बलरामपुर- निदेशक अभियोजन ललित मुद्गल द्वारा आज जनपद में संयुक्त निदेशक अभियोजन कार्यालय के सुदृढ़ीकरण एवं नवीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) रूम का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अभियोजन विभाग के अधिकारियों एवं अभियोजकों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के उपरांत निदेशक अभियोजन श्री मुद्गल की अध्यक्षता में अभियोजकों की एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद में संचालित अभियोजन कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा कार्यों को और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुखी बनाने हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए गए।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए निदेशक अभियोजन ने कहा कि अभियोजन विभाग द्वारा लागू की गई नवीन आपराधिक संहिताएं—भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)—जनसामान्य को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि इन नवीन कानूनों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े कमजोर वर्ग के लोग भी इनका लाभ प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि नवीन आपराधिक संहिताओं के माध्यम से न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं पीड़ित-केंद्रित बनाया गया है। नए कानूनों में कई महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी प्रावधान शामिल किए गए हैं, जिनमें अपराधियों की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
निदेशक अभियोजन ने यह भी कहा कि नवीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम की स्थापना से न्यायिक प्रक्रिया में तकनीकी सुदृढ़ता आएगी और गवाहों की गवाही की प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित एवं समयबद्ध बनाया जा सकेगा। इससे न्यायिक कार्यवाही में तेजी आएगी तथा अभियोजन की प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।
इस अवसर पर अपर निदेशक अभियोजन परिक्षेत्र गोंडा विजय शंकर मिश्रा, अपर निदेशक अभियोजन बलरामपुर हवलदार सिंह यादव, अपर निदेशक अभियोजन अयोध्या सत्यव्रत त्रिपाठी सहित अन्य अभियोजन अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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