मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 2.51 लाख किसानों
को 285 करोड़ रु0 की क्षतिपूर्ति राशि तथा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना
के अन्तर्गत 3,500 परिवारों को 175.67 करोड़ रु0 की सहायता राशि लाभार्थियों के
बैंक खातों में प्रेषित की, युवा आपदा मित्रों को जीवन बीमा कवर प्रदान किया

बागपत, शामली, कासगंज और भदोही के उप कृषि निदेशक कार्यालय
एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो तथा झांसी के
मऊरानीपुर के 50 कमरों के छात्रावास का शिलान्यास किया

प्रदेश में वर्तमान में प्रचलित 45,000 होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में
प्रशिक्षित आपदा मित्रां को प्राथमिकता दी जाएगी : मुख्यमंत्री

आपदा मित्र के रूप में प्रधानमंत्री जी ने देश के लिए एक
बड़े अभियान को हाथ में लिया, उ0प्र0 ने इस पहल को आगे बढ़ाया

प्रदेश सरकार के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रदेश के युवाओं, महिलाओं, अन्नदाता किसानों और गरीबों के लिए बहुत सारी योजनाओं की घोषणा की गयी

आपदा प्रबन्धन के लिए 29,772 युवा स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को आगे बढ़ाया

प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों को 03 वर्ष का जीवन और
चिकित्सा बीमा से आच्छादित करने का निर्णय लिया

सरकार का प्रयास, यदि आपदा आती है, तो 24 घण्टे
के अन्दर पीड़ित के खाते में धनराशि पहुंच जाए

वर्ष 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रु0 आवंटित, फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रु0 कृषि निवेश अनुदान के रूप में वितरित

वर्ष 2025-26 में जन-हानि के 5,398 पीड़ितों को 216 करोड़ रु0 तथा
मकान क्षति के 27,448 प्रभावितों को 24 करोड़ रु0 वितरित

किसानों को समय से मौसम की जानकारी देने के लिये लखनऊ, वाराणसी,
गोरखपुर, झांसी, आजमगढ़ में डॉपलर वेदर रडार की स्थापना की जा रही

प्रदेश में 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर
2,000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण

लखनऊ : 21 फरवरी, 2026

     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि पहले आपदा आती थी और वर्षों तक पीड़ित का कोई पुरसा हाल नहीं पूछता था। पीड़ित को कम्पनसेशन नहीं मिल पाता था। आज सरकार का प्रयास होता है कि यदि आपदा आती है, तो 24 घण्टे के अन्दर पीड़ित के खाते में धनराशि पहुंच जाए। बाढ़, आकाशीय बिजली, आगजनी तथा अन्य प्रकार की आपदा के लिए वर्ष 2025-26 में राज्य आपदा मोचक निधि में 876 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिसमें फसल क्षति से प्रभावित 5,14,322 किसानों को 260 करोड़ रुपये की कृषि निवेश अनुदान वितरित किया गया है। जन-हानि के 5,398 पीड़ितों को 216 करोड़ रुपये तथा मकान क्षति के 27,448 प्रभावितों को 24 करोड़ रुपये की धनराशि वितरित की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (खरीफ 2025) के अन्तर्गत 2.51 लाख किसानों को 285 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति राशि तथा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत 3,500 परिवारों को 175 करोड़ रुपये की सहायता राशि के वितरण कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने बटन दबाकर लाभार्थियों के खाते में धनराशि प्रेषित की। इसके साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना तथा कृषि यंत्रीकरण के लिये अनुदान योजना के 05-05 लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये तथा 05 युवा आपदा मित्रां को जीवन बीमा कवर प्रदान किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य कृषि विकास योजना के अन्तर्गत बागपत, शामली, कासगंज और भदोही में उप कृषि निदेशक कार्यालय एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला, स्मार्ट कृषि ब्यूरो स्टूडियो तथा मऊरानीपुर, जनपद झांसी में 50 कमरों के छात्रावास का शिलान्यास किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कल ही प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट में युवाओं, महिलाओं, अन्नदाता किसानों और गरीबों के लिए बहुत सारी योजनाओं की घोषणायें की गयी हैं। आज एक साथ 460 करोड़ रुपये अन्नदाता किसानों के खाते में सीधे पहुंच रहे हैं। इसमें किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं पड़ी। जब हम अपनी फसल का बीमा कराते हैं, तो वह आपदा के कारण फसलां के नुकसान की भरपाई के रूप में वापस कर देता है। फसल बीमा के अन्तर्गत अच्छी फसल का बहुत छोटा सा हिस्सा प्रीमियम के रूप में लिया जाता है। यह अन्नदाता किसानों के लिए एक सम्बल है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत 3,500 परिवारों को 175 करोड़ 67 लाख रुपये की धनराशि उनके बैंक अकाउण्ट में प्रेषित की जा रही है। पूर्व में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अन्तर्गत केवल किसान आच्छादित होता था। किसान परिवार के सदस्य, बटाईदार तथा सह-किसान आच्छादित नहीं होते थे। आज प्रदेश सरकार अन्नदाता किसानों, उनके सह किसानों या उनके परिवार के सदस्य की किसी दुर्घटना में अकाल मृत्यु होने पर 05 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान कर रही है। यद्यपि आपदा में किसी मनुष्य को खोने का गम रहता है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता, लेकिन सरकार सम्बल देने के लिए खड़ी हो सकती है। सरकार हमेशा ऐसे परिवारों के साथ है और हर सम्भव सहयोग करने के लिए तैयार है।
इससे पहले भी 16 जून, 2025 को 11,690 किसान या उनके आश्रित परिवारों को 561 करोड़ 86 लाख की धनराशि वितरित की गयी थी। उन्होंने कहा कि 75 जनपदों के जिलाधिकारी यह प्रयास करें कि आज आच्छादित होने वाले सभी परिवारों को आज या कल तक यह पैसा सभी आश्रित परिवारों या किसानों के बैंक खाते में हर हाल में पहुंच जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन में फर्स्ट रिस्पॉन्डर आपदा मित्र हो सकता है। आपदा मित्र के रूप में प्रधानमंत्री जी ने देश के लिए एक बड़े अभियान को हाथ में लिया है। उत्तर प्रदेश ने प्रधानमंत्री जी की इस पहल को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। 25 जनपदों में 29,772 युवा स्वयंसेवक जिनमें एन0सी0सी0, एन0एस0एस0, एन0वाई0के0एस0, भारत स्काउट एण्ड गाइड को प्रशिक्षित कर आपदा मित्र प्रबंधन से जुड़े अनेक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया है। इसके लिए स्वयंसेवकों को 07 दिवसीय प्रशिक्षण के साथ जोड़ा गया है। उन्हें इमरजेन्सी रिस्पॉन्डर किट, आपदा मित्र ट्रेनिंग मॉड्यूल, आई0डी0 कार्ड और प्रमाण पत्र प्रदान किया गया हैं। इमरजेन्सी रिस्पॉन्डर किट में लाइफ जैकेट, सर्च टॉर्च, मेडिकल फर्स्ट एड बॉक्स, गम बूट्स, सेफ्टी हेलमेट, सेफ्टी चश्मा एवं रेन सूट सहित आपदा से बचाव के 15 आइटम शामिल हैं।
प्रदेश सरकार ने समस्त प्रशिक्षित युवा स्वयंसेवकों को 03 वर्ष के जीवन और चिकित्सा बीमा से आच्छादित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा अधिकृत नेशनल इन्श्योरेन्स कम्पनी के साथ 10 फरवरी, 2026 को एक एम0ओ0यू0 किया गया है। आपदा मित्र को 3 वर्ष के लिए 05 लाख रुपये तक का जीवन बीमा सुरक्षा कवर प्रदान किया गया है। प्रदेश में 29,772 युवा स्वयंसेवकों के सापेक्ष अभी तक 2,959 युवा स्वयंसेवक प्रशिक्षित किए गए हैं और शेष का प्रशिक्षण भी क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के किसानों को मौसम की जानकारी समय पर मिल सके, इसके लिये मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, आजमगढ़ में डॉप्लर वेदर रडार की स्थापना की जा रही है। इससे ससमय किसानों व नागरिकों को आकाशीय बिजली गिरने के खतरे की जानकारी मिल सकेगी तथा आपदा से बचाव किया जा सकेगा। साथ ही, प्रदेश के अन्दर 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन और ब्लॉक स्तर पर 2,000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित करने की कार्रवाई लगभग पूर्ण हो चुकी है। प्रदेश में वर्तमान में प्रचलित 45,000 होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में 19,000 प्रशिक्षित आपदा मित्रां को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा स्नातक और परास्नातक विद्यार्थियों के लिए विगत 02 वर्षों से आपदा प्रबंधन का इण्टर्नशिप प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है। साथ ही, अन्य प्रकार के कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं, जिससे किसी भी प्रकार की आपदा से बचाव के लिए ससमय प्रभावी कदम उठाए जा सकें। उन्होंने अन्नदाता किसानों को होली की शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश में अन्नदाता इसी प्रकार उन्नत खेती के माध्यम से प्रदेश की समृद्धि में अपना योगदान देते रहेंगे। डबल इंजन सरकार पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहेगी।
कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2016 में कृषकों को दैवीय आपदा, मौसम के दुष्प्रभाव या कीटों और बीमारियों के कारण फसल को होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति हेतु सुरक्षा कवच के रूप में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत की। विगत 09 वर्षों में मुख्यमंत्री जी के प्रयासों से राज्य के 04 करोड़ 25 लाख 98 हजार से ज्यादा किसानों को योजना के अन्तर्गत कवर किया गया। प्रदेश में डबल इंजन सरकार द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है।  
कार्यक्रम को कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) योगेंद्र डिमरी सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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