उतरौला बलरामपुर - ऑनलाइन दाखिल- खारिज नामांतरण व्यवस्था को लेकर अधिवक्ता संघअध्यक्ष प्रह्लाद यादव व महा मंत्री रवि शंकर मिश्रा के नेतृत्व में तहसील के परिसर में आमरण अनशन पर क्रमिक अनशन के द्वारा एक मीटिंग कर सभी अधिवक्ताओ ने मोटर साइकिल द्वारा नगरभ्रमण के लिए चल दिए। प्रांगण से निकल कर मुख्य मार्ग होते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौराहे से होते हुए डाक्टर भीमराव अम्बेडकर चौराहा, बलरामपुर तिराहा, बरदही बाजार, दुःख हरण नाथ मन्दिर, गोण्डा मोड़, पिपले श्वर मन्दिर, हनुमान गढ़ी, ज्वाला महारानी मन्दिर, जामा मस्जिद छोटी मस्जिद, कस्बा चौकी, हाटन तिराहा, बस स्टाप, डाक घर, से होकर तहसील के परिसर में पहुंचकर आन्दोलन के दूसरे ही दिन सभी अधिवक्ताओं ने आमरण अनशन पर बैठकर अपना विरोध जताया। अधिवक्ताओं के आन्दोलन के चलते तहसील के न्यायालयों में काम काज पूरी तरह से ठप रहा। इससे वाद कारि यों को बिना सुनवाई के ही मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। वहीं पर रजिस्ट्री कार्यालय में भी किसी बैनामे का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है, जिससे राजस्व का काफी नुकसान होने की बात सामने आई है।अधिवक्ताओं के आन्दोलन का असर तहसील के परिसर में होने वाले अन्य कार्यों पर भी दिखाई दे रहा है। नोटरी स्टाम्प की बिक्री नहीं होने से सरकारी कार्यों के लिए नोटरी कराने पहुंचे, असलम अली, सद्दाम हुसैन खां, मोहम्मद इस्माइल, राजिन्दर प्रसाद, मोहम्मद रईश के अलावा कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।अधिवक्ता संघ ने तहसील में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार व्याप्त होने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ता ओं ने कहा कि सीमांकन से जुड़े मामलों में कानूनगो और लेखपालों द्वारा कथित तौर पर 15 हजार रुपए से लेकर 20 हजार रुपये की मांग कर रहे है। उनका यह भी आरोप है कि इससे आम जनता का शोषण काफी हो रहा है, लेकिन सम्बन्धित अधिकारी इस पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। तो अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रह्लाद यादव और महामंत्री रवि शंकर मिश्रा ने बताया कि मोटर साइकिल रैली होने के बाद भी ऑनलाइन दाखिल खारिज नामांतरण का विरोध अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। जब तक अधिकारियों की ओर से यह मामला जबरन थोपी जा रही अगर इस नीतियों कोवापस नहीं लिया गया, तब तक हमारा आन्दोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अधि वक्ताओं को केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है,जबकि धरातल पर उनकी मांगों के समाधान के लिएकोई ठोस कार्यवाही नहीं की जा रही है।और आनलाइन दाखिल- खारिज नामांतरण के नाम पर अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा हैं। जब तक अधिवक्ताओं की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक क्रमिक अनशन और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। मोटर साइकिल रैली मेंवरिष्ठ अधिवक्ता अनीसुल हसन, इजहारुल हसन, अजय कुमार विमल, मोहम्मद खलील खां,राम चन्दर जयसवाल,अशोक कुमार दूबे, शकील अहमद शाह, कृष्ण गोपाल सिंह, शिव रतन लाल, राम प्रताप चौधरी, राम सुन्दर यादव, सुशील कुमार श्रीवास्तव, शत्रुघ्न लाल मिश्र, राम तीरथ जायसवाल, अखिल श्रीवास्तव, सुधीर कुमार श्रीवास्तव ओम प्रकाश श्रीवास्तव,धर्म राज यादव, सुमित कुमार, मोहम्मद कय्यूम खां, नवनीत कुमार श्रीवास्तव, हनुमान प्रसाद, राजवीर सिंह, अतुल कुमार यादव, मुकेश कश्यप, मनीष कुमार यादव, शक्ति मिश्रा, आयशा फैजान खान, रघुनाथ वर्मा सभा जीत तिवारी के अलावा भारी संख्या में अधिवक्ता अनशन पर बैठे। इस अवसर पर गिरीश पांडेय, आर के पांडेय, व्यास मुनि पांडेय, अमरनाथ शर्मा, तुलसीरामयादव राधेश्याम यादव, विक्की, प्रवेश गुप्ता, दिनकर श्रीवास्तव, आलोक कुमार गुप्ता और नसीम अहमद के अलावा भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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