कांग्रेस एवं समाजवादी पार्टी का दोहरा चरित्र उजागर, भारत की सभ्यता, संस्कृति और वैश्विक छवि को कमजोर करने का प्रयास: डॉ. राजेश्वर सिंह
विदेशी एजेंडों के सहारे भारत को बदनाम करना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा: डॉ. राजेश्वर सिंह
सनातन आस्था पर प्रहार और तुष्टिकरण की राजनीति को देश कर रहा है अस्वीकार: डॉ. राजेश्वर सिंह
लखनऊ। विधायक सरोजनीनगर, डॉ. राजेश्वर सिंह ने कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि दोनों दल बार-बार ऐसे नैरेटिव्स को बढ़ावा दे रहे हैं, जो भारत की सभ्यता, संस्कृति और वैश्विक प्रतिष्ठा को कमजोर करने का प्रयास करते हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता श्री अखिलेश यादव द्वारा माँ गंगा की पवित्रता पर दिया गया राजनीतिक बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था को आहत करने वाला है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता श्री राहुल गांधी द्वारा United States Commission on International Religious Freedom (USCIRF) जैसी विदेशी और पक्षपातपूर्ण संस्था की रिपोर्ट का हवाला देकर भारत की छवि पर प्रश्न उठाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार पहले ही इस रिपोर्ट को तथ्यहीन और प्रेरित बता चुकी है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि भारत का संविधान विश्व में अल्पसंख्यकों को सर्वाधिक मजबूत संरक्षण प्रदान करता है। अनुच्छेद 25 से 30 तक धार्मिक स्वतंत्रता, धार्मिक संस्थानों के प्रबंधन का अधिकार तथा अल्पसंख्यकों को अपने शैक्षणिक संस्थान स्थापित एवं संचालित करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी गई है।
उन्होंने कहा कि देश के जनसांख्यिकीय आंकड़े भी यह सिद्ध करते हैं कि भारत में सभी समुदाय सुरक्षित और सशक्त हैं। वर्ष 1951 में लगभग 9.8% रही मुस्लिम जनसंख्या 2011 में बढ़कर लगभग 14.2% हो गई है। आज भारत में 20 करोड़ से अधिक मुस्लिम आबादी निवास करती है, जो विश्व की दूसरी सबसे बड़ी मुस्लिम जनसंख्या है। ईसाई समुदाय देशभर में हजारों शिक्षण संस्थान एवं अस्पताल संचालित कर रहा है, जबकि अल्पसंख्यक समुदाय के अनेक लोग राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश जैसे सर्वोच्च पदों तक पहुंचे हैं।
डॉ. सिंह ने कहा कि यदि वास्तव में उत्पीड़न होता, तो इस प्रकार की निरंतर प्रगति और भागीदारी संभव नहीं होती। यह स्पष्ट संकेत है कि भारत में अवसर, सुरक्षा और सम्मान का वातावरण विद्यमान है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका में प्रतिवर्ष हजारों ‘हेट क्राइम’ दर्ज होते हैं, फ्रांस में धार्मिक प्रतीकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, तथा चीन में धार्मिक स्वतंत्रता पर कठोर नियंत्रण है। इसके विपरीत भारत में अल्पसंख्यकों के लिए विशेष छात्रवृत्तियाँ, कल्याणकारी योजनाएँ तथा धार्मिक स्वतंत्रता का खुला वातावरण उपलब्ध है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि इसके बावजूद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेता विदेशी रिपोर्टों के आधार पर भारत को बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं। यह केवल राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि भारत की संवैधानिक और सांस्कृतिक पहचान को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास है।
उन्होंने कहा कि भारत को किसी विदेशी संस्था के प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। भारत की शक्ति उसका संविधान, उसकी सांस्कृतिक विविधता और उसकी सनातन परंपरा है।
डॉ. सिंह ने कांग्रेस पार्टी से उसके ऐतिहासिक और नीतिगत निर्णयों पर जवाब मांगते हुए कहा कि पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि, सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के समय दूरी क्यों बनाई गई, हिंदू कोड बिल के माध्यम से केवल हिंदू समाज में ही सुधार क्यों किए गए, शाह बानो प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय को क्यों पलटा गया, राम जन्मभूमि विवाद का समय पर समाधान क्यों नहीं किया गया, तथा हिंदू मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण आज भी क्यों जारी है।
अंत में उन्होंने कहा कि देश की जनता अब इन प्रश्नों के उत्तर चाहती है और राष्ट्रहित के विरुद्ध किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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