बलरामपुर -जनपद में संचालित साइबर अपराध के गैंग द्वारा लोगो के मोबाइल में लगे सिम/ डिवाइस से UPI कम्प्रोमाइज कर उनके खातो से लाखो रुपये निकालने वाले 03 शातिर साइबर अभि0 / बालअपचारी गिरफ्तार व उनके कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 03 अदद आईफोन, 01 अदद एंण्ड्रॉइड मोबाइल व रुपये 24000/ नकद बरामद।
साइबर अपराध पर अंकुश लगाने हेतु पुलिस महानिदेशक महोदय उ0प्र0 द्वारा चलाये गये विशेष अभियान Cy-Vazra के क्रम में पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक / नोडल अधिकारी साइबर क्राइम विशाल पाण्डेय व क्षेत्राधिकारी उतरौला डा0 जितेन्द्र कुमार के निकट पर्यवेक्षण में जनपद बलरामपुर में साइबर अपराध से सम्बन्धित साइबर पोर्टल पर प्राप्त आनलाइन शिकायत व आवेदक अरुण कुमार वर्मा पुत्र रामनरेश वर्मा निवासी ग्राम अमया देवरिया थाना कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर द्वारा थाना कोतवाली उतरौला पर पंजीकृत कराये गये मु0अ0सं0 098/2026 धारा 318(4)/319(2) बीएनएस व बढोत्तरी धारा 336(3)/338/317(2) बी0एन0एस0 व 66(C)/66(D) सूचना प्रौद्यौगिकी अधिनियम की जांच/कार्यवाही किये जाने हेतु पुलिस अधीक्षक महदोय के निर्देश के क्रम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली उतरौला अवधेश राज सिंह के नेतृत्व में
अभियुक्तों में- 1.दो बाल अपचारी 2. सनी चौरसिया पुत्र वेद प्रकाश चौरसिया निवासी मोहल्ला आर्यनगर वार्ड 06 थाना कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर को थाना स्थानीय से गिरफ्तार किया गया । बाद विधिक कार्यवाही अभियुक्तगण को माननीय न्यायालय रवाना किया गया ।
गिरफ्तार किये गये अभियुक्त/बाल अपचारी का विवरणः*-
1. अभियुक्त- सनी चौरसिया पुत्र वेद प्रकाश चौरसिया निवासी मोहल्ला आर्यनगर वार्ड 06 थाना कोतवाली उतरौला जनपद बलरामपुर
2. 02 बाल अपचारी
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi):-
अभियुक्तगण शनी (सनी) चौरसिया व दो बाल अपचारी ने YouTube से iPhone आधारित UPI/Wallet लॉगिन की तकनीक सीखकर योजनाबद्ध तरीके से साइबर धोखाधड़ी की । ये लोग सेकेंड-हैंड iPhone खरीदते थे तथा परिचित व्यक्तियों से बात करने या फोटो खींचने के बहाने मोबाइल लेकर उसकी SIM निकालकर अपने iPhone में लगाते थे । इसके बाद संबंधित पीड़ित का NAVI UPI/Paytm जैसे UPI ऐप अपने आईफोन में लॉगिन कर नया पासकोड/एक्सेस सेट कर देते थे । iPhone में Apple Cloud के कारण लॉगिन सक्रिय रहने से SIM वापस पीड़ित के मोबाइल में लगा देने के बाद भी उनके iPhone में UPI खाता संचालित रहता था।
इसके बाद तीनों अभियुक्त नेपाल के चन्द्रौटा स्थित कैसीनो एवं अन्य स्थानों पर जाकर पीड़ितों के खातों से UPI के माध्यम से भुगतान करते थे तथा उसके बदले नकद राशि प्राप्त कर लेते थे, जिससे स्थानीय स्तर पर संदेह न हो तथा ये प्रतीत हो कि रुपये स्वयं खाताधारक द्वारा निकाले गये है या बैंक गड़बड़ी की वजह से धनराशि निकल गयी है। धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का एक हिस्सा ऑनलाइन गेमिंग (तिरंगा मोबाइल ऐप) में लगाया गया तथा शेष राशि को विभिन्न खातों (जैसे अभियुक्त की पत्नी के खाते) में ट्रांसफर/विदड्रॉ कर आपस में बांट लिया गया। घटना के बाद उपयोग किए गए iPhone को उतरौला स्थित मोबाइल दुकानों पर बेचकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया जाता था तथा आवश्यकता पड़ने पर दूसरा iPhone खरीदकर उसी तरीके से पुनः धोखाधड़ी की जाती थी।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तगण शनी (सनी) चौरसिया ने संयुक्त रूप से बताया कि वे आपस में मित्र हैं तथा YouTube पर वीडियो देखकर iPhone में SIM डालकर UPI/Wallet Application Login करने एवं Apple Cloud के माध्यम से Login Session सुरक्षित रहने की तकनीक सीखे। इसके पश्चात तीनों ने योजनाबद्ध तरीके से सेकेंड-हैंड iPhone खरीदकर परिचित व्यक्तियों के मोबाइल की SIM का दुरुपयोग कर उनका यू0पी0आई0 एक्टिव/लॉगिन कर धोखाधड़ी करने की योजना बनाई। अभियुक्तों ने बताया कि दिनांक 28.05.2026 को विशाल वर्मा ने रवि वर्मा के मोबाइल की SIM निकालकर अपने iPhone-12 में लगाई तथा NAVI UPI App में Login कर नया पासकोड/एक्सेस तैयार किया। इसके बाद SIM पुनः रवि वर्मा के मोबाइल में लगा दी, जबकि iPhone में Login सक्रिय बना रहा। उसी दिन विशाल वर्मा, इमरान जैदी एवं शनी चौरसिया नेपाल के चन्द्रौटा स्थित कैसीनो गए, जहाँ पीड़ित के खाते से तीन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 95,000/- का भुगतान कर उसके बदले नकद राशि प्राप्त की। घटना के उपरांत प्रयुक्त iPhone-12 को उतरौला स्थित मोबाइल की दुकान पर बेच दिया गया।
अभियुक्तों ने आगे बताया कि अरुण वर्मा के मोबाइल को फोटो खींचने के बहाने लेकर उसकी SIM अपने iPhone में लगाई तथा Paytm UPI Application में Login किया। SIM पुनः मोबाइल में लगाने व यू0पी0आई0 कंप्रोमाइज करने के बाद दिनांक 03.07.2026 को तीनों अभियुक्त नेपाल गए, जहाँ पीड़ित के खाते से 1,00,000/- का ऑनलाइन भुगतान कर नकद राशि प्राप्त की तथा दिनांक 07.07.2026 को धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि में से 65,000/- तिरंगा मोबाइल गेमिंग ऐप में लगाया गया, जिसमें 9,000/- की हानि हुई तथा शेष 56,000/- अभियुक्त शनी चौरसिया द्वारा अपनी पत्नी वंदना के बैंक खाते में स्थानांतरित/विदड्रॉ कर लिया गया। इस तरह अरुण वर्मा से कुल रुपये 1,65,000/- की धोखाधड़ी की कर ली गयी।
पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने बताया कि प्रयुक्त iPhone प्रायः उतरौला स्थित मोबाइल दुकानो से खरीदे जाते थे तथा घटना के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से उन्हें पुनः मोबाइल दुकानो पर बेच दिया जाता था। अभियुक्तगणो ने बताया कि धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि आपस में बांट ली जाती थी।
अभियुक्तों के पास से 03 अदद आईफोन मोबाइल फोन, 01 अदद एंण्ड्रॉइड मोबाइल फोन, रुपये 24000/ नकद बरामद किया गया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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