बलरामपुर- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर विकास भवन, में चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से वर्ष 1947 में देश के विभाजन के दौरान लाखों लोगों द्वारा झेली गई पीड़ा, विस्थापन, संघर्ष एवं त्रासदी को चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। चित्र प्रदर्शनी ने विभाजन के उस कठिन दौर की स्मृतियों को जीवंत करते हुए उपस्थित लोगों को इतिहास के उस अध्याय से परिचित कराया।
चित्र प्रदर्शनी में देश के विभाजन से जुड़ी विभिन्न ऐतिहासिक घटनाओं, तत्कालीन परिस्थितियों, लोगों के बड़े पैमाने पर हुए विस्थापन तथा विभाजन के कारण आम जनमानस को हुई कठिनाइयों एवं पीड़ा को विभिन्न चित्रों एवं विवरणों के माध्यम से दर्शाया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं उससे जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर देश के विभाजन के दौरान प्राण गंवाने वाले लोगों की स्मृति में मौन रखा गया तथा उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभाजन की विभीषिका में अपना जीवन गंवाने वाले लोगों का स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के संबोधन का सजीव प्रसारण भी किया गया, जिसे उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सुना गया। मुख्यमंत्री जी के संबोधन के माध्यम से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के महत्व, देश के विभाजन के दौरान नागरिकों द्वारा झेली गई कठिनाइयों तथा राष्ट्रीय एकता एवं सामाजिक सद्भाव के संदेश से सभी को प्रेरणा मिली।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का आयोजन देश की स्वतंत्रता के साथ जुड़ी विभाजन की पीड़ा और संघर्ष को स्मरण करने का अवसर बना। चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से विशेष रूप से यह संदेश दिया गया कि वर्तमान एवं भावी पीढ़ियां देश के इतिहास से परिचित हों तथा एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे एवं सामाजिक सद्भाव के मूल्यों को और अधिक मजबूत करें।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, डीसी मनरेगा, परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विभाग, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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