अम्बेडकर नगर, होली का पवित्र पर्व: रंगों का त्योहार जहाँ रंग ही रंग में घुल गया, वहीं जलालपुर तहसील परिसर का माहौल भी पूरी तरह से भक्ति, उल्लास और आपसी सौहार्द से सराबोर नजर आया। यहाँ अधिवक्ताओं ने न सिर्फ एक-दूसरे को गुलाल लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं, बल्कि ढोल की थाप पर थिरकते हुए पारंपरिक फगुआ गीतों की मधुर धुनों के साथ होली का अलग ही रंग बिखेरा।
बार काउंसिल के नेतृत्व में सांस्कृतिक समरसता का आयोजन
इस भव्य आयोजन का नेतृत्व बार काउंसिल के अध्यक्ष कृपा शंकर मौर्य ने किया। उनके कुशल मार्गदर्शन में अधिवक्ताओं ने न सिर्फ एक-दूसरे के साथ मिठास और गुलाल बांटा, बल्कि आपसी एकता और सामाजिक सद्भाव का गहरा संदेश भी दिया। पूरे परिसर में मौजूद हर किसी के चेहरे पर होली की रंगत और मन में आपसी प्यार की भावना साफ झलक रही थी।
होलिका दहन से होली तक: मिठास और शुभकामनाओं का सिलसिला
अधिवक्ताओं ने इस अवसर पर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हुए होलिका दहन और होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। यह आयोजन सिर्फ एक पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह अधिवक्ताओं के आपसी भाईचारे और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बन गया।
गणमान्य अधिवक्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति
इस रंगीन आयोजन में वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भी भागीदारी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम में विशेष रूप से संत प्रसाद पाण्डेय, सत्य प्रकाश मिश्रा, गिरिजेश श्रीवास्तव, सुनील सिंह, गिरधारी यादव तथा राम आसरे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल उत्सव को और भव्य बनाते हैं, बल्कि समाज में आपसी प्रेम, विश्वास और एकता की भावना को भी मजबूती प्रदान करते हैं।
रंगों से सराबोर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं ने पारंपरिक उत्साह के साथ होली मनाते हुए यह साबित कर दिया कि रंगों का यह त्योहार सिर्फ रंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकजुटता और भाईचारे का प्रतीक है।
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