बलरामपुर- जिले के पंचायत सहायकों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन अपर जिला अधिकारी न्यायिक शिव नारायण सिंह को सौंपा जिसमें निवेदन है किया कि हम समस्त पंचायत सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विभिन्न डिजिटल, प्रशासनिक एवं जनहित से जुड़े कार्यों का निरंतर निर्वहन कर रहे हैं। पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं एवं डिजिटल सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में पंचायत सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, किन्तु वर्तमान मानदेय एवं सेवा शर्तें अत्यंत अपर्याप्त एवं असंतोषजनक हैं।पंचायत सहायकों को मात्र ₹6000 प्रतिमाह मानदेय प्राप्त हो रहा है, जो वर्तमान महंगाई एवं जीवन-यापन की आवश्यकताओं को देखते हुए अत्यंत कम है। इस अल्प मानदेय में एक परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा तथा अन्य आवश्यक खर्चों का वहन कर पाना अत्यंत कठिन हो गया है। परिणामस्वरूप पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।पंचायत सहायकों की आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए हमारी निम्न मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाना अत्यंत आवश्यक है-
नम्बर एक पंचायत सहायकों का मानदेय बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए अथवा कम से कम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए। नंबर 2.पंचायत सहायकों की अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली बनाई जाए। नम्बर 3.विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों हेतु स्थानांतरण/समायोजन नीति लागू की जाए। नम्बर 4.ग्राम पंचायत अधिकारी/ग्राम विकास अधिकारी के रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में पंचायत सहायकों को 50% आरक्षण प्रदान किया जाए।
नम्बर 5.पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा जाए। निवेदन किया कि पंचायत सहायकों की उपरोक्त मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करें। हमें पूर्ण विश्वास है कि प्रदेश सरकार पंचायत सहायकों की समस्याओं का सकारात्मक एवं न्यायोचित समाधान करेगी। साथ ही यह बताया यदि निर्धारित समयावधि में हमारी मांगों पर उचित विचार एवं आवश्यक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो अपनी समस्याओं की ओर शासन का ध्यान आकर्षित करने हेतु समस्त पंचायत सहायक दिनांक 15 जून 2026 को ईको गार्डेन, लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने के लिए विवश होंगे। इस अवसर पर पंचायत सहायक यूनियन के जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार गुप्ता के साथ समाजसेवी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी लोकसभा श्रावस्ती और जिले भर के पंचायत सहायक मौजूद रहे, युगल किशोर शुक्ल ने कहा कि बेरोजगारी के आलम में यह नौकरी सांप के गले में छछुंदर के समान है न उगलते बनता है न निगलते, इसमें ग्राम पंचायत के सभी होनहार मेधावी युवा सेवा दे रहे हैं और आर्थिक शोषण झेल रहे हैं।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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