएआर प्रायोजित अल्पकालिक पाठ्यक्रम, जो 16 से 25 फरवरी 2026 तक संचालित किया गया, का सफलतापूर्वक समापन 25 फरवरी 2026 को भा.कृ.अनु.प.–केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIRG), मखदूम स्थित बकरी उत्पाद प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में किया गया।

आईसीएआर-सीआईआरजी के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने समापन सत्र की अध्यक्षता की। पशु पोषण प्रबंधन एवं उत्पाद प्रौद्योगिकी (ANM&PT) प्रभाग के अध्यक्ष, अन्य प्रभागाध्यक्ष, प्रधान वैज्ञानिक, वरिष्ठ वैज्ञानिक, वैज्ञानिक तथा तकनीकी एवं परियोजना स्टाफ के सदस्य भी समापन कार्यक्रम में उपस्थित रहे। इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम में नौ राज्यों के विभिन्न संस्थानों से कुल पंद्रह शिक्षाविदों एवं शोधकर्ताओं ने भाग लिया।

यह कार्यक्रम आईसीएआर-सीआईआरजी के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली के दूरदर्शी नेतृत्व में आयोजित किया गया तथा इसका समन्वयन डॉ. अरुण कुमार वर्मा (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. वी. राजकुमार (प्रधान वैज्ञानिक) और डॉ. तरुण पाल सिंह (वैज्ञानिक) द्वारा किया गया। इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम को सावधानीपूर्वक इस प्रकार तैयार किया गया था कि इसमें प्रख्यात विशेषज्ञों द्वारा व्यापक सैद्धांतिक व्याख्यानों के साथ-साथ उन्नत विश्लेषणात्मक एवं प्रसंस्करण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी सम्मिलित हो। आईसीएआर-सीआईआरजी के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चाटली ने इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम में विशेष रुचि ली तथा प्रतिभागियों को ‘भारत में बकरी परिदृश्य’ और ‘बकरी दूध प्रसंस्करण से जुड़ी चुनौतियाँ’ विषयों पर दो विशेषज्ञ व्याख्यान देने हेतु अपना बहुमूल्य समय प्रदान किया।

सैद्धांतिक सत्रों में बकरी दूध एवं मांस प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियाँ, डिज़ाइनर मांस उत्पादन हेतु पोषण रणनीतियाँ, दीर्घकालिक संरक्षण योग्य मांस प्रसंस्करण, गुणवत्ता सुधार हेतु जीन संपादन, हरित एवं न्यूनतम प्रसंस्करण दृष्टिकोण, चीज़ एवं दही निर्माण, बकरी दूध आधारित कॉस्मेटिक उत्पाद निर्माण, खाद्य सूक्ष्मजीवविज्ञान, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उत्पादन हेतु पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, पैकेजिंग प्रौद्योगिकी तथा उत्पाद अर्थशास्त्र जैसे विविध विषयों को शामिल किया गया।

व्यावहारिक सत्रों में बकरी उत्पादों का रियोलॉजिकल मूल्यांकन; यूएचपीएलसी द्वारा अमीनो अम्ल एवं विटामिन प्रोफाइलिंग; जीसी-एमएस द्वारा वसीय अम्ल एवं फाइटोकेमिकल विश्लेषण; आणविक निदान तकनीकें; तथा VIDAS एवं TEMPO प्रणालियों द्वारा उन्नत सूक्ष्मजीव विश्लेषण पर विशेष ध्यान दिया गया। में. तोशविन एनालिटिकल प्राइवेट लिमिटेड, में. स्पिन्कोटेक प्राइवेट लिमिटेड, में. बायोमेरिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एप्लीकेशन विशेषज्ञों ने संस्थान का दौरा कर उन्नत उपकरणों का प्रदर्शन किया तथा प्रतिभागियों के साथ संवाद स्थापित किया। विशिष्ट अतिथि वक्ताओं, प्रो. (डॉ.) विकास पाठक (अधिष्ठाता, पशुचिकित्सा महाविद्यालय, दुवासु, मथुरा), डॉ. पी. नरेंद्र राजू (आईसीएआर-एनडीआरआई, करनाल) तथा डॉ. ऋतुपर्णा बनर्जी (आईसीएआर-एनएमआरआई, हैदराबाद) ने कार्यक्रम के दौरान ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किए।

प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया से स्पष्ट हुआ कि इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम की वैज्ञानिक विषयवस्तु नवीन, ज्ञानवर्धक और आकर्षक रही। सत्रों को संवादात्मक, अंतर्दृष्टिपूर्ण एवं व्यावसायिक रूप से समृद्ध बनाए रखने हेतु हर संभव प्रयास किया गया।

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