उतरौला बलरामपुर - मंगलवार को उतरौला,अमया देवरिया वरेहरा माफी में दोपहर लगभग दो बजे के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच चेहल्लुम का जुलूस निकाला गया।कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन व उनकेसाथियों की शहादत को याद कर शिया, सुन्नी समु दाय के लोगों ने नम आंखों से शहीदाने कर्बला को पुरसा दिया। नौहा ख्वानो के नौहे पर अजादारों ने मातम भी किया गया। उतरौला के मोहल्ला सुभाष नगर में मरहूम हाजी तुल्लन हुसैन के इमामबाड़े से चेहल्लुम का जुलूस लगभग शाम चार बजे बरामद हुआ। जिसमें शिया समुदाय के लोगकाला लिबास पहने नंगे पांव, दर्द भरे नौहे के साथ कमा व जंजीर का मातम किया, इस जुलूस में अहले सुन्नत उतरौला का जुलूस भी अलम व ताजिए के साथ शामिल रहा। अज़ादारों को जगह- जगह पानी, शरबत, शबील, चाय व फल भी वितरित किया गया। जुलूस अपने मुख्य मार्गों से होता हुआ बड़ी मस्जिद, ज्वाला महारानी मन्दिर, हनुमान गढ़ी पिपलेश्वर मन्दिर गोण्डा मोड़ होता हुआ कर्बला पर पहुंचकर शाम लगभग सात बजे समाप्त हुआ, जिसमें भारी संख्या में लोग मौजूद रहे। कई गांव के लोगों ने भी ताजिया लाकरकर्बला मे दफन किया।इसी क्रम में उतरौला के ग्राम अमया देवरिया में चेहल्लुम का जुलूस दरगाह हजरतअब्बास अलमदार से शामचार बजे निकाला गया। जिसमें शिया समुदाय के लोगों ने नंगे पांव काले लिबास में, दर्द भरे नौहे पढ़ने केसाथ कमा व जंजीर का मातम कर, इमाम हुसैन को पुरसा दिया। जुलूस में अलम, ताबू त जुल्जना,व ताजिया के साथ लोगों ने नौहा ख्वानी व सीनजनी की। मातमदारो को जगह-जगह पानी, शरबत, शबील, चाय व फल भी वितरित किया गया। जुलूस मिशन रोड से होता हुआ डाक बंगला पहुंचा तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। यहां पर लगभग एक घंटे तक नौहा ख्वानी कमा व जंजीरी मातम होता रहा। डाकबंगला होते हुए जुलूसकर्बला पहुंचकर लोगों ने ताजिया दफन करने के बाद शाम लगभग सात बजे अपना रोज़ा खोला। उसके बाद जुलूस समाप्त हुआ। मौलाना ज़ायर अब्बा स ने बताया कि दस मोहर्रम को इमाम हुसैन शहीद कर दिए गए थे। जिनकी याद में हम लोग दस मोह र्रम के 40 वे दिन शोहदाय कर्बला का चेहल्लुम मनाते हुए चले आ रहे है।
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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