बलरामपुर- नगर पालिका क्षेत्र स्थित मा० कांशीराम कॉलोनियों में अपात्र एवं अवैध रूप से निवास करने संबंधी शिकायतों का जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन द्वारा कड़ा संज्ञान लिया गया।
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित नगर पालिका एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों की टीम द्वारा सघन जांच एवं स्थलीय सत्यापन कराया गया, जिसके आधार पर प्रशासन द्वारा व्यापक कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।
#जांच में सामने आए प्रमुख तथ्य#
नगर पालिका एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा कुल 600 आवासों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें 259 आवास तालाबन्द मिले, जिनमें आवंटी स्वयं निवास नहीं कर रहे थे।
216 आवासों में अवैध निवासी पाए गए, जो मूल आवंटी नहीं थे।
#प्रशासनिक कार्रवाई एवं निर्देश#
जिन आवासों में अवैध रूप से लोग रहते पाए गए हैं, संबंधित आवंटियों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
तालाबन्द आवासों के आवंटियों को 15 दिवस का समय दिया गया है। उन्हें अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) कार्यालय में लिखित सूचना/प्रार्थना पत्र देकर अनुमति प्राप्त करनी होगी, अन्यथा आवास रिक्त घोषित कर दिया जाएगा।
#पारदर्शी पुनः आवंटन प्रक्रिया#
रिक्त होने वाले आवासों का पुनः आवंटन पूर्णतः पात्रता एवं लॉटरी प्रणाली के आधार पर किया जाएगा, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को योजना का लाभ मिल सके।
#सूचना का प्रकाशन#
अवैध निवासियों एवं तालाबन्द आवासों की विस्तृत सूची (आवास संख्या सहित) नगर पालिका परिषद, बलरामपुर
तहसील सदर ,सदर ब्लॉक कार्यालय पर चस्पा कर दिया गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सरकारी आवास का लाभ केवल वास्तविक पात्र व्यक्तियों को ही दिया जाएगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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