जलालपुर, अंबेडकर नगर — रमज़ान के आगमन से इबादत का माहौल, बाजारों में बढ़ी रौनक
पवित्र रमज़ान माह के आगमन के साथ मुस्लिम समाज में इबादत और रूहानियत का माहौल गहरा हो गया है। मस्जिदों में नमाज़ियों की संख्या में इज़ाफा देखा जा रहा है और लोग रोज़ा रखकर अल्लाह की इबादत, दुआ, तिलावत-ए-कुरआन और ज़िक्र में मशगूल हैं। घरों और इबादतगाहों में विशेष रौनक दिखाई दे रही है।नगर के दलाल टोला स्थिति मदरसा निदाए हक स्कूल के प्रिंसिपल मौलाना हबीबुर्रहमान नूरी
बताया कि रमज़ान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना है। इसी महीने में कुरआन शरीफ का नाज़िल होना माना जाता है, इसलिए इसे रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना कहा जाता है। रमज़ान का रोज़ा इंसान को सब्र, संयम और तक़वा की शिक्षा देता है, साथ ही गरीब और जरूरतमंदों के दर्द का एहसास भी कराता है।
मछली गांव के मौलाना नूरल हसन ने कहा कि रमज़ान आत्मशुद्धि और नेक अमल बढ़ाने का महीना है। इस दौरान नमाज़, कुरआन की तिलावत, ज़कात और सदक़ा का सवाब कई गुना बढ़ जाता है।
लखनियां क्षेत्र के मौलाना औन अब्बास रिजवी ने पहली रमज़ान के बारे में बताया कि चांद दिखाई देने के बाद पहला रोज़ा रखा जाता है। रोज़ेदार रात में सेहरी करके सुबह से सूर्यास्त तक रोज़ा रखते हैं और शाम को इफ्तार के साथ रोज़ा खोलते हैं।
कटघर मूसा, जलालपुर निवासी मौलाना ने मौलाना सैय्यद हैदर अब्बास की अहमियत बयान करते हुए लोगों से अपील की कि इस मुबारक महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करें, गुस्से और बुरी आदतों से बचें तथा जरूरतमंदों की मदद कर भाईचारे और इंसानियत को मजबूत करें।
रमज़ान को लेकर सम्मनपुर, सिकंदरपुर और लखनियां बाजारों में भी खास रौनक देखी जा रही है। खजूर, सेवईं, इफ्तार सामग्री और इबादत से जुड़ा सामान खरीदने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। व्यापारियों के अनुसार रमज़ान की शुरुआत के साथ बाजारों की रौनक लगातार बढ़ रही है।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know