उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के जर्मनी दौरे में निवेश को नई गति


राजनयिक एवं औद्योगिक सहभागिता को मजबूतीःरक्षा एवं उन्नत विनिर्माण पर फोकस



न्यूरेम्बर्ग में उच्चस्तरीय औद्योगिक संवाद


लखनऊः24  फरवरी 2026


उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य एवं प्रदेश सरकार के मंत्री (आई टी) श्री सुनील कुमार शर्मा के नेतृत्व में जर्मनी दौरे पर गए राज्य प्रतिनिधिमंडल ने निवेश, रक्षा विनिर्माण, एयरोस्पेस सहयोग एवं औद्योगिक साझेदारी के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुख बैठकें कीं।न्यूरेम्बर्ग, जर्मनी में उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने NürnbergMesse Group के CEO श्री Peter Ottmann से भेंट कर उत्तर प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं एवं औद्योगिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की प्रगतिशील औद्योगिक नीतियों, निवेशक-अनुकूल वातावरण, विश्वस्तरीय अवसंरचना एवं कुशल मानव संसाधन की जानकारी देते हुए जर्मन उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

इसी क्रम में जर्मन–इजराइली अग्रणी कंपनी Quantum Technologies के साथ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक आयोजित हुई। कंपनी मानव रहित एवं ड्रोन आधारित उन्नत तकनीकों, रक्षा-स्तरीय टोही प्रणाली तथा 160 किलोमीटर तक की परिचालन क्षमता वाले उच्च-ऊंचाई प्लेटफॉर्म विकसित करने में विशेषज्ञ है। कंपनी की तकनीक जर्मनी एवं स्पेन की सशस्त्र सेनाओं द्वारा उपयोग में लाई जा रही है तथा प्रिसिजन एग्रीकल्चर में भी सहायक है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कंपनी को राज्य में विनिर्माण एवं अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने हेतु आमंत्रित किया। बैठक में विनिर्माण, अनुसंधान, कौशल विकास एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग पर सहमति बनी, जिससे भारत के एयरोस्पेस एवं मानव रहित प्रणाली तंत्र को सशक्त किया जा सके।

उप मुख्यमंत्री एवं आईटी मंत्री ने जर्मनी की प्रमुख रक्षा एवं हथियार निर्माण कंपनियों का उच्चस्तरीय दौरा कर उद्योग विशेषज्ञों के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया। चर्चाओं में उत्तर प्रदेश में उन्नत ड्रोन तकनीक, अगली पीढ़ी की हथियार प्रणालियां, प्रिसिजन मैन्युफैक्चरिंग तथा अत्याधुनिक रडार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में निवेश एवं साझेदारी की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की सशक्त औद्योगिक पारिस्थितिकी, रक्षा विनिर्माण को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों तथा आकर्षक प्रोत्साहनों को रेखांकित करते हुए उत्तर प्रदेश को एयरोस्पेस एवं रक्षा निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया।

न्यूरेम्बर्ग में भारत के राजदूत श्री अजीत गुप्ते एवं अन्य गणमान्यजनों के साथ आयोजित रात्रि भोज के दौरान उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास, निवेश वातावरण एवं उभरते आर्थिक अवसरों पर सार्थक चर्चा हुई। साथ ही जर्मनी में भारत के कांसल जनरल श्री शत्रुघ्न सिन्हा से भी आत्मीय मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ करने पर विचार-विमर्श किया गया।

इससे पूर्व उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी स्थित मदरसन सूमी प्लांट का भ्रमण कर उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विस्तार एवं निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की। फ्रैंकफर्ट में आयोजित इन्वेस्टर्स कॉन्क्लेव में उन्होंने प्रदेश के अनुकूल आर्थिक परिदृश्य, मजबूत आधारभूत संरचना एवं विविध क्षेत्रों में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

‘Invest UP’ के अंतर्गत फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट क्षेत्र के प्रतिनिधियों — Mayor of Kelsterbach श्री Manfred Ockel, Mayor of Raunheim श्री David Rendel तथा Innovation RheinMain के CEO श्री Stephan Wittekind — से भेंट कर द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा हुई। चर्चा का मुख्य केंद्र फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट एवं नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, नवाचार एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में सहयोग स्थापित करना रहा। दोनों पक्षों ने इस सहयोग को औपचारिक रूप देने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने, जर्मन औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल की उत्तर प्रदेश यात्रा सुनिश्चित करने तथा दीर्घकालिक एवं सुदृढ़ संस्थागत साझेदारी विकसित करने का संकल्प व्यक्त किया।

श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मजबूत नीतिगत समर्थन एवं विश्वस्तरीय अवसंरचना के साथ उत्तर प्रदेश उन्नत विनिर्माण एवं रणनीतिक निवेश का अग्रणी केंद्र बनता जा रहा है। प्रदेश सरकार सुरक्षित, सक्षम एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।


उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित कर चुका है – पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और यमुना एक्सप्रेसवे इसके उदाहरण हैं। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, बहु-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क, तथा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों का विस्तार राज्य को एक मजबूत लॉजिस्टिक हब बनाता है। राज्य में 70,000 एकड़ से अधिक भूमि बैंक निवेश के लिए उपलब्ध है। भारत की सबसे बड़ी कार्यशील आबादी उत्तर प्रदेश में है - एक युवा, प्रशिक्षित और प्रतिस्पर्धी श्रमशक्ति है।'निवेश मित्र' सिंगल विंडो प्रणाली 40 से अधिक विभागों की 500 से अधिक सेवाएँ डिजिटल रूप से उपलब्ध कराती है, जिससे अनुमोदन प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध हो रही है।

हम विशेष रूप से टेक्सटाइल, अपैरल और लेदर: इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर; ग्रेटर नोएडा स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क मल्टी-लोकेशन केमिकल एवं फार्मा पार्क; तथा डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत रक्षा एवं एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में जर्मन उद्योगों का हार्दिक स्वागत करते हैं, जहाँ समग्र रूप से दर्जनों बिलियन डॉलर के निवेश अवसर उपलब्ध हैं और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित साझेदारी की व्यापक संभावनाएँ हैं।उत्तर प्रदेश सेवा क्षेत्र में भी तेजी से उभर रहा है। उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने वैश्विक निवेशकों के साथ महत्वपूर्ण संवाद किया।उप मुख्यमंत्री ने निवेशकों को संबोधित करते हुए प्रदेश की प्रगतिशील, निवेशक-अनुकूल नीतियों एवं पारदर्शी सुशासन मॉडल को विस्तार से प्रस्तुत किया। उन्होंने एमएसएमई, विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), औद्योगिक कॉरिडोर तथा निर्यातोन्मुख क्षेत्रों में उपलब्ध व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने बताया कि सुदृढ़ आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन तथा सक्रिय नीतिगत समर्थन के बल पर उत्तर प्रदेश निवेश के लिए एक अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान कर रहा है।इस संवाद ने उत्तर प्रदेश की वैश्विक साझेदारियों को सुदृढ़ करने तथा सतत औद्योगिक विकास को गति देने की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित किया, जिससे प्रदेश एक पसंदीदा वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।

इस दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव, एमएसएमई एवं उद्योग, श्री आलोक कुमार ने  भी महत्वपूर्ण विचार / सुझाव रखे

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