प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जनपद गौतमबुद्धनगर में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में 3,700 करोड़ रु0 से अधिक लागत की उत्तर भारत की पहली
सेमीकण्डक्टर यूनिट ‘इण्डिया चिप’ का शिलान्यास किया
भारत सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों पहलुओं पर एक साथ कार्य
कर रहा, हम जो ठानते हैं, वह हासिल करके ही रहते हैं : प्रधानमंत्री
दुनिया भारत को टेक फ्यूचर के केंद्र के रूप में देख रही, हमारे पास अपनी
चिप होगी तो हर सेक्टर में भारत की गति बिना रोक-टोक जारी रहेगी
उ0प्र0 भारत के सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम का बड़ा केंद्र बनने जा रहा
एच0सी0एल0 और फॉक्सकॉन की यह नई फैक्ट्री टेक्नोलॉजी पावर हाउस
के रूप में उ0प्र0 के विकास की गति को और तेज करेगी,
युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा
सेमीकण्डक्टर मिशन के तहत 10 सेमीकण्डक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग
प्रोडक्ट को स्वीकृति, इनमें से 04 यूनिट शीघ्र ही प्रोडक्शन शुरू करने वालीं
भारत सरकार ने ‘चिप टू स्टार्टअप कार्यक्रम’ शुरू किया, सेमीकण्डक्टर
डिजाइन में 85 हजार से अधिक इण्डस्ट्री रेडी प्रोफेशनल्स तैयार किए जाएंगे
विगत 11 वर्षों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग लगभग 06 गुना, इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट लगभग 8 गुना, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 28 गुना से अधिक तथा
मोबाइल फोन एक्सपोर्ट में 100 गुना से अधिक वृद्धि हुई
देश के आधे से अधिक मोबाइल फोन आज उ0प्र0 में ही बन रहे, सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े कॉम्पोनेंट्स बनने जा रहे
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ‘जेवर न केवल
उ0प्र0 का, बल्कि भारत का भी जेवर बनकर उभर रहा’ : मुख्यमंत्री
21वीं सदी की अर्थव्यवस्था, उसकी सुरक्षा
तथा विकास चिप आधारित तकनीक पर निर्भर
प्रधानमंत्री जी ने देश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक नये हब के रूप में स्थापित किया
प्रदेश की प्रथम डिस्प्ले, ड्राइवर, सेमीकण्डक्टर ओसेट यूनिट
प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही
उ0प्र0 के स्केल को स्किल एवं स्पीड के साथ जोड़ने का कार्य किया गया
इण्डिया ए0आई0 इम्पैक्ट समिट में भारत के भविष्य को उज्ज्वल और
मानवता के जीवन को अधिक सरल व सुगम बनाने की दिशा में विजन दिया गया
लखनऊ : 21 फरवरी, 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर में 3,700 करोड़ रुपये से अधिक लागत के निवेश से उत्तर भारत की पहली सेमीकण्डक्टर यूनिट ‘इण्डिया चिप’ (एच0सी0एल0-फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम) का शिलान्यास किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा रेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव जनपद गौतमबुद्धनगर में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज भारत विकसित होने के लक्ष्य पर बहुत तेजी से कार्य कर रहा है। भारत के पास रुकने, थमने का समय नहीं है। वर्ष 2026 की शुरुआत से ही भारत ने अपने कदम-ताल और तेज कर दिए हैं। विगत 12 जनवरी को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ से देश के लाखों युवा जुड़े थे। विगत 16 जनवरी को हमने नेशनल स्टार्टअप डे मनाया और भारत की स्टार्टअप क्रांति को नई ऊर्जा दी। जनवरी माह में ही हुई इण्डिया एनर्जी समिट में भारत ने अपने समर्थ्य से दुनिया का अपना ध्यान खींचा। विकसित भारत को गति देने वाला बजट आया और अब यह सप्ताह भी भारत के लिए ऐतिहासिक सिद्ध हो रहा है।
दिल्ली में आयोजित ए0आई0 इम्पैक्ट समिट में दुनिया के अनेक देशों के राष्ट्राध्यक्ष व टेक्नोलॉजी जगत के दिग्गज शामिल हुए। इस समिट में दुनिया ने भारत के ए0आई0 समर्थ्य को देखा, हमारे विजन को समझा और सराहना की। आधुनिक विश्व को चलाने के लिए जिस प्रोसेसिंग पावर की जरूरत है, उसमें भी भारत अब दुनिया के टॉप देशों के साथ आने का प्रयास कर रहा है। भारत सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर दोनों पहलुओं पर एक साथ कार्य कर रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि यह हम सभी के लिए यह गर्व की बात है कि उत्तर प्रदेश भारत के सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। एच0सी0एल0 और फॉक्सकॉन की यह नई फैक्ट्री टेक्नोलॉजी पावर हाउस के रूप में उत्तर प्रदेश की नई पहचान को और सशक्त करेगी तथा प्रदेश के विकास की गति को और तेज करेगी। उत्तर प्रदेश के संसद के रूप में भी उनके लिए यह गर्व का क्षण है। इस सेमीकण्डक्टर फैक्ट्री की वजह से उत्तर प्रदेश व देश के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। क्योंकि जहां सेमीकण्डक्टर यूनिट आती है, वहां डिजाइन हाउसेज़, आर0 एण्ड डी0 सेंटर्स, स्टार्टअप ईकोसिस्टम बनते हैं। यह सब कुछ उत्तर प्रदेश में होने जा रहा है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश की चर्चा मैन्युफैक्चरिंग के लिए हो रही है। यहां आ रहे हजारों करोड़ रुपये के निवेश के लिए नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। लेकिन करीब एक दशक पहले तक उत्तर प्रदेश का नाम पलायन, अभाव, असुविधा और अपराध जैसी गलत बातों के लिए उछाला जाता था, ऐसा लगता था देश के सबसे बड़े राज्य का यही दुर्भाग्य बन गया है। उत्तर प्रदेश की जनता ने डबल इंजन सरकार पर भरोसा जताया है और बार-बार आशीर्वाद दिया, उसके परिणाम निरन्तर दिख रहे हैं।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि अब उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे वाला राज्य बन चुका है। उत्तर प्रदेश की चर्चा डिफेंस कॉरिडोर के लिए होती है। देश और दुनिया के लोग आज उत्तर प्रदेश को टूरिज्म की पसंदीदा जगह बना रहे हैं। दुनिया भर के निवेशक आज इसलिए उत्तर प्रदेश आ रहे हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि उत्तर प्रदेश में उनके निवेश का शानदार रिटर्न मिलना तय है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और जेवर इण्टरनेशनल एयरपोर्ट जैसी आधुनिक कनेक्टिविटी इस पूरे क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाई पर ले जा रही है। कल 22 फरवरी को ‘दिल्ली-मेरठ नमो भारत ट्रेन कॉरिडोर’ का वह लोकार्पण करेंगे। प्रदेश में जिस प्रकार उत्तम कार्य हो रहे हैं, उत्तर प्रदेश विकसित होकर ही रहेगा।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि ‘यह डिकेड भारत का टेकेड’ है। इस दशक में भारत टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में जो कुछ कर रहा है, वह 21वीं सदी के हमारे सामर्थ्य का आधार बनेगा। ग्रीन एनर्जी, स्पेस टेक, डिजिटल टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस यह सभी तकनीक मानवता का भविष्य तय करने वाली हैं। इन सभी टेक्नोलॉजी में भारत आज भरपूर निवेश कर रहा है। भारत में सशक्त सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम का विकास भी इसका एक उत्तम उदाहरण है। सेमीकण्डक्टर सेक्टर क्षेत्र में आज हम बहुत तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। भारत ने अपने सेमीकण्डक्टर मिशन के तहत अभी तक 10 सेमीकण्डक्टर फैब्रिकेशन और पैकेजिंग प्रोडक्ट को स्वीकृति दे दी है। इनमें से 04 यूनिट बहुत ही जल्द अपना प्रोडक्शन शुरू करने वाली हैं।
20वीं सदी में जिस देश के पास तेल था, वहां समृद्धि और सामर्थ्य दोनों आया। 21वीं सदी में यही सामर्थ्य छोटी सी चिप, उससे जुड़ी स्किल और मटेरियल में है। भारत को मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाना है, तो इसके लिए भारत में सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम का निर्माण होना आवश्यक है। आज का यह कार्यक्रम इसी विजन का प्रतिबिम्ब है। विकसित भारत का निर्माण तभी होगा जब भारत आत्मनिर्भर होगा और इसके लिए मेड इन इण्डिया चिप होना बहुत जरूरी है, क्योंकि जब भारत की चिप ‘मेड इन इण्डिया’ होगी, तो हमें आधुनिक साजो-सामान की मैन्युफैक्चरिंग के लिए दूसरों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि डिजिटल इण्डिया, ए0आई0, इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण, डिफेंस सेक्टर इत्यादि में आज जरूरत के प्रत्येक सामान की आत्मा सेमीकण्डक्टर, चिप है। हमारे पास अपनी चिप होगी तो हर सेक्टर में भारत की गति बिना रोक-टोक जारी रहेगी। कम्पनियों का भारत आकर चिप मैन्युफैक्चरिंग में सहयोग करना एक वैश्विक संदेश भी देता है। भारत जैसा लोकतांत्रिक देश दुनिया का एक भरोसेमंद पार्टनर है। किसी भी वैल्यू चेन में भारत की बढ़ती भागीदारी उसे वैल्यू चेन की रेजिलियंस को भी बढ़ाएगी, इसलिए दुनिया की फैक्ट्री के रूप में भारत की पहचान, भारत और विश्व के अन्य देशों के लिए विन-विन सिचुएशन की तरह हैं।
आज दुनिया भारत को टेक फ्यूचर के केंद्र के रूप में देख रही है। इसका एक बड़ा कारण भारत का टैलेंट भी है। भारत अपने डिजाइनिंग टैलेंट पूल का विस्तार कर रहा है। साथ ही, सेमीकण्डक्टर से जुड़ी अन्य स्किल्स पर भी बहुत ध्यान दे रहा है। भारत सरकार ने ‘चिप टू स्टार्टअप कार्यक्रम’ शुरू किया है। इसका उद्देश्य सेमीकण्डक्टर डिजाइन में 85 हजार से अधिक इण्डस्ट्री रेडी प्रोफेशनल्स तैयार करने का है। 2026-27 के बजट में इण्डिया सेमीकण्डक्टर मिशन के दूसरे चरण की घोषणा की गई है। हर प्रकार के फैब्स, एडवांस्ड पैकेजिंग, आर0 एण्ड डी0 के लिए भारत में ही एक कम्प्लीट सपोर्ट सिस्टम डेवलप किया जा रहा है। सेमीकण्डक्टर और बैटरी निर्माण के लिए रेयर अर्थ मिनिरल्स भी बहुत आवश्यक है। भारत इसमें भी आत्मनिर्भरता के लिए बड़े कदम उठा रहा है। 2026-27 के बजट में घोषणा की गई है कि देश में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाए जाएंगे। यह भी सेमीकण्डक्टर सेक्टर के लिए बहुत बड़ा प्रोत्साहन है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि विगत 11 वर्षों में भारत ने बार-बार दिखाया है कि ‘हम जो ठानते हैं, वह हासिल करके ही रहते हैं’। कुछ वर्ष पहले जब देश ने ‘मेक इन इण्डिया’ का संकल्प लिया था, तब कुछ लोगों ने आशंकाएं जताई थीं, लेकिन आज ‘मेक इन इण्डिया’ एक सशक्त ब्राण्ड बनकर उभरा है। विगत 11 वर्षों में भारत में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग लगभग 06 गुना बढ़ी है। इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट लगभग 8 गुना हुआ है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 28 गुना से अधिक तथा मोबाइल फोन एक्सपोर्ट में 100 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री जी ने कहा कि भारत की मैन्युफैक्चरिंग सक्सेस में उत्तर प्रदेश एक मजबूत पिलर के रूप में उभर रहा है। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में देश के आधे से अधिक मोबाइल फोन आज उत्तर प्रदेश में ही बन रहे हैं। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का यह सामर्थ्य और बढ़ने जा रहा है, क्योंकि यहां पर सेमीकण्डक्टर ईकोसिस्टम के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े कॉम्पोनेंट्स भी बनने जा रहे हैं। इससे बहुत बड़ी संख्या में यहां रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी विजनरी लीडरशिप में आज भारत दुनिया में एक बड़ी आर्थिक महाशक्ति के रूप में समग्र विकास के नित नये प्रतिमान स्थापित करते हुए आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में पहली सेमीकण्डक्टर परियोजना का शिलान्यास कार्यक्रम प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से सम्पन्न हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने देश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक नये हब के रूप में स्थापित किया है। विगत 04 दिनों से भारत मण्डपम में आयोजित इण्डिया ए0आई0 इम्पैक्ट समिट-2026 में देश एवं दुनिया के लगभग 10 लाख लोगों ने प्रत्यक्ष भागीदारी की। इस समिट में 110 देशों की सहभागिता रही। इस ए0आई0 इम्पैक्ट समिट के माध्यम से भारत के भविष्य को उज्ज्वल और मानवता के जीवन को अधिक सरल व सुगम बनाने की दिशा में विजन दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने गत वर्ष सेमीकॉन इण्डिया-2025 में कहा था कि ‘ऑयल वॉज़ ब्लैक गोल्ड, बट चिप आर डिजिटल डायमण्ड’। उन्होंने कहा कि उन्हें भी यह लगता है कि 21वीं सदी की अर्थव्यवस्था, उसकी सुरक्षा तथा विकास चिप आधारित तकनीक पर निर्भर कर रहा है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में यह विजन भारत में पहली बार वर्तमान पीढ़ी को देखने को मिल रहा है। उनके विजन के प्रति प्रत्येक भारतवासी व उत्तर प्रदेशवासी कृतज्ञता ज्ञापित कर रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछली सरकारों के समय इस क्षेत्र में अराजकता का माहौल था। आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में ‘जेवर न केवल उत्तर प्रदेश का, बल्कि भारत का भी जेवर बनकर उभर रहा’ है। आज यह प्रदेश की प्रथम डिस्प्ले, ड्राइवर, सेमीकण्डक्टर ओसेट यूनिट यहां स्थापित होकर इस नये विजन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश के स्केल को स्किल एवं स्पीड के साथ जोड़ने का कार्य किया गया है। आज उसके परिणाम हमें यहां पर धरातल पर दिखायी दे रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में फियरलेस बिजनेस, ट्रस्ट ऑफ डुइंग बिजनेस का एक मजबूत ईकोसिस्टम स्थापित किया है। 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी के माध्यम से उत्तर प्रदेश को निवेश के एक ड्रीम डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज डीरेगुलेशन, ईज़ ऑफ डुइंग बिजनेस में देश में अग्रणी राज्यों में है। राज्य सरकार ने डीक्रिमिनलाइजेशन द्वारा 99 राज्य अधिनियमों में 13 प्रतिशत से अधिक आपराधिक प्राविधानों को भी समाप्त किया है। इसी का परिणाम है कि आज उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री जी का विजन प्रभावी रूप से प्रत्येक सेक्टर में उतरता हुआ दिखायी दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाते हुए एच0सी0एल0 एवं फॉक्सकॉन के ज्वाइण्ट वेंचर को उत्तर प्रदेश में स्थापित करने में अपना लगातार सकारात्मक योगदान देने के लिए केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री तथा केन्द्रीय वाणिज्य उद्योग राज्य मंत्री को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यहां के जनप्रतिनिधियों तथा अन्नदाता किसानों ने यीडा के साथ मिलकर अपनी सकारात्मक भूमिका का निर्वहन किया है। इस सकारात्मक भूमिका के कारण यह क्षेत्र मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेण्ट के एक बड़े हब के रूप में अपने आपको स्थापित कर रहा है।
केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, रेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में देश के पहले सेमीकण्डक्टर प्लाण्ट की आधारशिला रखी। सेमीकण्डक्टर जिस देश में होता है, वहां कई तरह की मैन्युफैक्चरिंग सम्भव हो जाती है। विगत 12 वर्षों में प्रधानमंत्री जी ने देश में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग का पावर हाउस स्थापित किया है। आज देश में 12 लाख करोड़ रुपये की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हो रही है।
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग के एक्सपोर्ट में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है, जिसमें उत्तर प्रदेश का अत्यधिक योगदान है। देश के 50 प्रतिशत से अधिक मोबाइल उत्तर प्रदेश में निर्मित किए जाते हैं। इस प्लाण्ट से प्रत्येक माह 03 करोड़ 60 लाख चिप का निर्माण किया जाएगा। यह उत्तर प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उत्तर प्रदेश में रेलवे में 92 हजार करोड़ रुपये के निवेश हो रहे हैं। अब उत्तर प्रदेश को जोड़ते हुए दिल्ली से सिलीगुड़ी तक बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।
इस अवसर पर केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद, उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री सुनील कुमार शर्मा, लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री बृजेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, एच0सी0एल0 की चेयरपर्सन श्रीमती रोशनी नादर मल्होत्रा, फॉक्सकॉन सेमीकण्डक्टर बिजनेस ग्रुप के अध्यक्ष श्री बॉब चेन व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
---------
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know