जलालपुर, अम्बेडकर नगर – महाशिवरात्रि की पवित्र रात्रि के बाद भोर होते ही जलालपुर सर्किल क्षेत्र का कण-कण भोले की भक्ति में सराबोर हो गया। कोहरे की सफेद चादर में लिपटी सुबह जैसे ही सरकी, शिवाला मंदिर, झारखंड महादेव और शीतला माता मठिया मंदिर स्थित प्राचीन शिवालयों की परिकल्पना स्वर्ग के लोक से कम नहीं लग रही थी।

यह केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था का महासागर था जो उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की कतारें भक्ति की नदियों की तरह अविरल बहती रहीं। सूर्य की पहली किरण के साथ ही जलाभिषेक का शंखनाद हुआ और देखते ही देखते शिवलिंग गंगाजल, दूध और बेलपत्र से स्नान करके आलौकिक आभा से जगमगा उठे। भक्तों ने भोलेनाथ को बेर, भांग, धतूरा और शुद्ध अक्षत अर्पित कर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की याचना की। पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान रहा, मानो भक्ति ने शब्दों का रूप ले लिया हो।होंठों पर एक ही प्रार्थना – "सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली।" किसी ने संतान की कामना की, किसी ने सफलता की मांग की, किसी ने मन की शांति की याचना की। हर मनोकामना के साथ एक ही स्वर गूंजा – "हर-हर महादेव!" तमसा नदी किनारे बने शिवाला मंदिर में शिवलिंग के पास दो पतली पाइपनुमा सुरंग है एक सुरंग में फूंकने से दूसरे सुरंग से शिवलिंग जलाभिषेक होता है.

वहीं महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर आस्था का अमृत प्रवाहित हुआ। रविवार को क्षेत्र के प्रसिद्ध झारखंड बाबा धाम पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सूर्योदय से पूर्व ही भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, और 'हर-हर महादेव' के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

दूर-दराज के गांवों से पहुंचे हजारों शिवभक्तों ने जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मालीपुर थाना अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मौर्य ने बताया कि मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, जिससे श्रद्धालु कतारबद्ध तरीके से शांतिपूर्वक दर्शन कर सके और किसी को असुविधा न हो। 

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