उतरौला बलरामपुर- नगर सहित आस पास के ग्रामीण इलाकों में घरेलू गैस सिलेंडरों की कथित रूप से काला बाजारी को लेकर मामला गरमाता हुआ नजर आ रहा है। गैस वितरण व्यवस्था को लेकर उपभोक्ताओं और अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश व्याप्त  है। 
 लोगों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति निर्धारित व्यवस्था से अलग कथित रूप से दुकानों, होटलों, ठेले-खोमचों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक हो रही है। कुछ उपभोक्ताओं ने दावा किया है कि सिलेंडर दो हजार रुपए से लेकर ढाई हजार रुपयों तक में उपलब्ध कराया जा रहा है। *क्षेत्र के सभी गैस एजेंसियों की वितरण व्यवस्था पर उठे सवाल*
स्थानीय लोगों ने श्री बालाजी गैस एजेंसी उतरौला, एचपी गैस एजेंसी हुसैनाबाद, एचपी गैस एजेंसी मां पाटेश्वरी पिपरी, कोल्हुई और महुआ बाजार के अलावा क्षेत्र की अन्य गैस एजेंसियों की वितरण की जांच कराने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि यदि घरेलू सिलेंडर व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंच रहे हैं, तो आखिर इसकी आपूर्ति कौन कर रहा है,जहां आम उपभोक्ता बुकिंग के बाद भी गैस पाने की प्रतीक्षा में हफ्तोंगुजार देते हैं वहीं व्यावसायि क प्रतिष्ठान हर तीसरे दिन सिलेंडर कैसे पा जाते हैं।आम उप भोक्ता की बुकिंग करने के बाद डीएसी नंबर आने के बाद भी बुकिंग कैंसिल करदेने का खेल भी हर गैस एजेंसी कर रही है। इसी की आड़ को लेकर सिलेंडरों की काला बाजारी की धड़ल्ले से की जाती है। आसाम रोडचौराहे पर पेट्रोल पम्प के बगल, गोण्डा मोड़ तिराहा, दुःख हरण नाथ मन्दिर, मोहल्ला आर्य नगर व पटेल नगर में ब्लैकियेअपनी शर्तों पर गैस कीकाला बाजारी धड़ल्ले से कर रहे हैं लेकिन प्रशास  निक शिथिलता और इंटेलिजेंस इन ब्लैकि यों पर अंकुश लगाने में असफल है। उप भोक्ताओं और अधि वक्ताओं का दावा है कि मामले की शिकायतजिलाधिकारी बलरामपुर और आपूर्ति विभाग तक पहुंचाई जा चुकी है। इसके बावजूद भी प्रभावी कार्यवाही अभी तक नहीं हुई है।
लोगों ने मांग की है कि गैस एजेंसियों के स्टॉक की औचक जांच कराई जाए। बुकिंग और डिलीवरी रिकॉर्ड का मिलान भी कराया जाए।  गोदामों की जांच की जाए। व्यावसायिकप्रतिष्ठानों में घरेलू सिलेंडरों के इस्तेमाल की जांच हो। अनियमितता मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्यवाही हो। अधिवक्ताओं नेकथित गैस की कालाबाजारी के खिलाफ आन्दोलन की चेतावनी दी है। उनका यह भी कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्यवाही नहीं की गई तो धरना- प्रदर्शन, अनशन और जरूरत पड़ने पर चक्का जाम भी किया जाएगा।

                हिन्दी संवाद न्यूज से
               असगर अली की खबर
                 उतरौला बलरामपुर। 

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