जौनपुर। हड़ताल से बिजली गुल, जनजीवन अस्त व्यस्त

बिजली कर्मचारियों का हड़ताल लगातार जारी,बिजली आपूर्ति ठप, पानी को मची त्राहि त्राहि


मुंगराबादशाहपुर। अपनी मांगो को लेकर संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में बिजली कर्मचारी संघर्ष समिति का हड़ताल लगातार जारी है, लगातार तीस घंटे से बिजली गुल है जिससे लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और पानी की समस्या को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी लापरवाह बने हुए हैं।


आपको बता दें कि बिजली कर्मचारी संघर्ष समिति के संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 16 मार्च से हड़ताल पर चले गए हैं जिससे जनता का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है और लोगों को खासी परेशानी हो रही है और सतहरिया इंडस्ट्रीज एरिया में भी काल कारखाने को प्रभावित किया है। वहीं कारखानों के मालिकों का कहना है कि अगर इसी तरह हड़ताल चलता रहा,तो भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है और वहीं जनता पानी पीने की समस्या को लेकर खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं दूसरी ओर बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर भी अधिकारी जल्दी फोन नहीं उठा रहे हैं और न ही जनता की समस्याओं का समाधान कर पा रहे हैं। मुंगराबादशाहपुर नगर में विभिन्न वार्डो में पानी की किल्लत से लोग जूझते हुए नजर आए हैं लेकिन अधिकारी और कर्मचारी लापरवाही करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहें हैं। घर व दुकान और वर्कशॉप में लगे हुए इन्वर्टर भी जवाब दे चुके हैं लेकिन अधिकारी आश्वासन देकर अपना पीछा छुड़ाते रहे हैं। रात किसी तरह गुजरी तो सुबह भी बिजली न आने से लोगों के सामने संकट खड़ा हो गया। लोग किसी तरह हैंडपंप, समरसेबल आदि यंत्रों से जनरेटर चलवाकर किसी तरह पानी का प्रबंध किया। जेई साहब फ़ोन नहीं उठा रहे हैं और अधिशासी अधिकारी ने नगरवासियों को आश्वस्त किया कि किसी भी प्रकार पानी की समस्या नहीं आने पाएगी,जिसके लिए पालिका प्रशासन द्वारा पूरी तरह लगी हुई है। यूपी में कर्मचारियों की हड़ताल से खड़े हुए बिजली संकट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ हुई बैठक के बाद ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया गया है। विद्युत कर्मचारी संघर्ष समिति के 22 नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। इन लोगों के खिलाफ एस्मा के तहत कार्रवाई होगी। इनमें से छह को निलंबित किया जा रहा है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि संविदाकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। अब तक 1332 की सेवा समाप्त की गई है। शाम तक अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सभी से अपील है कि जनता और अपने परिवार के हित में काम पर लौटें। चार घंटे का समय दे रहे हैं। शाम छह बजे तक नहीं लौटने वालो को बर्खास्त कर दिया जाएगा। जहां बर्खास्त कर रहे हैं। वहां दूसरी एजेंसी, इंजीनियरिंग कॉलेज से छात्रों को ले रहे हैं। नए लोगों की सेवाएं लेंगे। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कुछ संगठन पांच दिन से हड़ताल पर हैं। उनसे बात करने का लगातार प्रयास कर किया जा रहा है। वार्ता के द्वार खुले है। कई संगठन जनता के हितों की रक्षा कर रहे हैं। वे निष्ठा के साथ काम कर रहे हैं। इन सभी का आभार है। कई निजी कंपनियों ने उत्पादन इकाई में मदद की है। उत्पादक क्षमता 28 मेगावाट की है। जरूरत कम है। राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। कर्मचारियों की अनर्गल मांगें पूरी नहीं की जा सकती हैं। संघर्ष समिति को बार बार बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि हड़ताल जनहित के विरुद्ध है। यह अवमानना भी है। कोर्ट के आदेश से सभी को अवगत करा दिया गया है। इसके बाद भी कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं। अब कार्पोरेशन उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विवश है। संघर्ष समिति हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहा है।

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