मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस आवास निगम के कार्यों की समीक्षा की
पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत करने
के लिए बेहतर आवासीय एवं कार्य सुविधाएं आवश्यक : मुख्यमंत्री
पुलिस लाइन, थाना, बैरक, अग्निशमन केन्द्र और अन्य
निर्माण कार्य गुणवत्ता तथा समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं
आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी,
निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों से कोई समझौता न हो
निर्माण कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता
सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनीटरिंग की जाए
सभी परियोजनाओं की समय-समय पर
प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट करायी जाए
सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए, पुलिस बल की जरूरतों
के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित एवं उपयोगी अधोसंरचना विकसित की जाए
लखनऊ : 27 मई, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां उत्तर प्रदेश पुलिस आवास निगम के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता और मनोबल को मजबूत करने के लिए बेहतर आवासीय एवं कार्य सुविधाएं आवश्यक हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस लाइन, थाना, बैरक, अग्निशमन केन्द्र और अन्य निर्माण कार्य गुणवत्ता तथा समयबद्धता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा जरूरी है और निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों से कोई समझौता न हो।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पुलिस आवास निगम वर्तमान में प्रदेश के 75 जनपदों में कार्य कर रहा है और इसकी 06 निर्माण इकाइयों के माध्यम से कुल 233 निर्माण कार्य संचालित हैं। इनमें से 221 कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर हैं। बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि वर्ष 2023 से 20 मई, 2026 तक कुल 1,586 निर्माण कार्य पूर्ण किए गए हैं, जिनकी लागत लगभग 1,104 करोड़ रुपये रही। इनमें बहुमंजिला बैरक, ट्रांजिट हॉस्टल, थाना भवन, अग्निशमन केन्द्र, पुलिस चौकी, जी0आर0पी0 बैरक, ए0टी0एस0 फील्ड यूनिट तथा महाकुम्भ-2025 से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। थानों में महिला प्रसाधन जैसी सुविधाओं का भी विकास कराया गया है।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि निगम लगातार लाभ की स्थिति में है। वर्ष 2025-26 में अब तक 11.14 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया गया है। साथ ही, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी जांच, सामग्री परीक्षण और मोबाइल ऐप आधारित रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निर्माण कार्यों की समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनीटरिंग की जाए। आवश्यकतानुसार तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली जाए तथा अतिरिक्त मैनपावर भी लगाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की समय-समय पर प्रतिष्ठित संस्थानों से थर्ड पार्टी ऑडिट भी करायी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाए और पुलिस बल की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित एवं उपयोगी अधोसंरचना विकसित की जाए। रिक्त पदों को मेरिट के आधार पर भरा जाए।
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