मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में न्यूज 18 द्वारा आयोजित
विशेष कॉन्क्लेव ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ को सम्बोधित किया
पूर्वी उ0प्र0 आज अपनी युवा शक्ति के बल पर तेजी के साथ बढ़ रही अर्थव्यवस्था
के रूप में उभरा, पूर्वी उ0प्र0 में प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी : मुख्यमंत्री
यहां पर अब पलायन नहीं होता, यहां का नौजवान
अपने ही जनपद व क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करता
पूर्वी उ0प्र0 ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी और विगत
09 वर्षों में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में हुए बदलाव को देखा
विगत 09 वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच नए विश्वविद्यालय निर्मित हुए
बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ड्रॉप आउट रेट
19 प्रतिशत से घटकर अब 3 प्रतिशत तक आ गया
प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक स्तर
की शिक्षा के विद्यालयों में नए भवन बनकर तैयार
आज स्किल डेवलपमेन्ट सेण्टर तथा आई0टी0आई हब एण्ड
स्पोक मॉडल पर युवाओं को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ रहीं
आज इस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस, डेंगू, कालाजार,
चिकनगुनिया, मलेरिया आदि बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा
गोरखपुर का बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज आज सुपर
स्पेशियलिटी के नए केन्द्र के रूप में विकसित, गोरखपुर में एम्स संचालित
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे तथा
हाई-वे के माध्यम से इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी बेहतरीन हुई
डबल इंजन सरकार ने उ0प्र0 को माफिया मुक्त बनाया
विगत 09 वर्षों में गोरखपुर में हुए निवेशों से 50,000 युवाओं को रोजगार मिला
महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु
आदि राज्यों से उद्यमी यहां आकर निवेश करना चाहते
हमने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दिया
विकसित भारत तब बनेगा, जब विकसित उ0प्र0 होगा और विकसित उ0प्र0
तब होगा, जब पूर्वी उ0प्र0, मध्य क्षेत्र, बुन्देलखण्ड और पश्चिमी उ0प्र0
मिलकर विकास के पायदान पर तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे
लखनऊ : 11 अगस्त, 2026 :ः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश आज अपनी युवा शक्ति के बल पर तेजी के साथ बढ़ रही अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय तीन गुना से अधिक बढ़ी है। यहां पर अब पलायन नहीं होता है। यहां का नौजवान अपने ही जनपद व क्षेत्र में रोजगार प्राप्त करता है। वह स्वतः रोजगार के माध्यम से रोजगार सृजन का केन्द बिन्दु बन रहा है। अब पूर्वी उत्तर प्रदेश विकास के पायदान पर किसी से पिछड़ा नहीं है, बल्कि तेजी के साथ भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयां प्रदान कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद गोरखपुर में न्यूज 18 द्वारा आयोजित विशेष कॉन्क्लेव ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश सदियों से एक ऐसा क्षेत्र रहा है, जिसने उपेक्षा का लम्बा फासला तय किया है। मुगल काल, ब्रिटिश काल तथा आजादी के बाद भी बीमारी, बाढ़ तथा अराजकता का निरन्तर शिकार बना रहा है। यही वह क्षेत्र है, जहां बीमारी और बेगारी के कारण व्यापक पलायन हुआ था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में रजिस्टर्ड श्रमिक के रूप में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग गए हैं। ऐसा नहीं कि यहां से पलायन कर रहे लोगों में प्रतिभा का अभाव रहा हो। उन्हें जब भी अवसर मिला, उन्होंने अपनी प्रतिभा और परिश्रम का लोहा मनवाया है। आज दुनिया के अनेक देशों में राष्ट्राध्यक्ष के रूप में वही लोग नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं, जिनके पूर्वज इसी धरती पर पैदा हुए थे। अगर वह मॉरीशस और फिजी में राष्ट्राध्यक्ष बन सकते हैं, तो इस क्षेत्र की बीमारियों, बेरोजगारी और बाढ़ की समस्या का समाधान कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 1947 से पहले देश गुलाम था। यहां के लोग उपेक्षा का दंश झेलने के लिए मजबूर थे, लेकिन 1947 के बाद भी इस क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी तथा इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए कोई कार्य नहीं किया गया। स्वतंत्र होने के बाद देश में शासन की लोकतन्त्र की पद्धति को अपनाया गया। संसदीय लोकतन्त्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर शासन पद्धति के पहिए बनते हैं। दोनों मिलकर एक साथ जब लोकतन्त्र को मजबूती प्रदान करते हैं, तब लोकतन्त्र पुष्ट होता है और जन आकांक्षाओं की पूर्ति का आधार बनता है। इस पद्धति में अन्तिम पायदान पर बैठे हुए व्यक्ति की आवाज शासन तक पहुंचनी चाहिए। इस सकारात्मक भूमिका के साथ विपक्ष को अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन भी करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश ने विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में हुए बदलाव को देखा है। जब इस बदलाव की चर्चा आम-जन करे, तो बदलाव माना जाता है। स्वतंत्र भारत में पूर्वी उत्तर प्रदेश में काशी और प्रयागराज के अतिरिक्त अन्य कहीं विश्वविद्यालय नहीं था। विगत 09 वर्षों में गोरखपुर में आयुष विश्वविद्यालय बना। आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव तथा बलरामपुर में मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ। मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी के नाम पर नए विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ। हाल ही में भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य हुआ है। विगत 09 वर्षों में पूर्वी उत्तर प्रदेश में पांच नए विश्वविद्यालय निर्मित हुए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले बेसिक शिक्षा के क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों में ड्रॉप आउट रेट 19 प्रतिशत से अधिक था। इसका मुख्य कारण बालक और बालिकाओं के लिए स्कूल में टॉयलेट नहीं होना था। वहां पेयजल, प्लेग्राउण्ड, फ्लोर, फर्नीचर सहित अन्य सुविधाओं का अभाव था। आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग सभी विद्यालयों को इन सुविधाओं से युक्त कर दिया गया है। इन विद्यालयों में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट, पेयजल की व्यवस्था, डिजिटल लाइब्रेरी, स्मार्ट क्लास, फर्नीचर की सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। प्रत्येक बच्चे को बिना भेदभाव दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूते, मोजे, स्वेटर आदि प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद के 1,36,000 विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से सुधारात्मक कार्य किये गये हैं। परिणामस्वरूप विद्यालयों में ड्रॉप आउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर अब 3 प्रतिशत तक आ गया है। अर्थात जो बच्चे असमय स्कूल छोड़ देते थे, वे अब स्कूल जाकर पढ़ायी कर रहे हैं। प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से माध्यमिक स्तर की शिक्षा के लिए विद्यालयों तथा कॉलेजों के जर्जर भवनों के स्थान पर नए भवनां के लिए विशेष धनराशि की व्यवस्था की गई। आज इन विद्यालयां के नए भवन बनकर तैयार हो गये हैं। वहां लैब, लेबोरेटरी, क्लासरूम आदि फिर से बनकर तैयार हो चुके हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों के निर्माण की दिशा में नए कार्यक्रम आगे बढ़े है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए नए प्रयास प्रारम्भ किए गये। एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आगे बढ़ाया गया। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए यह व्यवस्था दी गई कि वह वर्चुअल और फिजिकल माध्यम से मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के साथ जुड़ सकता है। अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से जिन विद्यार्थियों को यू0पी0एस0सी0, उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन, नीट, आई0आई0टी0-जे0ई0ई0 सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी है, तो उनके लिए यू0पी0एस0सी0 तथा यू0पी0पी0एस0सी0 पासआउट अधिकारी, उस जिले में तैनात जिलाधिकारी तथा ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट कम से कम एक घण्टा समय देते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारी 56 से 60 प्रतिशत आबादी युवा है। हमारा युवा प्रतिभाशाली है। वह असीम ऊर्जा और प्रतिभा का धनी है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश का युवा इस मामले में सौभाग्यशाली है कि वह देश की सबसे बड़ी युवा आबादी का नेतृत्व करता है। जब भी हमारे युवाओं को उचित प्लेटफॉर्म मिला है, उसने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। युवा आज की नई टेक्नोलॉजी में रुचि ले रहे हैं।
आज स्किल डेवलपमेन्ट के सेण्टर तथा प्रत्येक जनपद में कम से कम दो आई0टी0आई ऐसी दी गई है, जो हब एण्ड स्पोक मॉडल पर युवाओं को मॉडर्न टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ रही है। वहां युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, स्पेस टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, 3-डी प्रिंटिंग आदि सभी प्रकार के पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। प्रदेश का प्रत्येक यहां रजिस्ट्रेशन कराकर कौशल प्राप्त कर सर्टिफिकेट ले सकता है। वहां कैंपस सिलेक्शन की व्यवस्था भी है। युवा अपनी योग्यता के अनुरूप जॉब ढूंढ सकता है तथा कार्यक्रमों को आगे बढ़ा सकता है। युवाओं को आज की आवश्यकता के अनुरूप अच्छी शिक्षा तथा रोजगार की आवश्यकता है। युवाओं के लिए रोजगार के नये अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। अगर वह स्वयं भी अपना कारोबार प्रारम्भ करना चाहता है, तो पी0एम0 इण्टर्नशिप, सी0एम0 इण्टर्नशिप स्कीम और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से आगे बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि मलेरिया, इन्सेफेलाइटिस, डेंगू आदि बीमारियां यहां की नियति बन चुकी थी। अलग-अलग क्षेत्रों में इन गम्भीर बीमारियां के कारण बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चें असमय काल-कवलित होते थे। आज से 07-08 वर्ष पहले तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में जुलाई से नवम्बर तक का माह हर परिवार के लिए भय और दहशत बनकर आता था। बाढ़ आती थी, तो बीमारी छोड़कर जाती थी, जो मलेरिया, इंसेफेलाइटिस, डेंगू, चिकनगुनिया, कालाजार के रूप में यहां के बचपन को डस लेती थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस तथा समाजवादी पार्टी को प्रदेश में शासन करने का अवसर प्राप्त हुआ। इंसेफेलाइटिस के खिलाफ इनकी जुबान कभी नहीं निकली। इन्होंने उसकी रोकथाम तथा उपचार करने के लिए कभी कोई व्यवस्था नहीं की। जब प्रदेश में मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें जन सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ, तो इन बीमारियों का समाधान मात्र 02 वर्ष में निकाल दिया। आज इस क्षेत्र में इंसेफेलाइटिस, डेंगू, कालाजार, चिकनगुनिया, मलेरिया आदि बीमारियों पर प्रभावी अंकुश लगा है। यह क्षेत्र इन बीमारियों से मुक्त हो चुका है। यह पूरा क्षेत्र आज मेडिकल का एक बेहतरीन केन्द्र बनकर उभरा है। गोरखपुर का बी0आर0डी0 मेडिकल कॉलेज जो पहले बीमार था, आज सुपर स्पेशियलिटी के नए केन्द्र के रूप में विकसित हुआ है। गोरखपुर में एम्स कल्पना से परे था। आज गोरखपुर में एम्स संचालित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले केवल गोरखपुर में मेडिकल कॉलेज था। आज कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, सिद्धर्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, बहराइच, गोण्डा, सुलतानपुर, प्रतापगढ़, गाजीपुर, आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, अंबेडकर नगर आदि जनपदों में मेडिकल कॉलेज हैं। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजेज की एक लम्बी श्रृंखला है। यह मेडिकल कॉलेज केवल उपचार के केन्द्र ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुविधा के विश्वास के प्रतीक हैं। परिणामस्परूप मेडिकल कॉलेजों को आज प्रत्येक व्यक्ति के स्वास्थ्य की गारण्टी के केंद्र के रूप में जाना जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में इतना अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास कोई नहीं सोचता था। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे तथा हाई-वे के माध्यम से इण्टरस्टेट कनेक्टिविटी बेहतरीन हुई है। पहले गोरखपुर से लखनऊ की दूरी तय करने में 08 घण्टे लगते थे। आज मात्र 3 घण्टे में लखनऊ पहुंच सकते हैं। पहले वाराणसी जाने में पांच से छह घण्टे लगते थे, आज ढाई घण्टे में पहुंच सकते हैं। चारों ओर से फोर लेन की बेहतरीन कनेक्टिविटी ने लोगों के आवागमन को और सुगम बनाया है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कनेक्टिविटी भी बेहतरीन हुई है। गोरखपुर में आज से 10 वर्ष पहले तक एक फ्लाइट कभी-कभी चलती थी। आज 14 फ्लाइट गोरखपुर से चलती हैं। बेहतरीन रोड, एयर तथा रेल कनेक्टिविटी के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर निवेश आया। यहां बड़े पैमाने पर लैण्ड बैंक तैयार हुए हैं। आज निवेश हो रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में निवेश होगा, कोई सोचता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि माफिया और मच्छर इस क्षेत्र की त्रासदी बन चुके थे। माफिया जनता का खून चूसते थे और मच्छर बीमारियां पैदा करते थे। यह माफिया न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी सुरक्षा के लिए खतरा थे। डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त बनाया है। आज मच्छर तथा माफिया मुक्त यह पूर्वी उत्तर प्रदेश अपनी युवा शक्ति के बल पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जब माफिया तंत्र यहां हावी था तब कोई निवेश नहीं आता था और रोजगार का सृजन भी नहीं होता था। विगत 09 वर्षों में गोरखपुर में हुए निवेशों से 50,000 युवाओं को रोजगार मिला है। आज महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु आदि राज्यों से उद्यमी यहां आकर निवेश करना चाहते हैं। गोरखपुर में फर्टिलाइजर कारखाना, पिपराइच में चीनी मिल, मुण्डेरवा में चीनी मिल, खजनी के कंबल कारखाने का फिर से चलना भी एक समय असम्भव प्रतीत होते थे। साथ ही, आज सरकारी भर्तियों में बिना भेदभाव प्रत्येक जनपद का युवा चयनित होकर आता है। एक जनपद एक उत्पाद योजना के माध्यम से परम्परागत उद्यम को प्रोत्साहन मिला है। पिछली सरकारों ने वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया दिया और हमने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज पूर्वी उत्तर प्रदेश टूरिज्म के सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हुआ है। जब वर्ष 1916 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी में काशी आए थे, तो काशी विश्वनाथ मन्दिर का दर्शन करने के लिए जब वह गए तो संकरी गली और गंदगी देखकर उनके मन में बहुत आक्रोश था। उन्होंने टिप्पणी की थी वर्ष 1916 में यदि दूसरे लोक का कोई जीव धोखे से यहां गिरे तो वह यह मान लेगा कि मैं नर्क में आ गया हूं। महात्मा गांधी जी के नाम पर देश की सत्ता कई लोगों ने प्राप्त की, लेकिन महात्मा गांधी जी के सपने को धरातल पर उतारने की फुर्सत नहीं थी। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में काशी में काशी विश्वनाथ धाम भव्य रूप में हमारे सामने है। काशी विश्वनाथ धाम पर स्पिरिचुअल टूरिज्म के सबसे ज्यादा टूरिस्ट आते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मन्दिर है। यह आस्था के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान कर रहा है। यहां आने वाले टूरिस्ट रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं, होटल में रहते हैं, मार्केटिंग करते हैं, फूल-पत्ती खरीदते हैं, टैक्सी से घूमते हैं। इससे यहां की अर्थव्यवस्था को बल मिलता है। इसी प्रकार वाराणसी में गंगा नदी में कोई पर्यटक नाव में सवारी करते हैं, तो नाविकों को लाभ प्राप्त होता है। प्रयागराज के संगम में नौका विहार करना हो, तो वहीं पर नौकाओं को किराए पर लेते हैं। इस प्रकार प्रत्येक व्यक्ति के नए रोजगार के सृजन का आधार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक मजबूती प्रदान करने के आधार बने हैं। आस्था के साथ-साथ आर्थिकता को इसने नई ऊंचाई प्रदान की है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के प्रयासों के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश में बदलाव दिखाई दे रहा है। यह बदलाव हर एक क्षेत्र में हुआ है। यहां नई-नई चीजें आई हैं। यहां के युवाओं ने इस बदलाव का साक्षी बनकर स्वयं भी अपनी सोच में बदलाव लाने का काम किया है। वह तेजी के साथ बदलते हुए भारत का हिस्सा बनकर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहा है। जो पूर्वी उत्तर प्रदेश आज से 09-10 वर्ष पहले एक बीमारू क्षेत्र माना जाता था, आज तेजी के साथ भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार आदि क्षेत्रों में नई ऊंचाइयां प्राप्त कर रहा है। आज उत्तर प्रदेश बॉटम थ्री से निकलकर टॉप थ्री इकोनॉमी के रूप में देश के अन्दर उभरा है। इसके पीछे यहां के युवाओं का परिश्रम है। युवाओं के परिश्रम और प्रतिभा से अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूर्वी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था उसी तेजी से आगे बढ़ी है, जिस तेजी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य क्षेत्र और बुन्देलखण्ड का क्षेत्र आगे बढ़ रहा है। यहां की बाढ़ एवं गम्भीर बीमारी की समस्या का समाधान हुआ है। गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए सरकार ने काम मजबूती के साथ कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने हम सभी के समक्ष विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। विकसित भारत तब बनेगा, जब विकसित उत्तर प्रदेश होगा और विकसित उत्तर प्रदेश तब होगा, जब पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य क्षेत्र, बुन्देलखण्ड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश मिलकर विकास के पायदान पर तेजी के साथ आगे बढ़ेंगे। आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पनाओं को साकार करने के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश तेजी के साथ आगे बढ़ा है।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की जो गति चल रही है तथा जिस मजबूती के साथ इस गति ने प्रगति की रफ्तार पकड़ी है, यही प्रगति उत्तर प्रदेश की समृद्धि का कारण बन रही है। आगामी तीन वर्षां में उत्तर प्रदेश 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। हमनें विगत 09 वर्षां में अर्थव्यवस्था तथा प्रति व्यक्ति आय को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। यह सर्वसमावेशी विकास प्रत्येक गांव, गरीब, किसान, नौजवान और महिला तक पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा किये गए प्रयासों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि न्यूज 18 ने ‘बदलता पूर्वी उत्तर प्रदेश’ विशेष कॉन्क्लेव को राज्य मुख्यालय से हटाकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के केन्द्र बिंदु गोरखपुर में करने का कार्य किया है। गोरखपुर पूर्वी उत्तर प्रदेश सहित नेपाल, बिहार और पश्चिमोत्तर बिहार का भी एक महत्वपूर्ण केन्द्र हैं। वहां की बड़ी आबादी शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के लिए गोरखपुर तथा वाराणसी पर निर्भर करती है।
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