मुख्यमंत्री ने लखनऊ विकास प्राधिकरण की 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली 12 हजार करोड़ रु0 से अधिक लागत की नैमिष नगर एवं वरुण विहार आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन तथा भूखण्डों के लिए पंजीकरण का शुभारम्भ किया

2,166 करोड़ रु0 लागत से निर्मित की जाने वाली 05 बहुमंजिला आवासीय योजनाओं का शिलान्यास किया

वरुण विहार तथा नैमिष नगर परियोजनाएँ राजधानी के सुनियोजित विस्तार, आधुनिक शहरी सुविधाओं के विकास और विभिन्न आय वर्गों के लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार का निरन्तर प्रयास कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो

वरुण विहार परियोजना में 06 लाख से अधिक लोगों तथा नैमिष नगर योजना में 04 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी

परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा

वरुण विहार परियोजना के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी उपलब्ध करायी जाएगी

लखनऊ और नैमिषारण्य के मध्य 4-लेन की कनेक्टिविटी विकसित की जा रही

लखनऊ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के नए केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनायी

टाटा की ऑटोमोबाइल फैक्ट्री और अशोक लीलैण्ड की इलेक्ट्रिक वेहिकल मैन्युफैक्चरिंग परियोजना लखनऊ को नयी पहचान दे रहीं, ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण लखनऊ में हो रहा

लखनऊ का विकास केवल महानगर अथवा जनपद की सीमाओं तक सीमित नहीं, स्टेट कैपिटल रीजन के रूप में व्यवस्थित ढंग से लखनऊ को विकसित किया जा रहा

मेट्रो कनेक्टिविटी को और बेहतर करने सहित सार्वजनिक परिवहन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा

आज लखनऊ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सपनों के लखनऊ के रूप में विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा, आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार हो रहा


लखनऊ : 24 सितम्बर, 2026


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वरुण विहार तथा नैमिष नगर परियोजनाएँ राजधानी के सुनियोजित विस्तार, आधुनिक शहरी सुविधाओं के विकास और विभिन्न आय वर्गों के लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली इन परियोजनाओं से लखनऊ के विस्तार को नई गति मिलेगी और राजधानी के भविष्य की आवासीय आवश्यकताओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ लखनऊ विकास प्राधिकरण (एल0डी0ए0) की 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाली 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत की नैमिष नगर एवं वरुण विहार आवासीय योजनाओं के भूमिपूजन करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 2,166 करोड़ रुपये लागत से निर्मित की जाने वाली 05 बहुमंजिला आवासीय योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने भूखण्डों के लिए पंजीकरण का शुभारम्भ किया तथा उन्होंने योजना के लिए भूमि देने वाले किसानों से संवाद किया। इस अवसर पर लखनऊ की विकास यात्रा से सम्बन्धित लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम स्थल पर पौधरोपण किया तथा नैमिष नगर एवं वरुण विहार आवासीय योजनाओं के मॉडल का अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ की धरा भारत की विरासत, संस्कृति और संघर्ष की प्रतीक रही है। भगवान श्रीराम के अनुज भगवान लक्ष्मण की स्मृतियों से जुड़ी यह धरती आज नए भारत और नए उत्तर प्रदेश को नयी दिशा देने वाली राजधानी के रूप में निरन्तर आगे बढ़ रही है। उन्होंने नैमिष नगर और वरुण विहार परियोजनाओं का लाभ प्राप्त करने वाले तथा रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाओं के लिए लखनऊ में आने वाले सभी नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ का इतिहास देश की स्वतंत्रता की संघर्ष गाथा के साथ गहराई से जुड़ा है। सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में लखनऊ ने ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाने का कार्य किया था। सन् 1925 के काकोरी ट्रेन एक्शन ने ब्रिटिश सत्ता के समक्ष एक नई चुनौती खड़ी की। पं0 राम प्रसाद बिस्मिल, ठा0 रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ, चन्द्रशेखर आजाद, शचीन्द्रनाथ बख्शी, शचीन्द्रनाथ सान्याल और राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जैसे युवा क्रान्तिकारियों ने इसी धरती से भारत की स्वाधीनता के लिए नई हुंकार भरी थी।
आज लखनऊ ने स्वतंत्र भारत में विकास की नई यात्रा तय करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग के नए केन्द्र के रूप में अपनी पहचान बनायी है। लखनऊ अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केन्द्र बन रहा है। यही बदलता हुआ लखनऊ आज नई आवासीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से विस्तार की ओर बढ़ रहा है।
गत वर्ष लखनऊ में 785 एकड़ क्षेत्रफल में अनन्त नगर आवासीय परियोजना को 23 वर्ष बाद आगे बढ़ाने का कार्य किया गया। अब 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में वरुण विहार और नैमिष नगर की दो बड़ी आवासीय परियोजनाओं का शुभारम्भ किया जा रहा है। यह राजधानी के सुनियोजित विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है। तेजी से बढ़ती आबादी के बीच आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यदि शहर का विस्तार बिना किसी योजना के किया जाए तो भविष्य में अनेक समस्याएँ खड़ी होती हैं।
पहले लोग इधर-उधर जमीन खरीद लेते थे, लेकिन वहां सड़क, बिजली, पानी, जल निकासी और अन्य मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं होती थीं। जलभराव के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। कई बार जमीन बेचने वाले और जमीन खरीदने वालों के बीच दबंगों तथा असामाजिक तत्वों के दखल की भी समस्या आती थी। इसलिए लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा राजधानी के सुनियोजित विकास की एकीकृत योजना के साथ आवासीय परियोजनाओं को आगे बढ़ाना आवश्यक था। एक ही स्थान पर आवास, सड़क, बिजली, पानी, जल निकासी, परिवहन और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध हों, इसी उद्देश्य से इन परियोजनाओं को विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण को इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बढ़ती आबादी और बढ़ती आवश्यकताओं के अनुरूप नियोजित शहरी विकास आज की आवश्यकता है। आज लखनऊ की कनेक्टिविटी लगातार बेहतर हो रही है। राजधानी शिक्षा के नए केन्द्र के रूप में आगे बढ़ी है।  स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में भी नयी पहचान मिली है। आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में लखनऊ एक महत्वपूर्ण केन्द्र बन रहा है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी राजधानी तेजी से आगे बढ़ रही है। एक ओर टाटा की ऑटोमोबाइल फैक्ट्री और दूसरी ओर अशोक लीलैण्ड की इलेक्ट्रिक वेहिकल मैन्युफैक्चरिंग परियोजना लखनऊ को नई पहचान दे रही हैं।
लखनऊ हवाई अड्डे के विस्तार और आधुनिकीकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राजधानी की बाहरी और आन्तरिक कनेक्टिविटी को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। लखनऊ से आगरा की कनेक्टिविटी, पूर्वी उत्तर प्रदेश से बेहतर सम्पर्क, शहर के चारों ओर किसान पथ तथा लखनऊ विकास प्राधिकरण के नेतृत्व में ग्रीन कॉरिडोर जैसी परियोजनाएँ राजधानी के व्यवस्थित विकास को नई गति दे रही हैं।
अब लखनऊ के विकास को केवल महानगर अथवा जनपद की सीमाओं तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। इसे स्टेट कैपिटल रीजन यानी राज्य राजधानी क्षेत्र के रूप में व्यवस्थित ढंग से विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत लखनऊ के साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली को क्षेत्रीय विकास की योजना से जोड़ा जा रहा है। इस पूरे क्षेत्र को विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे, सार्वजनिक आवागमन, शिक्षा, पर्यटन और नागरिक सुविधाओं से युक्त करने की योजना है। मेट्रो कनेक्टिविटी को और बेहतर करने सहित सार्वजनिक परिवहन तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बेहतर आवागमन तथा जीवन की आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार का निरन्तर प्रयास रहा है कि समाज के प्रत्येक वर्ग को सम्मानजनक और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। विगत 12 वर्षों में देश में 04 करोड़ गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराया गया है। लखनऊ की इन नयी आवासीय योजनाओं में भी केवल किसी एक आय वर्ग को ध्यान में नहीं रखा गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, किफायती आवास, समूह आवास, भूखण्ड तथा उच्च आय वर्ग के लोगों के लिए आवासीय सुविधा आदि सभी आवश्यकताओं को योजनाओं में समाहित किया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में विकसित होने वाली वरुण विहार परियोजना अत्यन्त व्यापक होगी। वरुण देवता को पश्चिम दिशा का अधिष्ठाता माना जाता है और इसी भाव के अनुरूप इस क्षेत्र को वरुण विहार के नाम से विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से 06 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की क्षमता विकसित होगी। परियोजना में आवश्यक नागरिक सुविधाओं और कनेक्टिविटी को भी योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
4,100 एकड़ क्षेत्रफल में नैमिष नगर को विकसित किया जाएगा और इसमें 04 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने की क्षमता होगी। नैमिषारण्य भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है। शौनक ऋषि के नेतृत्व में 88 हजार ऋषियों द्वारा हजारों वर्ष पूर्व वहाँ तप और साधना के माध्यम से भारत की ज्ञान परम्परा को संरक्षित किए जाने की परम्परा से नैमिषारण्य का विशेष सम्बन्ध है। इसी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवन्त बनाए रखने के उद्देश्य से लखनऊ और सीतापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा नैमिष नगर को विकसित किया जा रहा है। यह आवासीय परियोजना आधुनिक विकास को हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जोड़ने का माध्यम बनेगी।
आज लखनऊ श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सपनों के लखनऊ के रूप में विकास की नई बुलन्दियों को छू रहा है। राजधानी में आधुनिक बुनियादी ढाँचे का विस्तार हो रहा है। उन्होंने भारत के रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद श्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में राजधानी में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि हवाई अड्डे का आधुनिकीकरण और विस्तार हुआ है। मेट्रो का लगातार विस्तार हो रहा है और रक्षा क्षेत्र में भी लखनऊ महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है।
पूर्ववर्ती सरकारों के समय लखनऊ की पहचान अराजकता से जुड़ी हुई थी, जबकि आज उसी लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। जब भारत का जवान ब्रह्मोस मिसाइल का इस्तेमाल करता है, तो देश के दुश्मनों में भय पैदा होता है। ब्रह्मोस मिसाइल से सम्बन्धित केन्द्र का लखनऊ में होना राजधानी के बदलते स्वरूप और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में प्रदेश की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि लखनऊ के विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार नई योजनाएँ लायी जा रही हैं। नैमिष नगर और वरुण विहार की दोनों बड़ी आवासीय परियोजनाओं के साथ किफायती आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना की पांच नई योजनाएँ भी शामिल हैं, जिनका शिलान्यास किया गया। आने वाले समय में लखनऊ का तेजी से विस्तार होगा। यह परियोजनाएँ यहाँ पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आने वाले नागरिकों, रोजगार की सम्भावनाओं के लिए लखनऊ पहुँचने वाले युवाओं तथा राजधानी को अपना भविष्य मानकर यहां रहने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
नैमिष नगर और वरुण विहार केवल आवास उपलब्ध कराने वाली योजनाएँ नहीं, बल्कि लखनऊ के भविष्य के सुनियोजित विस्तार की आधारशिला हैं। इनके माध्यम से सुरक्षित आवास, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक नागरिक सुविधाओं से युक्त नए शहरी क्षेत्रों का विकास होगा। इन परियोजनाओं के माध्यम से लखनऊ के विकास के साथ उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा और आर्थिक प्रगति को भी नयी गति मिलेगी।
परियोजनाओं के लिए भूमि देने वाले किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में किसानों से हुई बातचीत का उल्लेख करते कहा कि कई किसानों को करोड़ों रुपये का मुआवजा मिला और उन्होंने उस धनराशि का उपयोग दूसरी जगह जमीन खरीदने तथा अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने में किया। मुआवजे में मिली धनराशि को तत्काल खर्च करने के बजाय जमीन, उद्योग अथवा ऐसी सम्पत्ति में लगाया जाना चाहिए, जिससे भविष्य में उसका मूल्य बढ़े और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो।
सीतापुर में नैमिषारण्य का बड़े स्तर पर विकास किया जा रहा है। आने वाले समय में लखनऊ और नैमिषारण्य के मध्य दूरी और कम होगी। इसके लिए 4-लेन की कनेक्टिविटी विकसित की जा रही है। वरुण विहार परियोजना के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी भी उपलब्ध करायी जाएगी। इससे इस नए विकसित क्षेत्र में रहने वाले लोगों को प्रदेश के अन्य हिस्सों तक पहुँचने में आसानी होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परियोजनाओं के लिए जिन किसानों की भूमि ली जा रही है, उन्हें अच्छा और उचित मुआवजा मिलेगा। किसी भी प्रकार की दलाली नहीं होने दी जाएगी। एल0डी0ए0 और किसानों के बीच कोई मध्यस्थ नहीं होगा। किसान और प्राधिकरण सीधे आमने-सामने बातचीत करेंगे तथा मुआवजे की धनराशि सीधे उसी व्यक्ति के खाते में जाएगी, जिसकी जमीन परियोजना में शामिल होगी। पारदर्शिता, सुनियोजित विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के साथ लखनऊ को विकास की नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य निरन्तर जारी रहेगा।
कार्यक्रम को विधायक श्री योगेश शुक्ला तथा डॉ0 राजेश्वर सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर सांसद श्री संजय सेठ, विधान परिषद सदस्य डॉ0 महेन्द्र सिंह, श्री मुकेश शर्मा, डॉ0 लालजी प्रसाद निर्मल, श्री रामचन्द्र प्रधान, श्री पवन सिंह चौहान, विधायक डॉ0 नीरज बोरा, श्री ओ0पी0 श्रीवास्तव, श्रीमती जयदेवी, श्री अमरेश कुमार, लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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