बबलू गर्ग ब्यूरो चीफ हिंदी संवाद न्यूज़
गाजियाबाद। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को भारतीय किसान यूनियन अम्बावता ने किसान विरोधी बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी नरेंद्र सिंह नेता ने कहा कि यह बजट किसानों के साथ विश्वासघात है और इसमें अन्नदाता की समस्याओं की पूरी तरह अनदेखी की गई है। नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज किसान कर्ज, महंगाई और बढ़ती उत्पादन लागत से जूझ रहा है, जबकि फसलों के दाम लगातार नीचे बने हुए हैं। इसके बावजूद बजट में किसानों को कोई ठोस राहत नहीं दी गई, जिससे किसान वर्ग में भारी निराशा है। उन्होंने गन्ना किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लगातार दूसरे वर्ष भी किसानों को लागत से कम दामों पर फसल बेचने को मजबूर किया जा रहा है। खाद, बीज, बिजली, डीजल और मजदूरी के बढ़ते खर्च ने किसानों की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान  नहीं दे रही है। नरेंद्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों के हित में प्रभावी फैसले नहीं लिए गए, तो भारतीय किसान यूनियन अम्बावता सड़कों से लेकर संसद तक आंदोलन छेड़ेगी, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होगी।

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