उतरौला बलरामपुर- जनपद बलरामपुर में रसोई गैस एजेंसियों की मनमानी अब आम बात हो गई है। गैस उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर भीषण गर्मी और तेज धूप में लोग घंटों घंटों लाइन लगाकर गैस सिलेंडर पाने के लिए इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर काला बाजारी करने वालों को बिना किसी रोक-टोक के आसानी से सिलेंडर उपलब्ध हो रहे हैं। स्थिति यह है कि जिला प्रशासन के द्वारा होम डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए जारी आदेश भी जमीन पर पूरी तरह बे असर साबित हो रहा हैं।
पिछले महीने में जिला धिकारी के द्वारा सभी गैस वितरकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि उपभोक्ताओं कोगोदाम पर लाइन लगवाकर गैस न दी जाए, और सभी उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुवि धा उपलब्ध कराई जाए इसके बावजूद भी अधिकांश गैस एजेंसि यां खुले आम आदेशों की अनदेखी कर रही हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि पूर्ति विभाग भी इस व्यवस्था को लागू कराने में गम्भीरता नहीं दिख रहा है। ग्राम पंचायत टेडवा तप्पा बाक के महुआ बाजार में स्थित एच पी गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की सुबह से लम्बी कतारें लग जाती हैं। बुकिंग कराने के बाद भी लोगों को घंटों घंटों धूप में खड़ा रहना पड़ता है। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि काफी इंत जार करने के बाद एजेन्सी कर्मचारी सिलेंडर खत्म हो गया कहकर उन्हें वापस लौटा देते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गोदाम पर लोड आने के बाद बड़ी संख्या में सिलेंडर पिकअप वाह नों के जरिए कथित रूप से ब्लैक मार्केट में भेज दिए जाते हैं, जब कि केवल सीमित संख्या में आम उप भोक्ताओं को गैस मिल पाती है। ऐसी ही शिका यतें शिवपुर महन्त और पिपरी कोल्हुई में स्थित गैस एजेंसी, व महुआ बाजार में सस्थित जन सेवा गैस एजेंसी को लेकर भी सामने आ रही हैं। लोगों का कह ना है कि लाइन में लगे आम उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है, जबकि काला बाजारी करने वाले आसानी से एक साथ कई-कई सिलेंडर लेकर चले जाते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल को रोकने के लिए न तो कोई प्रभावी निग रानी दिखाई दे रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से कोई कठोर कार्य वाही भी हो रही है।
उपभोक्ताओं ने गैस वितरण प्रक्रिया में भी बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। बताया जाता है कि ऑनलाइन बुकिंग के बाद कम्पनी और एजेन्सी की ओर से डी ए सी (डिलीवरीऑथेंटि केशन कोड) जारी किया जाता है, लेकिन इसी प्रक्रिया में खेल शुरू हो जाता है। कुछ उपभोक्ताओं को कई दिनों तक डी ए सी नहीं मिलता, जबकि कुछ लोगों को 24 घंटे के भीतर गैस उपलब्ध करा दी जाती है। कई मामलों में उपभोक्ताओं को बुकिंग कैंसिल होने का सन्देश भेज दिया जाता है, जबकि उसी बुकिंग पर किसी अन्य व्यक्ति को गैस डिलीवर कर दी जाती है।
के वाई सी और आधार फीडिंग के नाम पर भी उपभोक्ताओं को परेशा न किए जाने की शिका यतें सामने आई हैं। आरोप है कि कई बार उपभोक्ताओं को डेढ़ महीने तक आधारलिंक न होने का बहाना बताया जाता है, जब कि इसी दौरान उनके कनेक्शन पर किसी अन्य व्यक्ति का मोबा इल नम्बर जोड़कर गैस की डिलीवरी कर दी जाती है। जिले में इस तरह का मामला सामने आने पर एक गैस एजें सी के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया जा चुका है। लोगों का कहना है कि अधिकारियों को इन सभी शिकायतों की जानकारी होने के बाव जूद भी कोई प्रभावी कार्यवाही अभी तक नहीं की गई है। इससे एजेन्सी संचालकों और काला बाजारियों के हौसले और भी बुलन्द हो गए हैं, जबकि आम उपभोक्ता को परेशानि यों का सामना करना पड़ रहा हैं। इस मामले में उपजिलाधिकारी मनोज कुमार सरोज ने बताया कि गैससिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायतों को गम्भीरता पूर्वक से लिया गया है। गैस की कालाबाजारि यों की पहचान के लिए अभिसूचना विभाग को निर्देश दिए गए हैं।सभी गैस वितरकों को होम डिलीवरी सुनिश्चित करा ने के आदेश भी दिए गए हैं। यदि किसी भी गोदाम पर उपभोक्ताओं की लम्बी कतार पाई गई तो सम्बन्धित एजें सी संचालक के खिला फ सख्त कार्यवाही की जाएगी।भीषण गर्मी के बीच गैस सिलेंडर के लिए परेशान आमलोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द से जल्द सख्त कदम नहीं उठाए तो हालात और भी बदतर हो सकते हैं। उपभोक्ताओं ने गैस वितरण प्रणाली में पार दर्शिता और जवाब देही सुनिश्चित करने की मांग की है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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