बलरामपुर - जनपद में विगत दिनों हुई अतिवृष्टि तथा राप्ती नदी के बढ़े जलस्तर के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राजस्व, बाढ़, पुलिस, विद्युत, लोक निर्माण, कृषि सहित संबंधित विभागों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी करते हुए राहत, पुनर्बहाली एवं आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है।
बुधवार सायं 06:00 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 104.750 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 104.620 मीटर से 0.180 मीटर अर्थात 13 सेंटीमीटर ऊपर है।
बीती रात्रि राप्ती नदी का जलस्तर 104.880 मीटर तक पहुंचा था, जिसके बाद से जलस्तर में लगातार कमी दर्ज की जा रही है। वर्तमान में राप्ती नदी के जलस्तर का ट्रेंड फॉलिंग है। बाढ़ खंड द्वारा नदी के जलस्तर एवं सभी संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
*अतिवृष्टि से हुई क्षति के संबंध में राहत की कार्रवाई जारी*
जनपद में दिनांक 24 सितंबर से 26 सितंबर 2026 तक आई आंधी, बारिश एवं अतिवृष्टि के कारण कुल 08 व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु हुई है, जिनमें तहसील सदर में 04, तुलसीपुर में 01 तथा उतरौला में 03 व्यक्ति शामिल हैं। मृतकों के परिजनों/वैध वारिसों को राहत पोर्टल के माध्यम से अनुमन्य आपदा सहायता राशि के भुगतान की कार्रवाई की जा रही है।
*विद्युत व्यवस्था की पुनर्बहाली के लिए युद्धस्तर पर कार्य जारी*
अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं से विद्युत व्यवस्था बड़े स्तर पर प्रभावित हुई है।
विद्युत विभाग की टीमों द्वारा लगातार युद्धस्तर पर रिस्टोरेशन कार्य किया जा रहा है। 70 फीडरों को री-स्टोर किया जा चुका है तथा शेष 20 फीडरों को री-स्टोर करने का कार्य जारी है।
*मार्गों से 211 गिरे वृक्ष हटाकर आवागमन कराया गया सुचारु*
अतिवृष्टि एवं तेज हवाओं के कारण लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर कुल 211 वृक्ष गिर गए थे, जिन्हें हटाकर आवागमन प्रारंभ करा दिया गया है। अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मार्गों एवं पुलों की मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है।
*तीनों तहसीलों में फसल क्षति का सर्वे जारी*
अतिवृष्टि से फसलों को हुई क्षति का आकलन करने के लिए जनपद की तीनों तहसीलों में कृषि विभाग एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
*तीनों तहसीलों के 16 ग्रामों में जलभराव से आवागमन प्रभावित*
राप्ती नदी एवं नेपाली पहाड़ी नालों से आए पानी/जलभराव के कारण जनपद की तीनों तहसीलों के कुल 16 ग्रामों में आवागमन प्रभावित हुआ है।
तहसील बलरामपुर के कुल 10 ग्राम—झौंहना, जबदही, कोड़री, गंगाबक्श भागड़, दतरंगवा, भुसैलवा, सेमरहना, टेंगनहिया मानकोट, खजुरिया एवं नन्दनगर प्रभावित हैं।
तहसील तुलसीपुर के कुल 04 ग्राम—बुड़न्तपुर, किदुरी, कटैया भारी एवं बरहना मजरा हरहटा में जलभराव से आवागमन प्रभावित हुआ है। वहीं तहसील उतरौला के कुल 02 ग्राम—मटियरिया करमा एवं मस्जिदिया के बाहर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है।
जलभराव प्रभावित ग्रामों में आमजन का आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार नावों की व्यवस्था की गई है। 10 ग्रामों में बड़ी नावों का संचालन किया जा रहा है।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देशन में सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं। राप्ती नदी के जलस्तर तथा संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी के साथ राहत, पुनर्बहाली एवं आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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