बलरामपुर- जनपद में किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से डीएम डॉ विपिन कुमार जैन के निर्देशन में जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा लगातार निरीक्षण और कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में यूरिया उर्वरक को निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचे जाने की लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिला कृषि अधिकारी श्री उपेन्द्र नाथ खरवार के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम द्वारा रविवार को विकास खण्ड गैण्डास बुजुर्ग के ग्राम जनकपुर बैरियर स्थित मैसर्स यादव ट्रेडर्स का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के लिए टीम के प्रतिष्ठान पर पहुंचते ही प्रतिष्ठान संचालक एवं प्रोपराइटर मुकेश कुमार यादव दुकान बंद कर मौके से फरार हो गया। विक्रेता के अचानक दुकान बंद कर चले जाने के कारण प्रतिष्ठान पर उपलब्ध उर्वरक स्टॉक, पीओएस मशीन, विक्रय अभिलेख, स्टॉक रजिस्टर एवं वितरण संबंधी दस्तावेजों की तत्काल जांच नहीं की जा सकी।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान के पास विक्रेता के पिता उपस्थित मिले। उनसे उर्वरक की उपलब्धता, बिक्री दर एवं वितरण व्यवस्था के संबंध में जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनके द्वारा कोई स्पष्ट एवं संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
कृषि विभाग की टीम द्वारा मौके पर उपस्थित कृषकों से भी पूछताछ की गई। ग्राम बसन्तपुर निवासी कृषक मुकेश कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने संबंधित विक्रेता से एक बोरी यूरिया के साथ एक किलोग्राम जिंक खरीदा था, जिसके लिए विक्रेता द्वारा उनसे कुल ₹400 लिए गए। कृषक के बयान से यह स्पष्ट हुआ कि विक्रेता द्वारा यूरिया निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा था तथा यूरिया के साथ जिंक खरीदने का दबाव भी बनाया जा रहा था।
जांच के दौरान प्रतिष्ठान संचालक द्वारा निरीक्षण से बचने के लिए दुकान बंद कर फरार हो जाना, उर्वरक वितरण एवं स्टॉक से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत न करना, किसानों को निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक बेचना तथा यूरिया के साथ अन्य उत्पाद की जबरन टैगिंग करना गंभीर अनियमितता पाई गई।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिला कृषि अधिकारी श्री उपेन्द्र नाथ खरवार ने संबंधित विक्रेता को दोषी मानते हुए मैसर्स यादव ट्रेडर्स, जनकपुर बैरियर, विकास खण्ड गैण्डास बुजुर्ग का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र/लाइसेंस कार्यालय आदेश संख्या-313 दिनांक 27 जुलाई 2026 के माध्यम से तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया।
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों से उर्वरक के निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि वसूलने, उर्वरक के साथ अन्य उत्पाद जबरन बेचने, कालाबाजारी करने अथवा स्टॉक एवं पीओएस मशीन में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। जनपद के सभी उर्वरक विक्रय केंद्रों एवं साधन सहकारी समितियों का नियमित तथा औचक निरीक्षण जारी रहेगा।
उन्होंने किसानों से अपील की है कि उर्वरक खरीदते समय विक्रेता से अनिवार्य रूप से रसीद प्राप्त करें तथा निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि मांगे जाने या किसी अन्य उत्पाद को जबरन खरीदने का दबाव बनाए जाने की स्थिति में तत्काल कृषि विभाग अथवा जिला प्रशासन को सूचना दें। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know