बलरामपुर- जनपद में आगामी गन्ना पेराई सत्र 2026-27 को सुचारु, व्यवस्थित एवं किसान हितैषी ढंग से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में गन्ना किसानों की सुविधा, गन्ने की निर्बाध आपूर्ति तथा शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद की तीनों चीनी मिलों के लिए कुल 204 गन्ना क्रय केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें बलरामपुर चीनी मिल के लिए 103 क्रय केंद्र, तुलसीपुर चीनी मिल के लिए 65 क्रय केंद्र तथा इटई मैदा चीनी मिल के लिए 36 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि आगामी पेराई सत्र के अंतर्गत बलरामपुर चीनी मिल एवं तुलसीपुर चीनी मिल में 10 नवंबर, 2026 से तथा इटई मैदा चीनी मिल में 20 नवंबर, 2026 से पेराई कार्य प्रारंभ किया जाना निर्धारित है। इसके दृष्टिगत सभी संबंधित चीनी मिलों एवं गन्ना विभाग द्वारा आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं।
झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को देखते हुए गन्ना आपूर्ति व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव। 
जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि जनपद मुख्यालय पर निर्माणाधीन झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज के दृष्टिगत गन्ने की परिवहन व्यवस्था में विशेष परिवर्तन किया गया है, ताकि पेराई सत्र के दौरान शहर में गन्ना लदे ट्रकों एवं ट्रालों के आवागमन से यातायात बाधित न हो।
उन्होंने बताया कि विगत पेराई सत्र में जनपद बहराइच के जिन क्षेत्रों का गन्ना तुलसीपुर चीनी मिल को आपूर्ति किया जाता था, उस गन्ने की आपूर्ति अब बलरामपुर चीनी मिल को की जाएगी। इसके लिए जनपद बहराइच के 17 गन्ना क्रय केंद्रों का संचालन बलरामपुर चीनी मिल द्वारा किया जाएगा।
    इसी प्रकार बलरामपुर चीनी मिल के ऐसे 10 गन्ना क्रय केंद्र, जिनका गन्ना शहर के भीतर से होकर बलरामपुर चीनी मिल पहुंचता था, उन्हें तुलसीपुर चीनी मिल को आवंटित किया गया है।
   इस व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य गन्ने से लदे भारी वाहनों का शहर के भीतर आवागमन कम करना तथा निर्माणाधीन झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज के आसपास संभावित यातायात दबाव को नियंत्रित करना है।
शहर में जाम की समस्या से मिलेगी राहत, आमजन को नहीं होगी असुविधा
     जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि गन्ना पेराई सत्र के दौरान बड़ी संख्या में ट्रकों एवं ट्रालों के माध्यम से गन्ने की ढुलाई होती है। ऐसे में झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को देखते हुए पूर्व से ही आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
गन्ना क्रय केंद्रों के पुनः आवंटन से भारी वाहनों के शहर के भीतर प्रवेश में कमी आएगी तथा यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में सहायता मिलेगी। इससे स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, स्कूली वाहनों एवं अन्य राहगीरों को आवागमन में सुविधा होगी।
साथ ही गन्ना किसानों को भी आवंटित चीनी मिलों तक अपनी उपज की आपूर्ति करने में सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन का प्रयास है कि पेराई सत्र के दौरान गन्ना किसानों के साथ-साथ आमजन को भी किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
     जिलाधिकारी ने बैठक कर दिए हैं सभी तैयारियां समय से पूर्ण करने के निर्देश। 
आगामी गन्ना पेराई सत्र के संबंध में जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा पूर्व में संबंधित अधिकारियों एवं चीनी मिल प्रबंधन के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया है कि निर्धारित तिथियों पर चीनी मिलों में पेराई कार्य प्रारंभ करने के दृष्टिगत सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण कर ली जाएं। गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा, तौल व्यवस्था, गन्ने की सुचारु आपूर्ति तथा परिवहन संबंधी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों को अपनी उपज की आपूर्ति में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित अधिकारी एवं चीनी मिल प्रबंधन आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पेराई सत्र का सुचारु संचालन सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि झारखंडी रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को देखते हुए गन्ना परिवहन की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे शहर में अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न न हो तथा आमजन को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जिला प्रशासन द्वारा गन्ना किसानों के हितों की सुरक्षा, चीनी मिलों के सुचारु संचालन एवं आमजन की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए आगामी पेराई सत्र की तैयारियां की जा रही हैं। 
               

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