मुख्यमंत्री राज्य ऋण संगोष्ठी 2026-27 में मुख्य अतिथि के तौर पर सम्मिलित हुए

मुख्यमंत्री ने नाबार्ड द्वारा तैयार राज्य फोकस पेपर 2026-27
का विमोचन तथा ई-के0सी0सी0 पोर्टल का लोकार्पण किया

एफ0पी0ओ0, जिला सहकारी बैंक, महिला स्वयं सहायता समूह, पैक्स कम्प्यूटरीकरण
तथा व्यावसायिक गतिविधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित किया

उ0प्र0 अनलिमिटेड पोटेन्शियल वाला प्रदेश, प्रदेश के प्रत्येक सेक्टर में
कुछ न कुछ नया कार्य हुआ व सम्भावनाओं को नई उड़ान मिली : मुख्यमंत्री

दिव्यांगजन द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर, कुशीनगर पूर्वी
उ0प्र0 में इस सेक्टर को मजबूत करने का अभिनन्दनीय कार्य कर रहा

मथुरा में स्थित 750 महिला सदस्यों वाली मथुरा माँट मस्टर्ड उत्पादक
कम्पनी मस्टर्ड ऑयल का प्रोसेसिंग कर अच्छा मुनाफा कमा रही

प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से केन्द्रीय बजट में लखपति दीदी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में तैयार
प्रोडक्ट को मार्केट से लिंक करने के लिए शी-मार्ट की स्थापना की व्यवस्था की गई

देश में फर्टिलाइजर वितरण का सबसे अच्छा कार्य प्रदेश में हुआ

प्रदेश में क्रेडिट-डेबिट (सी0डी0) रेशियो 43 प्रतिशत से बढ़कर 61 प्रतिशत हुआ

प्रदेश सरकार बिजली से संचालित 16 लाख ट्यूबवेल के लिए निःशुल्क
बिजली तथा नहरों से निःशुल्क सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करा रही

उ0प्र0 गत 05 वर्ष से देश के रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के
रूप में देश की इकोनॉमी का ब्रेक-थ्रू बनकर उभरा

प्रदेश एथेनॉल तथा चीनी उत्पादन में देश में नंबर एक पर,
देश के कुल गन्ने का 55 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में हो रहा

प्रदेश सरकार कृषि में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स के उपयोग
की सम्भावनाओं के दृष्टिगत नए प्रयास को आगे बढ़ा रही

‘सहकार से समृद्धि की ओर‘ के भाव के साथ डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और
पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सहकारिता में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई


लखनऊ : 05 फरवरी, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश है। हमारी कार्य क्षमता व दक्षता से अनलिमिटेड पोटेंशियल तब दिखाई देगी, जब विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश तथा आत्मनिर्भर भारत के साथ आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का लक्ष्य प्राप्त होगा। इस प्रकार के सेमिनार इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी आज यहां उत्तर प्रदेश के प्राथमिक क्षेत्रों में ऋण सम्भाविता पर आयोजित राज्य ऋण संगोष्ठी 2026-27 में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने नाबार्ड द्वारा तैयार राज्य फोकस पेपर 2026-27 का विमोचन तथा ई-के0सी0सी0 पोर्टल का लोकार्पण किया। उन्होंने एफ0पी0ओ0, जिला सहकारी बैंक, महिला स्वयं सहायता समूह, पैक्स कम्प्यूटरीकरण तथा व्यावसायिक गतिविधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोगों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इस राज्य क्रेडिट सेमिनार में प्रगतिशील किसानों, एफ0पी0ओ0, एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में कार्य करने वाले उद्यमियों और को-ऑपरेटिव सेक्टर में पैक्स के माध्यम से सहकारिता आन्दोलन को धरातल पर उतारने वाले महानुभावों की सक्सेस स्टोरी को सभी के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। अन्य लोग भी इस दिशा में कार्य करते हुए इनकी सक्सेस स्टोरी का लाभ उठाकर अपने कैरियर को  नई ऊंचाई प्रदान कर सकते हैं। नाबार्ड ने आज यहां उत्कृष्ट कार्य करने वाले एफ0पी0ओ0, एस0एच0जी0, पैक्स, को-ऑपरेटिव बैंक्स को सम्मानित किया है। यह एक अच्छी पहल है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दिव्यांगजन द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर कुशीनगर में स्थित है। दिव्यांगजन को अपनी सक्सेस स्टोरी रखने के लिए प्लेटफार्म मिलना चाहिए। इस मिल्क प्रोड्यूसर में 1005 सदस्य हैं। यह मिल्क प्रोड्यूसर बुन्देलखण्ड में स्थित बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर की तर्ज पर कार्य कर रहा है। दिव्यांगजन ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इस सेक्टर को मजबूत करते हुए लोगों की आंखें खोलने का अभिनन्दनीय कार्य किया है।
मथुरा में स्थित 750 महिला सदस्यों वाली मथुरा माँट मस्टर्ड उत्पादक कम्पनी मस्टर्ड ऑयल का प्रोसेसिंग कर अच्छा मुनाफा कमा रही है। हमें इस दिशा में प्रयास करना चाहिए। यदि अन्नदाता व प्रगतिशील किसानों, एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में कार्य करने वाले हस्तशिल्पियों, कारीगरों तथा सहकारिता के प्रति रुचि रखने वाले लोगों को थोड़ा भी हम प्रोत्साहित करेंगे तो इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्वयं को स्थापित कर रहा है। आजादी के बाद पहली बार सहकारिता मंत्रालय कार्य कर रहा है। एफ0पी0ओ0 तथा महिला स्वयंसेवी समूहों को प्रत्येक स्तर पर प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से लखपति दीदी द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में तैयार प्रोडक्ट को मार्केट से लिंक करने के लिए शी-मार्ट की स्थापना की व्यवस्था इस बार के यूनियन बजट में की गई है। अनेक प्रोत्साहनों तथा मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप सभी सेक्टर तेजी के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश की स्थिति अत्यन्त दयनीय थी। यहां न विकास था, और न ही रोजगार। प्रदेश के को-ऑपरेटिव सेक्टर में माफिया हावी थे। रिर्जव बैंक ने प्रदेश के 16 जिला सहकारी बैंकों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया था। आज इन 16 सहकारी बैंकों में से 15 बैंक लाभ की स्थिति में हैं। 16वें बैंक को भी प्रॉफिट की स्थिति में लाया जा रहा है। उनके टर्नओवर तथा क्रेडिट सीमा को बढ़ाया गया है। देश में फर्टिलाइजर वितरण का सबसे अच्छा कार्य प्रदेश में हुआ है। कृषि और सहकारिता विभाग के सम्मिलित प्रयास से सहकारिता फिर से एक नए आन्दोलन व अभियान के रूप में आगे बढ़ चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार की नीयत साफ हो तो उसके परिणाम भी स्पष्ट दिखाई देते हैं। सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद‘ योजना के माध्यम से एम0एस0एम0ई0 सेक्टर को प्रोत्साहित किया। परिणामस्वरूप, आज उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है, जो अपने यहां एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में 05 लाख रुपये की सुरक्षा बीमा का कवर प्रदान करता है। प्रदेश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाईयां कार्य कर रही हैं। 03 करोड़ परिवार आजीविका के लिए इसी सेक्टर पर निर्भर हैं। यह तब सम्भव हो पाया, जब सरकार ने ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना के अन्तर्गत स्थानीय उत्पादों की ब्राण्डिंग, टेक्नोलॉजी, मार्केट, पैकेजिंग, डिजाइनिंग आदि से जोड़ा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘एक जनपद एक उत्पाद’ योजना देश में ब्राण्ड बन चुकी है। प्रदेश में निर्यात 84,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 01 लाख 86,000 करोड़ रुपये हो चुका है। प्रधानमंत्री जी जब दुनिया के किसी देश में जाते हैं, तो वह वहां के राष्ट्राध्यक्षों को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट‘ योजना से जुड़े उत्पादों को उपहारस्वरूप प्रदान करते हैं। विगत 03 वर्षों से प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में ‘इण्टरनेशनल ट्रेड-शो‘ का आयोजन किया जा रहा है। गत वर्ष के आयोजन में प्रदेश के एफ0पी0ओ0 द्वारा किये गये बेहतरीन कार्य को सराहा गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक सेक्टर में कुछ न कुछ नया कार्य हुआ तथा सम्भावनाओं को नई उड़ान मिली है। विगत दिनों सम्पन्न स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक में अवगत कराया गया कि आज से 09 वर्ष पूर्व प्रदेश में क्रेडिट-डेबिट (सी0डी0) रेशियो मात्र 43 प्रतिशत था, जो बढ़कर 61 प्रतिशत हो गया है। इस रेशियो को प्रत्येक परिस्थिति में इस वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक 62 प्रतिशत तक पहुंचाना है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए यह लक्ष्य 65 प्रतिशत तय किया गया है।
वर्ष 2025 में स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी की बैठक के समय यह रेशियो 56 प्रतिशत था। उस समय 07 जनपद ऐसे थे, जहां सी0डी0 रेशियो 40 प्रतिशत था। इनमें प्रयागराज और अयोध्या जैसे जनपद सम्मिलित थे। वर्तमान में प्रयागराज और अयोध्या का सी0डी0 रेशियो 40 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका है। प्रदेश के एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट का सी0डी0 रेशियो भी 40 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका है। केवल तीन-चार जनपद ऐसे हैं, जिनका सी0डी0 रेशियो 40 प्रतिशत से नीचे है। इन जनपदों में इस रेशियो को बढ़ाने की दिशा में तेजी के साथ कार्य करने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बैंकर्स से भी अपील की गयी है कि शर्तों को थोड़ा शिथिल व सपोर्ट करने का पॉजिटिव भाव रखें। एफ0पी0ओ0 जिस सेक्टर में कार्य करना चाहते हैं, उस क्षेत्र से सम्बन्धित मास्टर ट्रेनर तैयार कर तथा छोटे-छोटे समूह बनाकर उनको ट्रेंड करें। उन्हें बैंक से लिंक किया जाए। ऋण पर ब्याज दर कम करें। पहले प्रदेश के लघु और सीमान्त किसानों से सहकारिता के क्षेत्र में ऋण पर 11 प्रतिशत ब्याज लिया जाता था। अधिक ब्याज दर के कारण ऋण न चुकाने से बैंकों का पैसा डूबता था। आज को-ऑपरेटिव बैंक ने ब्याज दर को कम किया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि को-ऑपरेटिव बैंकों का प्रयास होना चाहिए कि किसानों को 05 से 06 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराएं। इस कार्य में सरकार उनका सहयोग करेगी। यदि लघु और सीमान्त किसानों को आसान किश्तों में ऋण मिलेगा तो वह तेजी से निवेश करेगा तथा खेती में पैसा लगाएगा। उत्तर प्रदेश की स्थिति अन्य राज्यों से भिन्न है। प्रदेश में कृषि की लागत उतनी नहीं आएगी, जितनी अन्य राज्यों में आती है। क्योंकि उत्तर प्रदेश देश ही नहीं, बल्कि दुनिया का पहला ऐसा क्षेत्र है, जहां 86 प्रतिशत सिंचित भूमि है। यहां सिंचाई की बेहतर सुविधा है। किसान सबसे ज्यादा खर्च बीज, सिंचाई और किसी तकनीक को अपनाने में करता है। फर्टाइल लैण्ड, समय पर अच्छा बीज तथा सिंचाई के साधन उपलब्ध कराने से कृषि की लागत स्वयं ही कम हो जाती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 40 प्रतिशत किसान सिंचाई के लिए ट्यूबवेल पर निर्भर हैं। इनमें 16 लाख ट्यूबवेल बिजली से चलते हैं। इन ट्यूबवेलों को संचालित करने के लिए सरकार किसानों को निःशुल्क बिजली उपलब्ध करा रही है। नहरों से होने वाली सिंचाई भी निःशुल्क है। लगभग 01 लाख किसानों को सोलर पैनल भी दिया गया है। वित्त मंत्री से कहा गया है कि जो किसान ट्यूबवेल से सिंचाई करते हैं, यदि उन्हें सोलर पैनल उपलब्ध कराने की व्यवस्था आगे बढ़ा दें तो उन किसानों के साथ-साथ सरकार को भी सहायता मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश गत 05 वर्ष से देश के रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में देश की इकोनॉमी का ब्रेक-थ्रू बनकर उभरा है। आज से 10 वर्ष पूर्व, प्रदेश में सबसे अच्छा मैन पावर, फर्टाइल लैण्ड, जल संसाधन था, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में हमारा योगदान मात्र 08 प्रतिशत था। आज यह 9.5 प्रतिशत पहुंच चुका है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था देश में 08वें-09वें स्थान पर थी, जो आज दूसरे नम्बर पर पहुंच चुकी है। वर्ष 2016 में प्रदेश की जी0एस0डी0पी0 केवल 11 लाख 70 हजार करोड़ रुपये थी, जो इस वित्तीय वर्ष में 31 मार्च तक 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी।
वर्ष 2016 में प्रति व्यक्ति आय 43 हजार रुपये थी, जो आज लगभग तीन गुना बढ़कर 01 लाख 20 हजार रुपये तक पहुंच चुकी है। प्रदेश का फिसकल डेफिसिट 03 प्रतिशत से कम है। यह प्रदेश के वित्तीय प्रबन्धन का बेहतर उदाहरण है। प्रदेश में टैक्स रेवेन्यू में 60 प्रतिशत की वृद्धि और पिछले 08-09 वर्षों में प्रदेश के लोगों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया। देश में सबसे कम दाम पर डीजल-पेट्रोल उत्तर प्रदेश में मिलता है। जब सरकार की कार्य करने की क्षमता होती है तब इस प्रकार के रिजल्ट आते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में कृषि विकास दर 08 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कृषि ऋण का लक्ष्य पहले की तुलना में 13 प्रतिशत बढ़कर वर्ष 2026-27 के लिए 03 लाख करोड़ रुपये हो चुका है। हमें टेक्नोलॉजी, इरीगेशन, स्टोरेज और प्रोसेसिंग की दिशा में नए निवेश को आगे बढ़ाना होगा। किसानों को लागत का डेढ़ गुना लाभ की गारण्टी एम0एस0पी0 के माध्यम से मिल सकती है, लेकिन ज्यादा मुनाफे के लिए उन्हें वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ना पड़ेगा। एफ0पी0ओ0 इस कार्य में बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार डी0बी0टी0 के माध्यम से किसानों के खाते में धनराशि भेजकर एम0एस0पी0 का लाभ प्रदान कर रही है। आज प्रदेश ने खाद्यान्न के लक्ष्य को बेहतरीन दिशा में आगे बढ़ाया है। देश की 17 प्रतिशत आबादी प्रदेश में निवास करती है। यहां देश की कुल कृषि योग्य भूमि मात्र 11 प्रतिशत है, लेकिन प्रदेश के अन्नदाता किसान भारत के कुल खाद्यान्न का 21 प्रतिशत से अधिक उत्पादन कर रहे हैं। इसको वैल्यू एडिशन के साथ जोड़ना तथा ग्लोबल मार्केट की डिमाण्ड के अनुसार उत्पादित खाद्यान्न को एक्सपोर्ट योग्य बनाना आवश्यक है।
कृषि उत्पादों में फर्टिलाइजर, केमिकल तथा पेस्टीसाइड की मात्रा न्यूनतम करने की दिशा में नेचुरल फार्मिंग एक नया विकल्प है। इस पद्धति को जिन किसानों ने अपनाया, उनकी लागत कम हुई तथा 12 हजार से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की बचत हुई है। हमें इस दिशा में और अधिक प्रयास करना होगा। तकनीक इसमें बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डी0एस0आर0 पद्धति से धान पैदा करने वाले किसानों ने ढाई गुना अधिक मुनाफा कमाया है। कम लागत पर अधिक उत्पादन हुआ है। वर्ष 2000 से 2017 के बीच गन्ना किसानों को कुल 02 लाख 14 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। वर्ष 2017 से वर्ष 2025 के बीच कुल 09 वर्षों में 03 लाख करोड़ रुपये गन्ना किसानों के खाते में सीधे धनराशि प्रेषित की गयी है। वर्तमान में गन्ना किसानों को प्रति कुन्तल 400 रुपये गन्ने की कीमत प्रदान की जा रही है। यह सरकार द्वारा उठाए गए सकारात्मक कदमों का परिणाम है।
आज प्रदेश एथेनॉल तथा चीनी उत्पादन में देश में नंबर एक पर है। देश के कुल गन्ने का 55 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में हो रहा है। प्रदेश में एथेनॉल उत्पादन 41 करोड़ लीटर से बढ़कर 182 करोड़ लीटर हो चुका है। जो धनराशि पहले देश से बाहर जाती थी, आज वही धनराशि ब्लेण्डेड एथेनॉल के माध्यम से हमारे अन्नदाता किसानों के खाते में जा रही है। यह एक एश्योर्ड कैश फ्लो है। डिजिटल गवर्नेंस में ई-के0सी0सी0 पोर्टल में ऋण स्वीकृति का समय काफी कम हो चुका है। पहले के0सी0सी0 के माध्यम से ऋण प्राप्त करने में किसानों को 25 दिन से 01 महीने का समय लग जाता था। आज किसानों को ई-के0सी0सी0 के माध्यम से मात्र 05 मिनट में ऋण की सुविधा प्राप्त होती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि में आर्टिफिशियल इन्टेलीजेन्स के उपयोग की सम्भावनाओं के दृष्टिगत नए प्रयास को आगे बढ़ा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से वर्तमान केन्द्रीय बजट में ए0आई0 कृषि प्लेटफार्म की घोषणा हुई है। इस दिशा में नए प्रयास को हमें आगे बढ़ाना चाहिए। प्रदेश में को-ऑपरेटिव क्षेत्र का आधुनिकीकरण हो रहा है। ‘सहकार से समृद्धि की ओर‘ के भाव के साथ डिजिटलीकरण, ई-गवर्नेंस और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से सहकारिता में सुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हुई है। प्रदेश सरकार देश में पहली बार विश्व बैंक के सहयोग से एग्रीटेक पर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें एग्रीकल्चर, एम0एस0एम0ई0, एग्रीटेक महिला, युवा उद्यमी पर फोकस करना होगा। बैंक की ब्याज दरों को कम तथा ट्रेनिंग पर कार्य करना होगा। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में क्लाइमेटिक तथा एग्रीकल्चर जोन के अनुसार कृषि विज्ञान केन्द्र तथा कृषि विश्वविद्यालय स्थापित हैं। यदि इन सब को केन्द्र बनाकर कार्य करेंगे तो प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप वर्ष 2027 में भारत को तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने और वर्ष 2029-30 तक प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में सहायता मिलेगी।
इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ‘एक जनपद एक उत्पाद‘ पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कार्यक्रम को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक श्री पंकज कुमार तथा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक श्री पंकज कुमार ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण व शासन प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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