मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विजनरी केन्द्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार तथा केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह बजट किसान, युवा, महिला और गरीब आदि की आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में यह बजट एक सुदृढ़ नींव के रूप में काम करेगा।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर केन्द्रीय बजट 2026-27 के सम्बन्ध में आयोजित पत्रकार-वार्ता को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह बजट राष्ट्र और समाज के प्रति प्रत्येक भारतीय को अपने कर्तव्यों का बोध कराने का आग्रह कर रहा है। इसमें राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध और भविष्य की जिम्मेदारी दिखायी देती है। युवा शक्ति और समावेशी विकास को ध्यान में रखकर केन्द्रीय वित्त मंत्री ने संसद में यह बजट प्रस्तुत किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में विगत 11 वर्षों में तय की गयी यात्रा की बदौलत नीतियों और योजनाओं का धरातल पर इम्पैक्ट दिखा है। परिणामस्वरूप विगत 11 वर्षों में 25 करोड़ से अधिक की आबादी गरीबी रेखा से उबरकर आत्मगौरव के साथ देश की प्रगति में अपना योगदान दे रही है। जब नीति स्पष्ट तथा नीयत साफ होती है, तो परिणाम इसी रूप में सामने आते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर है। यह प्रत्येक भारतीय के लिए गौरव की बात है। विगत 11 वर्षों में प्रधानमंत्री जी का प्रत्येक भारतवासी से सदैव यह आग्रह रहा है कि हमें ‘नेशन फर्स्ट’ के भाव के साथ काम करना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2015 में 26 नवम्बर की तिथि को संविधान दिवस के रूप में घोषित किया था। उन्होंने देशवासियों का आह्वान करते हुए कहा था कि हम अपने मौलिक अधिकारों की बात तो करते हैं, परन्तु मूल कर्तव्यों की चर्चा नहीं करते। हमें विधायी सहित अन्य मंचों पर इसकी चर्चा करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस बजट से देश की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य की आकांक्षाओं की पूर्ति होती है। प्रदेश के लिए नई सम्भावनाओं के द्वार खुले हैं। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का बजट प्राविधानित किया गया है। देश का सबसे बड़ा 96 लाख एम0एस0एम0ई0 यूनिट्स का बेस उत्तर प्रदेश के पास है। हमारी 03 करोड़ आबादी एम0एस0एम0ई0 के माध्यम से आर्थिक स्वावलम्बन के पथ पर अग्रसर है। एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना को प्रमोट करते हुए उत्पादों को ब्राण्डिंग, डिजाइनिंग, पैकेजिंग, एक्सपोर्ट के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है। इससे निर्यात में वृद्धि तथा रोजगार का सृजन हुआ है।
बजट के अन्तर्गत यह 10,000 करोड़ रुपये हमें भविष्य के लिए नई तकनीक, ट्रेनिंग प्रोग्राम, एक्सपोर्ट के साथ जुड़ने तथा पैकेजिंग की नई सम्भावनाओं को आगे बढ़ाने में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य को मदद करेंगे। इसका सर्वाधिक लाभ उत्तर प्रदेश ले पाएगा। 12 लाख 20 हजार करोड़ रुपये के इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड की घोषणा की गई है। इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा कनेक्टिविटी का विकास होगा। साथ ही, 07 नए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर घोषित हुए हैं। इसमें 02, दिल्ली-वाराणसी तथा वाराणसी-सिलीगुड़ी उत्तर प्रदेश को प्राप्त हुए हैं। हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर रेल की स्पीड 300 से 500 किलोमीटर प्रति घण्टे होगी। इस स्पीड का लाभ प्रदेश को मिलेगा। बेहतरीन रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ ईस्टर्न एण्ड वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर, दोनों प्रदेश से होकर जा रहे हैं। लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब प्रदेश में तैयार हो रहा है। बजट में लॉजिस्टिक के लिए काफी सम्भावनाएँ हैं। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के रूप में गौतमबुद्धनगर, कानपुर, वाराणसी को डेवलप करने की कार्यवाही को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में देश का पहला इनलैण्ड वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया के बीच प्रारम्भ हो चुका है। राज्य सरकार ने वाराणसी, प्रयागराज और यमुना नदी में भी वॉटर-वे को आगे बढ़ाने के लिए प्रस्ताव तैयार किए हैं। अयोध्या से हल्दिया के बीच वॉटर-वे को संचालित करने का भी प्रस्ताव है। इसी प्रकार, राप्ती तथा गोमती नदी में भी वॉटर-वे का उपयोग किया जा सकता है। इससे कार्गा मूवमेण्ट में बढ़ोत्तरी होगी। वाराणसी और पटना में शिप रिपेयर ईको-सिस्टम विकसित किये जाएंगे। इससे प्रदेश में इनलैण्ड वॉटर-वे की सुविधा तथा मूवमेण्ट को आगे बढ़ाने, कार्गो और ट्रांसपोर्टेशन की लागत को कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बायो-फार्मा सेक्टर में उत्तर प्रदेश में असीम सम्भावनाएँ हैं। जनपद ललितपुर में लगभग 1,200 एकड़ क्षेत्रफल में नये बल्क ड्रग पार्क के निर्माण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है। जनपद गौतमबुद्धनगर के यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में मेडिकल डिवाइस पार्क की कार्यवाही एडवांस स्टेज में है। बायो-फार्मा के लिए 10,000 करोड़ रुपये की धनराशि की व्यवस्था की गई है। यह भारत को ग्लोबल बायोफार्मा हब बनाने में मदद करेगा। इस दिशा में उत्तर प्रदेश ने तेजी से अपनी कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। इसके अन्तर्गत कल फार्मा से सम्बन्धित एक कॉन्क्लेव आयोजित होगी, जिसमें देशभर से इस फील्ड के स्टेक होल्डर लखनऊ में प्रतिभाग करेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत को डाटा सेण्टर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में नए कदम बढ़ाए जा रहे हैं। प्रदेश में 22 हजार करोड़ रुपये से अधिक लागत के डाटा सेण्टर के निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश में 700 मेगावॉट क्षमता के डाटा सेण्टर स्थापित किए गये हैं। भारत सरकार ने डाटा सेण्टर हब स्थापित करने के लिए जो धनराशि आरक्षित की है, इससे प्रदेश को सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना लॉन्च की गई है। देश में सबसे अधिक ग्राम पंचायतें तथा ग्रामीण आबादी उत्तर प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश में 01 लाख 05 हजार से अधिक राजस्व ग्राम हैं। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को ग्लोबल मार्केटिंग नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी। स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। विकसित भारत जी-राम-जी योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर मार्केट विकसित करने में मदद मिलेगी।
उत्तर प्रदेश के ढाई लाख बुनकरों के ग्रामीण उद्योगां को वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट, विश्वकर्मा श्रम सम्मान और पी0एम0 विश्वकर्मा योजनाओं के माध्यम से प्रमोट किया गया है। अर्थात पूरा होमवर्क प्रदेश में पहले से हुआ है। स्वाभाविक रूप से महात्मा गाँधी ग्राम स्वराज योजना का लाभ प्रदेश को प्राप्त होगा। इसके माध्यम से युवाओं को स्वावलम्बन की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।
राज्य सरकार ने विगत 09 वर्ष में प्रदेश में महिला कार्यबल तेजी के साथ आगे बढ़ाया है। आज प्रदेश में 12 प्रतिशत से बढ़कर 36 प्रतिशत महिला कार्यबल अलग-अलग सेक्टर में कार्य कर रही है। राज्य सरकार के बजट से कामकाजी महिलाओं के लिए 07 हॉस्टल प्रदेश को उपलब्ध हुए थे। शिक्षा में बराबरी की गारण्टी के लिए इस केन्द्रीय बजट के माध्यम से छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण की कार्यवाही को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश टूरिज्म के नए हब के रूप में उभरा है। कल ही माघ मेले का एक चरण सम्पन्न हुआ। राज्य सरकार की बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और सुविधा के परिणामस्वरूप करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगायी। पौष पूर्णिमा पर लगभग एक करोड़, मकर संक्रांति पर ढाई करोड़, मौनी अमावस्या पर चार करोड़, बसंत पंचमी पर तीन करोड़ से अधिक तथा माघी पूर्णिमा पर 02 करोड़ 10 लाख से अधिक कल्पवासियों और पूज्य संतों ने प्रयागराज त्रिवेणी में स्नान किया। अर्थात गवर्नमेण्ट यदि थोड़ा भी फैसिलिटेट करे और सुविधा व सुरक्षा की उचित व्यवस्था करे तो वह स्थान एक बेहतर टूरिस्ट डेस्टिनेशन केन्द्र के रूप में स्थापित हो सकता है। प्रयागराज, काशी, अयोध्या, मथुरा, वृन्दावन, माँ विन्ध्यवासिनी धाम और बौद्ध परिपथ इसके उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बजट में 15 आर्कियोलॉजिकल साइट्स को डेवलप करने का प्राविधान किया गया है, जिसमें 02-सारनाथ (वाराणसी) और हस्तिनापुर, मेरठ की महत्वपूर्ण आर्कियोलॉजिकल साइट्स सम्मिलित हैं। इसके अलावा, अन्य पौराणिक एवं ऐतिहासिक साइट्स को भी इसी तर्ज पर विकसित करने में सहायता मिलेगी। इससे टूरिज्म को और गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश में टूरिस्ट गाइड को प्रोत्साहित करने के लिए कार्य प्रारम्भ किये गये हैं। 10,000 टूरिस्ट गाइड्स के प्रशिक्षण और उन्हें स्किल अप करने की दिशा में कार्य प्रारम्भ किये जाएंगे। प्रदेश में कई पर्यटन केन्द्र तैयार किए गए हैं। इसके माध्यम से युवाओं को व्यापक पैमाने पर रोजगार प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना अथॉरिटी सेमीकण्डक्टर हब के रूप में उभर रहे हैं। केन्द्रीय बजट भाषण में वित्त मंत्री जी ने सेमीकण्डक्टर पार्क की जो घोषणा की है, इसका लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा। इससे सम्बन्धित प्रदेश को कई अहम प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बेहतरीन कार्य हुए हैं। देश के कुल प्रोडक्शन का 55 प्रतिशत प्रदेश में मैन्युफैक्चर हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट की 60 प्रतिशत मैन्युफैक्चरिंग उत्तर प्रदेश कर रहा है, जो लगभग 02 लाख करोड़ रुपये की है। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में नए रूप में केन्द्र सरकार की इस योजना का लाभ लेने में सफल होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बजट में 05 लाख की आबादी के शहरों में खास इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए घोषणा की गई है। प्रदेश की 762 अर्बन बॉडीज में से 225 अर्बन बॉडीज की आबादी 05 लाख या उससे अधिक है। इसके अन्तर्गत 17 नगर निगम तथा शेष नगर पालिका परिषदें हैं। स्वाभाविक रूप से इस अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर का लाभ प्रदेश के शहरों को प्राप्त होगा। इसके माध्यम से शहरों में आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को स्थापित करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में डबल इंजन सरकार द्वारा हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर में किये गये कार्यां का लाभ प्रदेश के नागरिक प्राप्त कर रहे हैं। डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की क्षमता विस्तार की माँग की जाती थी। हमें प्रदेश में डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की क्षमता को दोगुना करना है। प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। हमारे पास 98 डिस्ट्रिक्ट लेवल के हॉस्पिटल हैं, जिनकी क्षमता बढ़ाने के लिए प्राप्त सहयोग से स्थानीय स्तर पर लोगों को काफी सुविधा होगी। अक्सर ट्रॉमा सेण्टर के अभाव में गोल्डन आवर में काफी लोगों की जान चली जाती है। इस बजट के माध्यम से हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को आगे बढ़ाने तथा सभी जनपदों में इमरजेन्सी और ट्रॉमा सेण्टर खोलने की सुविधा प्राप्त होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बजट में 03 नए ऑल इण्डिया इन्स्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना की घोषणा की गई है। राज्य सरकार पहले ही वाराणसी में ऑल इण्डिया इन्स्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के लिए अनुरोध कर चुकी है। भगवान धनवन्तरी की जन्मस्थली काशी से इसे आगे बढ़ाने के साथ-साथ प्रदेश को हेल्थ टूरिज्म केन्द्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। प्रदेश को मेडिकल टूरिज्म और एलाइड हेल्थ के माध्यम से मेडिकल हब के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बजट में ‘समर्थ’ नाम से एक नई योजना शुरू की गई है, जिसके माध्यम से खेल उद्योग तथा खेल सामग्री के मैन्युफैक्चरिंग सेण्टरों को प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘समर्थ’ योजना के माध्यम से प्रदेश को स्पोर्ट्स आइटम के एक बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी। उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स प्रोडक्ट के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करेगा।
उत्तर प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना के अन्तर्गत मेरठ को खेल सामग्री के मैन्युफैक्चरिंग केन्द्र के रूप में विकसित किया गया है। आगरा और कानपुर के लेदर क्लस्टर में भी स्पोर्ट्स मैन्युफैक्चरिंग के कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है। मेजर ध्यानचन्द स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, मेरठ का कार्य आगामी अप्रैल-मई तक पूरा हो जाएगा। प्रत्येक मण्डल मुख्यालय पर एक स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। प्राइवेट एकेडमी को प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग की दिशा में कदम बढ़ाए गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत विस्तार या कृषि प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान को उसकी भाषा में कृषि के बारे में अवगत कराया जा सकेगा। इससे कृषि सम्बन्धी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। शी-मार्ट (सेल्फ हेल्प आन्त्रेप्रेन्योर मार्ट) योजना का सीधा लाभ महिला स्वयंसेवी समूह की लखपति दीदियों को प्राप्त होगा। इसके माध्यम से महिला स्वयंसेवी समूह के प्रोडक्ट्स का नया प्लेटफॉर्म उपलब्ध होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, केन्द्रीय करों में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश का है। नए भारत के नए उत्तर प्रदेश में आज सड़क के साथ स्पीड, निवेश के साथ विश्वास, पहचान के साथ आत्मगौरव का भाव भी है। शासन के साथ-साथ निर्णायक नेतृत्व भी है। इन्फ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेस-वे, रेलवे कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, लॉजिस्टिक, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि के लिए बजट में की गयी घोषणाओं का लाभ प्रदेश को प्राप्त होगा। लाखों युवाओं को रोजगार की सुविधा मिलेगी, जो प्रदेश की युवा शक्ति को प्रदेश में ही उनकी प्रतिभा का लाभ प्रदान करने में मददगार सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश की रक्षा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के लिए प्रदेश में 06 नोड्स विकसित किये जा रहे हैं। यहाँ लगभग 12,500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें काफी प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। अलग-अलग नोड्स में 400 युवाओं को रोजगार मिला है। ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग की कार्यवाही भी चल रही है। ब्रह्मोस मिसाइल के मैन्युफैक्चरिंग कार्य को आगे बढ़ाने के लिए लखनऊ में पी0टी0सी0 जैसी यूनिट लग चुकी हैं। अडानी एम्युनेशन का कार्य कानपुर में युद्धस्तर पर आगे बढ़ चुका है। भारत डायनमिक्स लिमिटेड की कार्यवाही झाँसी में अन्तिम स्टेज पर है। डिफेन्स क्षेत्र में बढ़े हुए बजट का लाभ उत्तर प्रदेश को डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग के नए हब के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा तथा इसका लाभ यहाँ के निवेशकों को प्राप्त होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसी बजट के आधार पर इस माह में उत्तर प्रदेश का बजट प्रस्तुत किया जाएगा। डबल इंजन सरकार के इस बजट का लाभ देश की सबसे बड़ी आबादी वाले उत्तर प्रदेश को प्राप्त होगा और प्रधानमंत्री जी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत@2047 के संकल्पों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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