बलरामपुर।महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के निवासी नान बाबू पाण्डेय के साथ हुई लूट की घटना और बाद में सड़क दुर्घटना के मामले में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि न्याय दिलाने के बजाय उन्हें ही मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार,नान बाबू पाण्डेय गाय खरीदने के लिए बाजार गए थे। इसी दौरान तुलसीपुर थाना क्षेत्र के कथित अपराधी गिरोह के सरगना कन्धई पथरकट से उनकी मुलाकात हुई,जिसने अपने समधी के यहां अच्छी नस्ल की गाय दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि सुनसान स्थान पर पहुंचते ही तीन अन्य लोग आ गए,जिनमें से एक मोटरसाइकिल पर ही बैठा रहा। तीनों ने मिलकर पाण्डेय को पकड़ लिया,कट्टा दिखाकर उनसे 21 हजार रुपये लूट लिए।
घटना के बाद पीड़ित ने थाना महराजगंज,देहात और तुलसीपुर के बीच न्याय के लिए गुहार लगाई,लेकिन प्रार्थना पत्र इधर-उधर घुमता रहा। आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के बजाय बहाने बनाए और कथित रूप से अपराधियों से संपर्क साधती रही। बाद में दबाव पड़ने पर केवल एक आरोपी कन्धई पथरकट को हिरासत में लिया गया,जबकि अन्य आरोपियों की तलाश नहीं की गई।
पीड़ित पक्ष का यह भी कहना है कि पुलिस ने समझौते के नाम पर उनसे उनके बेटों की कसम खिलवाकर 21 हजार के बदले 14 हजार रुपये दिलाने की बात कही,लेकिन अंततः केवल 13 हजार रुपये ही दिलाए गए। शेष एक हजार रुपये अगले दिन मागने पर थानाध्यक्ष आग बबूला होकर दिया।
इसी बीच हाल ही में नान बाबू पाण्डेय के बेटे को एक वाहन ने टक्कर मार दी,जिससे उसकी मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई और हाथ टूट गया। प्रारंभिक स्तर पर वाहन मालिक नाबालिग चालक इलाज व मरम्मत का खर्च देने को तैयार था,लेकिन मामला थाने पहुंचने के बाद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि थाना प्रभारी ने पीड़ित को ही डांट-फटकार कर भगा दिया और किसी प्रकार की मदद नहीं की।
पीड़ित के परिचितों का कहना है कि नान बाबू पाण्डेय एक सज्जन और ईमानदार व्यक्ति हैं,जिन्हें न्याय के बजाय अपमान का सामना करना पड़ रहा है। सिफारिश करने वालों के साथ भी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया गया।
पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से पूरे मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उमेश चन्द्र तिवारी
9129813351
हिन्दी संवाद न्यूज़
बलरामपुर
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know