बलरामपुर- एम एल के पो जी कॉलेज में रोवर्स-रेंजर्स के चल रहे पाँच दिवसीय प्रवेश/निपुण जांच शिविर के चौथे दिन शुक्रवार को हैंड क्राफ्टिंग व टेंट पिचिंग का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान रोवर्स-रेंजर्स ने कलात्मक क्राफ्ट व आकर्षक टेंट तैयार किया।
शुक्रवार को महाविद्यालय प्राचार्य प्रो0 जे पी पाण्डेय ने जांच शिविर का निरीक्षण कर रोवर्स-रेंजर्स के प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त की । जिला संगठन आयुक्त सिराजुल हक व रेंजर्स लीडर रेशु चौहान की अगुवाई में रोवर्स-रेंजर्स ने सेफ बर्ड प्रोजेक्ट, हैंड क्राफ्ट व टेंट पिचिंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। रोवर्स प्रभारी डॉ एस के त्रिपाठी ने कहा कि टेंट पिचिंग (तंबू लगाना) का मुख्य उद्देश्य बाहरी वातावरण (बारिश, हवा, धूप) से सुरक्षा, रात में आरामदायक व सुरक्षित आश्रय प्रदान करना और कैंपिंग अनुभव को सुखद बनाना है। यह एक अस्थायी लेकिन स्थिर ठिकाना बनाता है, जो कीड़ों और नमी से रक्षा करता है। यह एडवेंचर के दौरान एक सुरक्षित, व्यवस्थित और आरामदायक आधार शिविर स्थापित करने के लिए आवश्यक है। रेंजर्स प्रभारी डॉ वंदना सिंह ने कहा कि हैंड क्राफ्ट (हस्तशिल्प) का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कलाओं को जीवित रखना, कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्रदान करना है। यह कलात्मक कौशल के माध्यम से संस्कृति को संरक्षित करने, आत्म-अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने और मानसिक सुकून पाने का एक रचनात्मक माध्यम भी है।
इस अवसर पर डॉ अरुण कुमार सिंह, प्रो0 एस पी मिश्र,डॉ तारिक कबीर, डॉ हितेंद्र धर द्विवेदी, डॉ स्वदेश भट्ट, लेफ्टिनेंट डॉ देवेन्द्र कुमार चौहान, शिवानंद पाण्डेय व सिद्धार्थ मोहन्ता आदि मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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