मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उ0प्र0 आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय,
सैफई (इटावा) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक सम्पन्न

उ0प्र0 आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई के अन्तर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा
सेण्टर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा : मुख्यमंत्री

ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते
हुए विश्वविद्यालय में ‘सेण्टर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश

आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई को पश्चिमी एवं मध्य उ0प्र0 के लिए उच्चस्तरीय
 चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए

उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता,
संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए

देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों
का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए

विश्वविद्यालय में इण्टीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी, इसके माध्यम
से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा

विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय


  लखनऊ : 10 फरवरी, 2026

              मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई (इटावा) के अन्तर्गत 250 शैय्या वाले लेवल-1 ट्रॉमा सेण्टर की स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया है। यह ट्रॉमा सेण्टर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के समीप स्थापित किया जाएगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात परिस्थितियों में घायलों को त्वरित एवं उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्यमंत्री जी आज यहां लोक भवन में बतौर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की दूसरी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे विश्वविद्यालय परिसर से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिसके कारण दुर्घटना पीड़ितों के उपचार में बहुमूल्य समय नष्ट होता है। प्रस्तावित ट्रॉमा सेण्टर का संचालन विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में ‘सेण्टर फॉर रूरल हेल्थ’ की स्थापना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें टेली ओ0पी0डी0, वर्चुअल ओ0पी0डी0, डिजिटल डेटा एकीकरण तथा मोबाइल आउटरीच जैसी सेवाएं शामिल हों। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान को नई दिशा देने से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई को पश्चिमी एवं मध्य उत्तर प्रदेश के लिए उच्चस्तरीय चिकित्सा, शिक्षण एवं शोध के प्रभावी केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए। उपचार, शिक्षण और अनुसंधान के प्रत्येक क्षेत्र में गुणवत्ता, संवेदनशीलता तथा समयबद्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा क्षेत्र में नवाचारों को प्राथमिकता देने पर बल देते हुए कहा कि देश के अग्रणी चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (बेस्ट प्रैक्टिसेज) का अध्ययन कर उन्हें विश्वविद्यालय की व्यवस्था में समाहित किया जाए। विश्वविद्यालय से समाज की उच्च अपेक्षाएं जुड़ी हुई हैं, जिनकी पूर्ति के लिए हब-एण्ड-स्पोक मॉडल को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में समग्र सुधार हो सके।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में इण्टीग्रेटिव मेडिसिन यूनिट की स्थापना की जाएगी। इस इकाई के माध्यम से एलोपैथी एवं आयुष पद्धतियों के समन्वय से रोगी-केन्द्रित उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अन्तर्गत आयुष विभाग के सहयोग से इण्टीग्रेटिव ओ0पी0डी0, विशेष क्लीनिक, योग एवं वेलनेस इकाई स्थापित की जाएंगी।
स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनसम्पर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिये कि विश्वविद्यालय समाज के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करे। इस क्रम में विश्वविद्यालय में कम्युनिटी ब्रॉडकास्ट सर्विस की स्थापना का निर्णय लिया गया, जिसके माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता, रोग-निवारण, सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से सम्बन्धित प्रामाणिक जानकारी तथा शैक्षणिक सामग्री का प्रसारण किया जाएगा।
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