उतरौला बलरामपुर - ग्राम रेहरा माफी के शिया मस्जिद में अंजुमने वफाये अब्बास की ओर से ईरान के सुप्रीम लीडर और दुनिया भर में शियों के सबसे बड़े धर्मगुरु आयतुल्लाह खामेनाई की शहादत के सिलसिले में एक शोक सभा का आयोजन किया गया। मौलवी इरफान हैदर ने अपने सम्बोधन में कहा कि कर्बला में उस वक्त के यजीद ने ईमाम हुसैन को शहीद कर दिया गया था,और आज इस वक्त के यजीदियों ने मिलकर एक हुसैनी आयतुल्लाह अली खामेनाई को शहीद किया। ईमाम हुसैन की शहादत के बाद न तो कल इस्लाम खत्म हुआ था, और आयतुल्लाह अली खामेनाई कीशहा दत के बाद न तो आज ईरान खत्म होगा। विश्व विख्यात कवि और अंजुमन के सक्रिय सदस्य शुजा उतरौलवी ने गम और गुस्से का इजहार करते हुए कहा कि तारीख गवाह है, कि एक तन्हा शेर से मुकाबले के लिए हमे शा कुत्ते इकट्ठा हो जाया करते हैं। हक पसन्द ईरान केखिलाफ बातिल परस्त इजराइल का साथ देकर मुस्लिम मुल्कों ने एक बार फिर यही साबित कर दिया है। इस अवसर पर तौसीफ हसन, साजिद ईमाम अब्बास, जाफर तौकीर हसन, मुहम्मद आलिम, राशिद रिजवी, इंतेजार मेहदी, मुहम्मद सालिम के अलावा शिया समुदाय केतमाम लोग मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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