उतरौला बलरामपुर -आदर्श नगर पालिका परिषद उतरौला के मोहल्ला सुभाष नगर में स्थित मदरसा गुलशने तय्यबा फ़ात्मा मेंदिनांक 8 फ़रवरी 2026 को इल्म, तहज़ीब और संस्कारों का अनोखा संगम देखने को मिला, जब कि 37 बच्चियों की दस्तार पोशी का भव्य आयोजन मोहम्म द यूसुफ उस्मानी इण्टर कॉलेज के परिसर में किया गया। इस ऐतिहासिक समारोह में क्षेत्र भर से आए हज़ारों लोगों ने शिरकत कर बच्चियों के हौसले को सलाम किया। दस्तार पोशी उन बच्चियों के लिए सम्मान का प्रतीक रही, जिन्होंने कुरआन शरीफ़, इस्लामी तालीम और नैतिक शिक्षा को पूरे लगन और अनु शासन के साथ हासिल किया। इस कार्यक्रम में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाली तीन टॉपर बच्चियों—मन्ना बानो अंसारी,आलिया खान और कहकशा—को मंच से सम्मानित किया गया, जिनकी कामयाबी पर पूरा मैदान तालियों से गूंज उठा। समारोह की मुख्य वक्ता आलिमा शाहिस्ता बलियावी ने अपने ओजस्वी सम्बोधन में कहा, कि आज की बच्चियां सिर्फ घर और समाज ही नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र का भविष्य हैं। उन्होंने ज़ोर देते हुए यह भी कहा कि इल्म-ए-दीन के साथ इल्म-ए-दुनिया को भी अपनाकर ही एक बेहतर, सभ्य और जाग रूक समाज का निर्माण किया जा सकता है।
मदरसे के प्रधानाचार्य मोहम्मद नूरुद्दीन इस्मा इल ने कहा, कि मदरसा गुलशने तय्यबा फ़ात्मा का उद्देश्य केवल धार्मि क शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चियों को संस्कारवान,आत्म निर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। वहीं प्रबंधक मोहम्मद अकी बुर्रहमान क़ादरी ने मदर से की शैक्षणिक उप लब्धियों औरसामाजिक भूमिका पर विस्तार रुप से प्रकाश डाला। इस
कार्यक्रम में अध्यापिकाएं तरन्नुम सादी, रेशमा सादी, तय्यबी और आरज़ू नाज़ अंजादी की सराहनीय भूमि का रही, जिनकी मेहनत और मार्ग दर्शन से बच्चियां इस मुकाम तक पहुंच सकीं।आयो जन के दौरान लगभग ढाई हज़ार लोगों के लिए ससम्मान खान- पान की व्यवस्था की गई। अन्त में दस्तार पोशी प्राप्त करने वाली सभी बच्चियों कोप्रमाण पत्र व उपहार प्रदान कर भावपूर्ण तरीके से उन्हें विदाई दी गई।
समारोह मे यह सन्देश दिया कि जब बेटियों को इल्म से जोड़ा जाता है, तो पूरा समाज तरक्की की राह पर आगे बढ़ता है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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