बलरामपुर- जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में संचालित विभिन्न पोषण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शासन की मंशानुरूप योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में सबसे पहले ई-कवच (e-Kavach) पोर्टल की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं नवजात शिशुओं का समयबद्ध पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा पोर्टल पर सभी सूचनाएं शत-प्रतिशत एवं वास्तविक समय में अपडेट की जाएं।
उन्होंने कहा कि ई-कवच उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा विकसित एक डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसके माध्यम से गर्भधारण के शुरुआती चरण से लेकर प्रसव एवं नवजात शिशु के टीकाकरण तक सभी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन निगरानी की जाती है। इस पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण, नियमित प्रसवपूर्व जांच (ANC), टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं (High Risk Pregnancy) की पहचान, प्रसवोत्तर देखभाल तथा नवजात एवं शिशुओं के टीकाकरण एवं स्वास्थ्य संबंधी विवरण दर्ज किए जाते हैं। इससे किसी भी लाभार्थी के छूटने की संभावना कम होती है तथा समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी का समय पर पंजीकरण एवं डेटा अद्यतन सुनिश्चित किया जाए ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके।
बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि योजना के अंतर्गत पात्र गर्भवती एवं धात्री महिलाओं का अधिक से अधिक पंजीकरण कराया जाए, जिससे उन्हें निर्धारित वित्तीय सहायता समय से प्राप्त हो सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के नियमित वजन एवं लंबाई मापन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर सभी बच्चों का समयबद्ध वजन एवं लंबाई मापी जाए तथा वृद्धि निगरानी (Growth Monitoring) पूरी पारदर्शिता एवं गुणवत्ता के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों में कुपोषण अथवा अतिकुपोषण (SAM/MAM) के लक्षण पाए जाएं, उनका तत्काल चिन्हांकन कर आवश्यक पोषण एवं चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही ऐसे बच्चों की नियमित निगरानी कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में टेक होम राशन (THR) वितरण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी पात्र गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं एवं छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण टेक होम राशन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि वितरण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो तथा किसी भी पात्र लाभार्थी को योजना के लाभ से वंचित न रहने दिया जाए। वितरण से संबंधित अभिलेखों एवं पोर्टल पर प्रविष्टियों का नियमित सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण मुक्त जनपद का लक्ष्य तभी प्राप्त होगा, जब सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा करते हुए फील्ड स्तर पर प्रभावी अनुश्रवण किया जाए तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समयबद्ध रूप से पहुंचाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, संबंधित चिकित्सा अधिकारी, सीडीपीओ, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

            हिन्दी संवाद न्यूज से
              रिपोर्टर वी. संघर्ष
                 बलरामपुर। 

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