जनपद बलरामपुर में नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, आपदा प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा हवाई हमले जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को परखने के उद्देश्य से वीर विनय चौराहे पर सिविल डिफेंस द्वारा आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आज सफलता पूर्वक सम्पन्न हुई।
मॉक ड्रिल के दौरान पूर्व निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार समस्त गतिविधियां निर्धारित क्रम में संपन्न कराई गईं तथा जिला प्रशासन, पुलिस, सिविल डिफेंस, विद्युत विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आपदा मित्र, NDRF/रेस्क्यू टीम सहित सभी विभागों द्वारा SOP के अनुरूप त्वरित और समन्वित कार्रवाई की गई।
*मॉक ड्रिल का उद्देश्य*
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन व पुलिस अधीक्षक विकास कुमार द्वारा बताया गया कि वीर विनय चौराहे जैसे अत्यधिक भीड़भाड़ एवं सार्वजनिक स्थान पर ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन विशेष रूप से इस उद्देश्य से किया गया कि अधिक से अधिक नागरिक इस अभ्यास के साक्षी बनें, उन्हें आपातकालीन परिस्थितियों में क्या करना है और क्या नहीं करना है इसकी स्पष्ट व्यवहारिक जानकारी मिले तथा जनसहभागिता के साथ आपदा प्रबंधन की तैयारियां और अधिक प्रभावी बनाई जा सकें।
*जिलाधिकारी ने कहा—*
“ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का आयोजन केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जन सुरक्षा हेतु एक महत्वपूर्ण तैयारी है। इसका मुख्य उद्देश्य है कि आपात स्थिति में आम नागरिक घबराएं नहीं, बल्कि SOP के अनुसार सही रिस्पॉन्स करें।”
*पुलिस अधीक्षक ने कहा-*
"जनपद में नागरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने एवं आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने हेतु ब्लैकआउट ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को संभावित आपात स्थितियों, विशेषकर हवाई हमले अथवा अन्य संकट के समय अपनाई जाने वाली सुरक्षा सावधानियों के प्रति जागरूक करना था।"
*समयवार कार्यक्रम के अनुसार गतिविधियां*
मॉक ड्रिल के दौरान क्रमशः पीला संकेत (Yellow Signal), लाल संकेत (Red Signal), चेतावनी सायरन (Warning Siren), ब्लैकआउट लागू, डमी विस्फोट जैसी आवाज, ऑल क्लियर सायरन, तथा तत्पश्चात आग लगने की स्थिति, घायलों को प्राथमिक उपचार, खोज एवं बचाव कार्य, गंभीर घायलों को एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजने जैसी गतिविधियां चरणबद्ध ढंग से कराई गईं।
*सभी विभागों का उत्कृष्ट रिस्पॉन्स*
मॉक ड्रिल में शामिल सभी विभागों ने समन्वय, तत्परता एवं SOP अनुरूप कार्रवाई करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। रेस्क्यू टीमों ने नियत समय में खोज एवं बचाव कार्यवाही को अंजाम दिया और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम की कार्यक्षमता का सफल परीक्षण किया गया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों द्वारा दिखाए गए अनुशासन एवं तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के अभ्यास से जनपद की आपदा प्रबंधन क्षमता में निरंतर सुधार होता है।
*जनमानस का सराहनीय सहयोग*
ब्लैकआउट मॉक ड्रिल के दौरान जनमानस का सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा। आम नागरिकों ने निर्देशों का पालन करते हुए अनावश्यक भीड़/शोर से बचाव, लाइट/रोशनी नियंत्रण तथा स्वयंसेवकों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन कर मॉक ड्रिल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
*DERT पूरी तरह सजग, तत्काल रिस्पॉन्स हेतु तैयार*
जिलाधिकारी ने कहा कि District Emergency Response Team (DERT) पूरी तरह सजग है तथा जनपद में किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन एवं पुलिस बल त्वरित रिस्पॉन्स हेतु पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाए रखते हुए नियमित अभ्यास एवं समीक्षा जारी रखें।
अंत में जिलाधिकारी द्वारा मॉक ड्रिल में सहभागी सभी विभागों, स्वयंसेवकों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि जनपद बलरामपुर को आपदा-प्रबंधन के दृष्टिगत एक सजग, सक्षम एवं सुरक्षित जनपद बनाने हेतु इस प्रकार के अभ्यास आगे भी जारी रहेंगे।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक , एनसीसी कैंडिडेट्स , आपदा मित्र व अन्य संबंधित अधिकारी / कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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