बलरामपुर- जनपद के कृषकों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने, वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा अंतरजनपदीय कृषि प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत कृषकों के दल को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि बदलते समय के साथ खेती में नवीन तकनीकों को अपनाना आवश्यक हो गया है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषकों को नई जानकारी, बेहतर प्रबंधन कौशल एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों से परिचित कराते हैं, जिससे उत्पादन लागत में कमी और आय में वृद्धि संभव होती है। उन्होंने कृषकों से प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ लेने एवं सीखी गई तकनीकों को जनपद में अन्य किसानों तक पहुंचाने की अपील की।
*05 दिवसीय प्रशिक्षण में सीखेंगे उन्नत कृषि तकनीक*
पांच दिवसीय अंतरजनपदीय प्रशिक्षण के दौरान कृषकों को उन्नत बीज चयन, फसल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग तथा मूल्य संवर्धन से संबंधित जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों द्वारा व्यवहारिक प्रदर्शन एवं संवादात्मक सत्र भी आयोजित किए जाएंगे।
*महिला कृषकों की सहभागिता पर विशेष जोर*
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महिला कृषकों की भी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। महिला कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने तथा कृषि क्षेत्र में उनकी भूमिका को सशक्त करने के उद्देश्य से उन्हें विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया है।
*प्रयागराज कृषि विज्ञान केंद्र एवं लखनऊ गन्ना शोध संस्थान में प्रशिक्षण*
कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 86 कृषकों को प्रयागराज स्थित कृषि विज्ञान केंद्र तथा 64 कृषकों को लखनऊ स्थित गन्ना शोध संस्थान में प्रशिक्षण हेतु भेजा गया है। इन संस्थानों में विशेषज्ञों द्वारा नवीन शोध एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी, जिससे कृषक अपने क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा दे सकें।
इस दौरान उपनिदेशक कृषि , जिला गन्ना अधिकारी व अन्य संबंधित कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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