औरैया // एरवाकटरा क्षेत्र में धान खरीद केंद्र के लिए गांव वैवाह स्थित सहकारी समिति सराय शीशग्रान पर PCF का क्रय केंद्र खोला गया था एक नवंबर 2025 से यहां खरीद की जानकारी दी जा रही है अब तक 3900 क्विंटल से ज्यादा की खरीद कागजों में दर्ज है लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि वहां एक दाना भी नहीं खरीदा गया विकास खंड एरवाकटरा की सराय शीशग्रान समिति पर अभिलेखों के अनुसार 3900 क्विंटल से अधिक धान खरीदा जा चुका है यह धान 55 किसानों से खरीदा गया है इसका भुगतान भी हो चुका है ऐसे में अब चौंकाने वाला मामला सामने आया है गांव में समिति के आसपास ही रहने वाले ग्रामीणों ने खरीद पर सवाल खड़े कर दिए हैं केंद्र के ठीक सामने रहने वाले ग्रामीणों में रामवीर, लता देवी, रामफल, गुड्डी देवी, वीर सिंह, रामकृष्ण, मुकेश बाबू ने बताया कि केंद्र पर एक दाने की भी खरीद नहीं हुई लेकिन बीते सीजन में सिर्फ गेहूं की खरीद थोड़ी बहुत जरुर हुई।
सोमवार को केंद्र पर पहुंचे नगला लालजू निवासी किसानों ने भी बार बार आने के बाद भी उनकी खरीद न किए जाने का दावा किया उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र पर धान खरीद न करके फर्जी खरीद दिखाई गई है आखिर यह कैसे संभव है कि अगर धान खरीद हो और आसपास रहने वाले किसी भी ग्रामीण ने कभी केंद्र पर धान ही पड़ा न देखा हो। जिम्मेदारों के पास भी इसका कोई जवाब नहीं है। अभिलेखों की अगर बात करें तो 55 किसानों से कुल 3903 क्विंटल के करीब धान अब तक खरीदा जा चुका है। इसके लिए 93 लाख रुपये का भुगतान निर्धारित एमएसपी 2369 रुपये व 2389 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किया जा चुका है सोमवार को केंद्र पर केंद्र प्रभारी मौजूद नहीं मिले और मौके पर न तो कोई धान पड़ा था और न ही तौल किया धान रखा मिला कुछ लोग मौजूद थे, जिन्होंने केंद्र प्रभारी सुभाष यादव को ही जानकारी होने की बात कही सुभाष यादव से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने खरीद होने की बात कहते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया, इस बार मंडी में धान की कीमतें MSP से काफी कम रहीं। मंडी में जहां 1200 रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक अधिकतम धान की कीमत मिली तो वहीं MSP 2369 रुपये और 2389 रुपये प्रति क्विंटल रही यही कारण रहा कि इस बार फर्जीवाड़े की आशंका और ज्यादा प्रबल हो गई है इटावा के किसानों से हुई खरीद जिन 55 किसानों से सराय शीशग्रान स्थित क्रय केंद्र पर धान खरीदा गया है, उनमें बड़ी संख्या में किसान इटावा के भरथना व अन्य गांवों के हैं इसका भी केंद्र प्रभारी के पास कोई जवाब नहीं है हालांकि जिला खाद्य विपणन अधिकारी ब्रजेश कुमार यादव ने बताया कि अगर इटावा निवासी किसानों की जमीन बिधूना तहसील क्षेत्र में है तो किसानों से खरीद की जा सकती है अगर कहीं गड़बड़ी हुई तो उसकी जानकारी कराई जाएगी किसानों का कहना है कि कई बार धान बेचने के लिए बात करने केंद्र पर आए लेकिन हर बार सचिव ने कोई न कोई बहाना बनाकर लौटा दिया केंद्र पर अब तक कोई खरीद नहीं की गई है खरीद के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है इसकी जांच होनी चाहिए।
बार बार केन्द्र के चक्कर लगाने के बाद भी किसी किसान का एक बोरा धान तक नहीं खरीदा गया ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा की बात हो रही इसकी जांच होनी चाहिए ग्रामीण किसान बार बार कह रहे हैं धान खरीद की जानकारी नहीं है यहां खरीदते देखा भी नहीं गया किसी को वही इस मामले में जिला प्रबंधक PCF प्रमोद कुमार ने कहा कि यदि ग्रामीण इस तरह का गम्भीर आरोप लगा रहे हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी इटावा के किसानों की जहां तक बात है अगर उनकी जमीन बिधूना तहसील में है तो ही खरीद की जा सकती है इसकी भी जांच की जाएगी इसके बारे में जिला खाद्य विपणन अधिकारी ब्रजेश कुमार यादव का कहना है कि मामले की जानकारी की जा रही है अगर खरीद में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो इसकी जांच कराई जाएगी इस सम्बंध में PCF के अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है।
रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार हिन्दी संवाद न्यूज उत्तर प्रदेश
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