केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन
मखदूम, 13 अगस्त 2026। भा.कृ.अ.प.-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIRG), मखदूम में बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination) तकनीक पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज दिनांक 13 अगस्त 2026 को सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पशुपालन विभाग, त्रिपुरा सरकार के प्रायोजन में 11 से 13 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया, जिसमें त्रिपुरा राज्य से आए 22 पशु चिकित्सा अधिकारियों, जिनमें 12 पुरुष एवं 10 महिला अधिकारी शामिल थे, ने प्रतिभागिता की।3
समापन कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने प्रतिभागियों को संस्थान में संचालित विभिन्न वैज्ञानिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस तकनीक के प्रभावी उपयोग से उच्च आनुवंशिक क्षमता वाले पशुओं का व्यापक स्तर पर उपयोग कर नस्ल सुधार, उत्पादकता वृद्धि एवं बकरी पालकों की आय में वृद्धि की जा सकती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. रवि रंजन, प्रधान वैज्ञानिक ने प्रशिक्षण के दौरान आयोजित विभिन्न तकनीकी एवं व्यावहारिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को बकरियों में कृत्रिम गर्भाधान की मूलभूत अवधारणाओं के साथ-साथ हीट की पहचान, उपयुक्त समय पर गर्भाधान, वीर्य संग्रह एवं मूल्यांकन, वीर्य प्रसंस्करण एवं संरक्षण, कृत्रिम गर्भाधान की तकनीक तथा सफल गर्भाधान के लिए आवश्यक प्रबंधन संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
डॉ. रवि रंजन ने कहा कि त्रिपुरा के पशु चिकित्सा अधिकारियों को इस प्रशिक्षण से प्राप्त व्यावहारिक ज्ञान का उपयोग राज्य में बकरी प्रजनन कार्यक्रमों को मजबूत करने तथा किसानों के बीच वैज्ञानिक बकरी पालन एवं उन्नत प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देने में किया जा सकता है।
प्रशिक्षणार्थियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी उनके लिए अत्यंत उपयोगी रही। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृत्रिम गर्भाधान तकनीक को त्रिपुरा के बकरी पालन क्षेत्र में प्रभावी रूप से अपनाकर नस्ल सुधार एवं बकरी उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. रवि रंजन, प्रधान वैज्ञानिक द्वारा किया गया तथा डॉ. वाई. के. सोनी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के उत्साह एवं भविष्य में त्रिपुरा में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के व्यापक प्रसार के संकल्प के साथ हुआ।

एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know