बलरामपुर- विकसित कृषि संकल्प अभियान एवं खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत विकास खण्ड हरैया सतघरवा की ग्राम पंचायत मदारगढ़ में कृषक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं वैज्ञानिक खेती से संबंधित विभिन्न विषयों पर कृषकों को विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की गई। गोष्ठी में बड़ी संख्या में कृषकों ने प्रतिभाग कर विभागीय योजनाओं एवं आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ल रहे। इस दौरान जिला मंत्री तरुण त्रिपाठी, प्रधान प्रतिनिधि वेद प्रकाश वर्मा, उप कृषि निदेशक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, वैज्ञानिक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
*आधुनिक एवं वैज्ञानिक खेती अपनाने पर जोर*
गोष्ठी को संबोधित करते हुए कृषि विज्ञान केंद्र पचपेड़वा के कृषि वैज्ञानिक  गिरिजेश जायसवाल ने कृषकों को बीज शोधन, भूमि शोधन, फसल सुरक्षा एवं मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक विधियों को अपनाकर कृषक कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय का बेहतर माध्यम बताया।
*मत्स्य एवं पशुपालन योजनाओं की दी गई जानकारी*
मत्स्य वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने किसानों को मत्स्य पालन से संबंधित योजनाओं, तालाब प्रबंधन एवं मत्स्य उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों के बारे में जानकारी दी।
वहीं डॉ. अनिरुद्ध सिंह निरंजन, पशु चिकित्साधिकारी ने पशुपालन विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, पशुओं के टीकाकरण एवं पशु स्वास्थ्य संरक्षण के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
*धान की सीधी बुवाई एवं आधुनिक कृषि यंत्रों पर चर्चा*
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए श्याम बहादुर ने कृषकों को धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक के लाभों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि इस पद्धति से खेती की लागत में कमी आती है तथा नर्सरी तैयार करने में लगने वाला लगभग एक माह का समय बच जाता है, जिससे किसान अगली फसल समय से ले सकते हैं।
उन्होंने बीज बुकिंग, कृषि यंत्र बुकिंग एवं सोलर पंप बुकिंग की प्रक्रिया के संबंध में भी किसानों को जानकारी दी।
*दलहन-तिलहन एवं मोटे अनाज की खेती बढ़ाने की अपील*
मुख्य अतिथि माननीय विधायक कैलाश नाथ शुक्ल ने कृषकों से दलहन एवं तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में पानी की समस्या है वहां किसान ज्वार, बाजरा, सांवा, कोदो एवं रागी जैसी मोटे अनाज की फसलों की खेती करें, जिससे कम पानी में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके और किसानों की आय में वृद्धि हो।
*विभागीय योजनाओं का लाभ लेने हेतु किया प्रेरित*
उप कृषि निदेशक ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, अनुदान कार्यक्रमों एवं किसान हितैषी योजनाओं के संबंध में जानकारी देते हुए कृषकों से अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में उप कृषि निदेशक ने गोष्ठी में सहभागिता के लिए माननीय विधायक सहित सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों एवं उपस्थित कृषकों का आभार व्यक्त किया।

              हिन्दी संवाद न्यूज से
                रिपोर्टर वी. संघर्ष
                   बलरामपुर। 

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