उतरौला बलरामपुर -नगर में इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहा है। सुबह स्कूल-कॉलेज खुलने के समय से लेकर देर शाम बाजार बन्द होने तक श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहा, हाटन तिराहा गोण्डा मोड़ तिराहा डाक्टर भीमराव अम्बेडकर चौराहा तथा मुख्य बाजार के मार्गो पर वाहनों की लम्बी कतारें आम दृश्य बन चुकी हैं। स्थिति यह है कि राहगीरों, व्यापारियों और छात्र-छात्राओं को प्रति दिन अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और परेशानी झेलनी पड़ रही है।
अब यह समस्या किसी एक दिन या त्योहार विशेष तक सीमित नहीं रही, बल्कि नगर वासि यों की दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बन चुकी है।
जाम का सीधा असर पढ़ाई, व्यापार और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है स्कूल समय में जाम लगने से बच्चे देर से विद्यालय पर पहुंचते हैं। कई अभिभावक छोटे बच्चों को सड़क पार कराने में जोखिम मह सूस करते हैं। पैदल चलना भी कठिन हो गया है। क्योंकि सड़कें वाहनों के साथ-साथ अस्थायी पार्किंग में बदल चुकी हैं। और दुकानदारों के अनुसार ग्राहक जाम के कारण बाजार में आने से बचते हैं, जिससे बिक्री पर प्रभावित हो रही है। एम्बुलेंस या अग्निशमन वाहन के लिए रास्ता बनाना मुश्किल हो जाता है यह सबसे गम्भीर चिन्ता का विषय बना हुआ है। नगर में जाम अब सामान्य असुविधा नहीं, बल्कि शहरी अव्यवस्था का संकेत बन चुका है। यदि समय रहते प्रशासनिकयोजना यातायात प्रबन्धन और नागरिक अनुशासन लागू नहीं किया गया, तो आने वाले समय में और भी समस्या का विकराल रूप ले सकती है।नगर की रफ्तार बहा ल करने के लिए प्रशासन व्यापारी और नागरिक तीनों की संयुक्त भागीदारी ही स्थायी रुप से ही समाधान साबित होगी।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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