बलरामपुर - राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद बलरामपुर में जन्मजात ओंठ कटे (क्लेफ्ट लिप) एवं कटे तालु (क्लेफ्ट पैलेट) से प्रभावित बच्चों के बेहतर उपचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में SIPS Hospital के सहयोग से ऐसे 11 बच्चों को पोषण किट वितरित की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने कहा कि ओंठ एवं तालु कटे बच्चों के सफल ऑपरेशन के लिए उनका शारीरिक रूप से स्वस्थ और पर्याप्त वजन का होना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से कम वजन वाले बच्चों को पोषण किट उपलब्ध कराई गई है, जिससे उनका वजन बढ़े, शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर हो तथा समय पर सफल शल्य चिकित्सा कर उन्हें सामान्य जीवन प्रदान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के माध्यम से जन्मजात विकारों की समय पर पहचान कर बच्चों को निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। यह कार्यक्रम आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा भी की तथा संबंधित अधिकारियों को स्क्रीनिंग, फॉलोअप और उपचार की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बच्चा योजना के लाभ से वंचित न रहे।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, शीतांशु रजक सहित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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