बबलू गर्ग ब्यूरो चीफ हिंदी संवाद न्यूज़
लोनी स्थित सिद्ध बाबा रामपार्क में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा आयोजित भव्य श्रीरामकथा के छठे दिन कथा व्यास परम पूज्य अतुल कृष्ण भारद्वाज जी महाराज ने भगवान श्रीराम के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायक प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथा के दौरान पूज्य भारद्वाज जी ने भगवान श्रीराम द्वारा धनुष भंग, अहिल्या उद्धार, परशुराम-लक्ष्मण संवाद एवं श्रीराम विवाह के प्रसंगों का अत्यंत रोचक एवं भावनात्मक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब महर्षि विश्वामित्र जी के मार्गदर्शन में भगवान श्रीराम ने जनकपुरी में आयोजित सीता स्वयंवर में भगवान शिव के धनुष को भंग किया, तो यह केवल एक पराक्रम नहीं बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक था।
उन्होंने आगे कहा कि धनुष भंग का संदेश समस्त दुष्ट शक्तियों के लिए चेतावनी था कि अब उनकी राक्षसी प्रवृत्तियों का अंत निश्चित है। परशुराम जी और लक्ष्मण जी के बीच हुए संवाद का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि अंततः परशुराम जी ने श्रीराम की दिव्यता को स्वीकार कर समाज की रक्षा का दायित्व उन्हें सौंप दिया और स्वयं भक्ति एवं तप में लीन हो गए।
कथा व्यास ने अपने उद्बोधन में कहा कि “दीन-दुखियों की सेवा ही भगवान की सच्ची सेवा है।” उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा कि यदि हम संगठित होकर समाज के कमजोर वर्गों, वनवासियों एवं जरूरतमंदों की सेवा करें तथा समाज की बुराइयों को समाप्त करने का प्रयास करें, तो यही सच्चा धर्म है।
कथा के क्रम में श्रीराम विवाह प्रसंग का भी अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया। उन्होंने बताया कि राजा जनक द्वारा राजा दशरथ को बारात के लिए आमंत्रित करने के बाद जनकपुरी में उत्सव का माहौल बन गया, जहां नृत्य एवं गायन के साथ भव्य आयोजन हुआ।
इस अवसर पर लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा कि “श्रीरामकथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और संस्कारों को मजबूत करने का माध्यम है। भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन से हमें प्रेरणा लेकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक सेवा और सहयोग पहुंचाना चाहिए। लोनी में इस प्रकार के आयोजनों से सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा मिलती है।” कार्यक्रम में जनसैलाब के रूप में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिन्होंने कथा का रसास्वादन कर अपने जीवन को धन्य बनाया।
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