लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति इन दिनों दिलचस्प मोड़ पर खड़ी नजर आ रही है। एक ओर जहां मौजूदा विधायक अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर पार्टी के ही एक उभरते, युवा और जमीनी नेता अनिल राठौर के चुनाव लड़ने की तैयारियों ने सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। अनिल राठौर का नाम क्षेत्र में किसी परिचय का मोहताज नहीं है। बीते कुछ वर्षों में उन्होंने लगातार जनता के बीच सक्रिय रहकर अपनी अलग पहचान बनाई है। चाहे सामाजिक मुद्दे हों, युवाओं की समस्याएं हों या क्षेत्रीय विकास के सवाल-राठौर ने हर मोर्चे पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। यही वजह है कि उन्हें एक मजबूत, लोकप्रिय और संघर्षशील चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। सबसे दिलचस्प पहलू यह है। कि जिस सीट से राठौर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, वहां से वर्तमान विधायक भी उसी पार्टी से हैं। ऐसे में यह स्थिति पार्टी के अंदर एक नए समीकरण को जन्म देती दिख रही है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह केवल टिकट की दावेदारी नहीं, बल्कि क्षेत्र में बढ़ते जनाधार और नेतृत्व की नई पीढ़ी के उभार का संकेत भी है। स्थानीय स्तर पर राठौर के समर्थन में युवाओं और आम जनता का रुझान लगातार बढ़ता दिख रहा है। कई सामाजिक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों के जरिए उन्होंने लोगों के बीच विश्वास कायम किया है। वहीं, मौजूदा विधायक भी अपने कार्यों और अनुभव के दम पर टिकट बनाए रखने की कोशिश में हैं। इस पूरी स्थिति ने पार्टी नेतृत्व के सामने एक चुनौतीपूर्ण निर्णय खड़ा कर दिया है- अनुभव को प्राथमिकता दी जाए या जनभावनाओं के साथ उभरते नए चेहरे को मौका दिया जाए। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी किस पर भरोसा जताती है। फिलहाल इतना तय है कि अनिल राठौर की सक्रियता और चुनाव लड़ने की मंशा ने मोहम्मदी की राजनीति को पहले से कहीं ज्यादा गर्म और प्रतिस्पर्धी बना दिया है।

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने