जनपद बलरामपुर - पुलिस महानिदेशक/ अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन, गोरखपुर मुथा अशोक जैन द्वारा वर्तमान सामाजिक परिदृश्य एवं जनसहभागिता आधारित पुलिसिंग को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु दिये गये निर्देश के क्रम में पुलिस उप महानिरीक्षक देवीपाटन रेंज, गोण्डा अशोक कुमार शुक्ला के कुशल पर्यवेक्षण में पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण में जनपद बलरामपुर के समस्त थानों पर कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट (Community Policing Unit-CPU) का गठन किया गया है। जिसमें उ0नि0-01 , मुख्य आरक्षी/ आरक्षी-02, महिला आरक्षी- 02 नियुक्त किया गया है।  
इसका मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। बलरामपुर पुलिस द्वारा वरिष्ठ नागरिकों व जनसामान्य की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु कार्य किया जा रहा है।
 *कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट* (CPU) द्वारा प्रत्येक थानास्तर पर सप्ताह में न्यूनतम तीन दिवस *सोमवार, बुधवार एवं शनिवार* को कम्यूनिटी पुलिसिंग से संबंधित गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। 
कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट द्वारा थाना क्षेत्र में निवासरत 70 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों की सूची तैयार कर उनसे क्रमवार संपर्क स्थापित कर संवाद किया जा रहा है। कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट द्वारा थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थलों, बाजारों एवं अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर लोगों को साइबर अपराध, नशा मुक्ति, महिला सुरक्षा, मिशन शक्ति, सड़क सुरक्षा एवं अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी शेयर न करने, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा थाना प्रभारियों व आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी प्रदान की गई।

जनपद के समस्त कम्यूनिटी पुलिसिंग यूनिट प्रभारी एवं उनकी टीमों द्वारा वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान एवं सहायता को प्राथमिकता देते हुए नियमित रूप से भ्रमण, संवाद एवं आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिससे जनपद में वरिष्ठ नागरिकों में सुरक्षा की भावना को सुदृढ़ करना तथा पुलिस एवं समाज के मध्य विश्वास को और अधिक प्रभावी/ मजबूत बनाना है।
CPU द्वारा की जाने वाली कार्यवाहियां :
थाना क्षेत्र में रहने वाले 70 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों की सूची बनायी जाय एवं उनसे क्रमवार सम्पर्क करके उनसे सवाद स्थापित किया जाय। उनको CPU प्रभारी का नम्बर उपलब्ध कराया जाय ताकि वो आवश्यकता पड़ने पर सीधे सम्पर्क कर सके।
थाना क्षेत्र के गम्भीर विकलांगों की सूची तैयार की जाय एवं उनसे भी उपरोक्तानुसार संवाद स्थापित किया जाए।
थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन। बस स्टैण्ड। सार्वजनिक स्थलों का CPU द्वारा भ्रमण कर यदि कोई लावारिस अथवा बेसहारा बच्चा या व्यक्ति पाया जाता है तो उसकी उचित सहायता की जाए
थाना क्षेत्र के अनाथ आश्रम/ वृद्धाश्रम। महिलाओं व बच्चों से सम्बन्धित संस्थाओं का भ्रमण किया जाय एवं वहाँ वासियों से संवाद स्थापित किया जाय। समस्याओं को नोट कर सम्बन्धित विभागों से समन्वय स्थापित कर निराकरण कराया जाए।
थाना क्षेत्र में मेलों/ अन्य धार्मिक सार्वजनिक स्थल जहां भीड़-भाड़ हो वहा पर भ्रमण कर वहां पर भूले-भटके लोगों को उचित मदद की जाय। CPU द्वारा मेलों में खोया-पाया। सहायता केन्द्र भी संचालित किया जा सकता है।
थाने के मेलों एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सम्बन्धित विभाग। पुलिस की शाखा से समन्वय स्थापित कर नशा एवं साइबर क्राइम के विरूद्ध प्रचार प्रसार किया जाए।
बच्चों के स्कूल के खुलने एवं छूटने के समय स्कूलो के पास उपस्थित रहकर यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को सड़क क्रॉस करते समय कोई परेशानी न हो। साथ ही यह भी देखे कि वहां पर अवैध वस्तुओं की बिक्री न हो।
स्कूलों में बच्चों के लिए Self Defense Training की व्यवस्था की जाय। इसके लिए स्थानीय मार्शल आर्ट प्रशिक्षकों का सहयोग लिया जाए।
स्कूलों से सम्पर्क कर स्कूली बच्चों को थाना। तहसील/ अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठान/ दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाय एवं इस दौरान बच्चों को जानकारियां प्रदान की जाए।
थाना क्षेत्र में कार्यरत एन० जी०ओ० की जानकारी रखी, जाय एवं स्वच्छ छवि वाले एन०जी०ओ० के समाज कल्याण के कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान किया जाय एवं भाग लिया जाए।
थाना क्षेत्र में उत्तर, प्रदेश शासन के अन्य विभागों द्वारा संचालित किये जाने वाले कल्याणकारी कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान किया जाये एवं भाग लिया जाए।
आम जनता को चोरी, राहजनी इत्यादि से बचने के लिए जरूरी उपायों के बारे में जानकारी प्रदान की जाय एवं जागरूक किया जाए।
मिशन शक्ति केन्द्र के साथ समन्वय बनाकर मिशन शक्ति अभियान के कार्य किये जाये एवं बहू- बेटी सम्मेलन में सहयोग प्रदान किया जाय।
थाना क्षेत्र के सार्वजनिक स्थानों का भ्रमण कर वहाँ के भिखारियों को चिन्हित करके उनसे बातचीत कर मूल निवास की जानकारी कर सम्बन्धित थाने के माध्यम से परिवार से सम्पर्क कर वापस भेजने की कार्यवाही की जाया यदि बीमार है तो, उन्हे, सरकारी में अस्पताल दाखिल कराया जाये।
अनाथालय / चाइल्ड केयर सेंटर का भ्रमण कर बेसहारा/अनाथ बच्चों के सहायतार्थ सम्बन्धित सरकारी विभाग से सम्पर्क कर उन्हें यथा संभव सहयोग प्रदान की जाये। सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जाय। भटके हुए बच्चों को घर भेजा जाए
चाइल्ड लाइन (1098) से सम्पर्क में रह कर अपेक्षित सहयोग प्रदान किया जाए।
अपने-अपने थाना क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों पर। स्कूल / कॉलेजों में जनसहयोग से श्रमदान कार्यक्रम / स्वच्छता अभियान आयोजित किये जायें, तथा जनता को श्रमदान हेतु प्रोत्साहित किया जाए।
जनपद पुलिस आमजन से अपील करती है कि वे कम्यूनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता करें तथा अपने क्षेत्र की समस्याओं एवं सुझावों से पुलिस को अवगत कराएं, जिससे सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण में सभी की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

            हिन्दी संवाद न्यूज से
              रिपोर्टर वी. संघर्ष
                 बलरामपुर। 

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